‘अमृत’ है गाय का घी, ठंडे पानी में 100 बार फेंटने पर बनती है ऐसी औषधि….

‘अमृत’ है गाय का घी, ठंडे पानी में 100 बार फेंटने पर बनती है ऐसी औषधि……….

 

आज लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग हो गए हैं, क्योंकि व्यस्त जीवनशैली में सबका खान-पान, रहन-सहन ठीक नही हो पाता है। इसी वजह से अधिकतर लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इसलिए अपनी सेहत को देखते हुए ज्यादातर लोग कम घी और तेल वाला खाना खाते हैं, क्योंकि घी और तेल में वसा की मात्रा अधिक होती है जो कि बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ मानी जाती है। डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, घी से पाचन सुधरता है और यह वजन घटाने में सहायक होता है।

घी का इस्तेमाल दिल के मरीजों के लिए वर्जित माना जाता है, लेकिन यह जानकर हैरानी होगी कि गाय के घी से दिल के मरीजों का भी स्वास्थ्य ठीक किया जा सकता है। क्योंकि इसमें वसा की मात्रा बहुत ही कम होती है। स्वास्थ्य के लिए गाय का घी ‘अमृत’ के समान है। इसके अलावा गाय के घी से हर तरह के रोग ठीक हो सकते हैं, क्योंकि देसी गाय के घी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं।

कई शोधों में निष्कर्ष निकला है कि गाय के घी से हवन किया जाए तो उससे लगभग 1 टन ऑक्सीजन निकलती है। तो आइए देसी गाय के घी के गुणकारी उपयोगों के बारे में जानते हैं –

मेटाबॉलिज्म को रखे संतुलित

गाय के घी में फैट एसिड कम होता है, जिससे खाना जल्दी पच जाता है। गाय के घी से मेटाबॉल्जिम संतुलित रहता है और इससे मोटापा भी कम होता है। मेटाबॉलिज्म का कार्य है शरीर की वसा को ऊर्जा में परिवर्तित करना।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कार्य

कैल्शियम शरीर के ब्लड सेल्स को नुकसान न पहुंचाए, इसलिए गाय के घी में मौजूद K-2 तत्व इसे रोकने का काम करता है, जिससे रक्त संचार भी ठीक तरह से होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। यही कारण है कि स्वस्थ रहने के लिए हमेशा दूध पीने की सलाह दी जाती है। वहीं रोगियों को भी जल्द स्वस्थ होने के लिए दूध दिया जाता है, क्योंकि इससे उनका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

माइग्रेन, एलर्जी व नाक की समस्या का इलाज

गाय का घी सिरदर्द की समस्या को दूर करने का सबसे बढ़िया इलाज है। इसके लिए दो बूंद गाय का घी नाक में रोज सुबह-शाम डालने से माइग्रेन की समस्या ठीक हो जाती है और यही इलाज एलर्जी और नाक की खुश्की की समस्या दूर करने में भी किया जाता है। साथ ही बाल झड़ना भी कम हो जाता है।

शारीरिक और मानसिक क्षमता में इजाफा

गाय के घी की नियमित मालिश से शारीरिक और मानसिक ताकत बढ़ती है और यदि पुराने घी से बच्चों की छाती व पीठ पर मालिश की जाए तो उनकी सर्दी भी जल्दी ठीक हो जाती है और अत्यधिक कमजोरी लगने पर एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी डालकर पीने से ऊर्जा मिलती है। डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, घी का सेवन शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है।

स्तन और आंत के कैंसर से बचाव

गाय के घी में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर से लड़ने की क्षमता रखते हैं और कैंसर को फैलने से भी रोकते हैं, इसलिए आंत के कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर की आशंका गाय के घी के नियमित सेवन से कम होती है।

आंखों की रोशनी बढ़ाता है

आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी गाय का घी काफी लाभप्रद माना जाता है। एक चम्मच गाय के घी में एक चम्मच शक्कर और एक चुटकी पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर दूध के साथ खाली पेट सुबह-शाम खाने से आंखों की ज्योति बढ़ती है।

त्वचा के लिए सर्वोत्तम औषधि

ठंडे पानी में गाय का घी सौ बार फेंटने से यह औषधी का रूप ले लेता है, जिसे त्वचा पर लगाने से चर्म रोग की बीमारियां ठीक की जा सकती हैं और साथ भी चेहरे की चमक बढ़ाने में भी गाय का घी उत्तम माना जाता है।

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