ग्रधसी या सायटिका रोग के लिए अचूक उपचार…………

ग्रधसी या सायटिका रोग के लिए अचूक उपचार…………

 

ग्रधसी या सायटिका का दर्द स्नायु तंत्र के विकार से होने वाला एक सामान्य दर्द है , इस दर्द में असहनीय पीड़ा होती है तथा यह कूल्हों से निचे जांघो के पिछले हिस्से में अधिक होता है ,कभी -कभी यह पेरो तक भी चला जाता है .

अधिकांश लोगों को निरंतर ठंड में रहने से या आद्र स्थानों पर रहने से इस दर्द की उत्पति होती है ,आयुर्वेद में इसकी उत्पति वायु विकार से होनी मणि गयी है .

वात और कफ के कुपित होने से भी यह रोग हो जाता है ,ग्रधसी के दर्द में कब्ज रहने से रोग बढ़ता है ,अत;कब्ज ना होने दे .

उपचार –

ग्रधसी की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए एरंड सर्वाधिक प्रचलित व प्रसिद्ध ओषधि है .

दो चम्मच एरंड पाक रात को सोने से पूर्व गरम पानी या दूध से लेने पर आशातीत लाभ होता है ,योगराज गूगल की दो-दो गोलिया दिन में चार बार दूध या गर्म पानी के साथ लेना हितकर है

प्रभावित अंगो पर सेन्धवादी तेल या महाविषगर्म तेल की मालिश करने से राहत महसूस होती है ,इसके बाद गरम सेक भी करे तो और अधिक लाभ होगा .

विरेचन के लिए 50 मिली ग्राम .गूगल तिक्त घर्त को शहद की 10 ग्राम मात्रा में मिलाकर रोगी को दे .इसके अतिरिक्त

वातंगजकूश की 240 मिली ग्राम .मात्रा तीन ग्राम वेशावरा चूर्ण के साथ दिन में दो बार भोजन के बाद लेने से आश्चर्यजनक लाभ होता है .

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