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जगन्नाथ पुरी से जुड़े हुए इन रोचक तथ्यों से अभी तक लोग हैं अनजान, जानिए कुछ चमत्कारिक बातें

देश भर में ऐसे बहुत से धार्मिक स्थान है जिनके प्रति लोगों की अटूट आस्था जुड़ी हुई है, इन्हीं धार्मिक स्थलों में से एक जगन्नाथ पुरी मंदिर है, यह मंदिर उड़ीसा के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है, हिंदू धर्म के चार तीर्थों में से एक इस मंदिर को प्रमुख माना जाता है, इस मंदिर के अंदर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी की पूजा आराधना होती है, आप सभी लोगों ने जगन्नाथ पुरी मंदिर के बारे में बहुत सी बातें सुनी होगी लेकिन आज हम आपको जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े हुए कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जिनके बारे में अभी तक बहुत कम लोगों को ही जानकारी होगी।

जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े हुए रोचक तथ्य

  • अगर हम जगन्नाथ पुरी मंदिर की खासियत की बात करें तो इस मंदिर के अंदर जो जगन्नाथ की मूर्ति बनी हुई है वह नीम की लकड़ी से निर्मित है, जो कि अंदर से खोखली है मान्यता अनुसार इस मूर्ति के अंदर भगवान श्री कृष्ण जी स्वयं निवास करते हैं, इस मंदिर के प्रति लोगों का विश्वास देखने को मिलता है।
  • जगन्नाथ पुरी मंदिर के शीर्ष पर जो सुदर्शन चक्र लगा हुआ है अगर आप उसको किसी भी दिशा से देखते हैं तो वह आपको सामने ही नजर आता है।

  • जगन्नाथ पुरी मंदिर के शिखर पर कोई भी जहाज या फिर कोई भी पक्षी आपको उड़ता हुआ नजर नहीं आएगा।
  • सबसे विशेष बात जगन्नाथ पुरी मंदिर की यह है कि इस मंदिर के गुबंद की छाया कभी भी जमीन पर नहीं पड़ती है।
  • भगवान जगन्नाथ पूरी के इस मंदिर के शिखर पर जो झंडा लगा हुआ है वह हमेशा हवा की दिशा में नहीं बल्कि हवा की विपरीत दिशा में लहराता रहता है।
  • अगर हम सामान्य जगहों की बात करें तो दिन में चलने वाली हवा की दिशा समुंदर से धरती की ओर तथा रात के समय दिशा विपरीत हो जाती है परंतु इस मंदिर के स्थान पर इससे बिलकुल विपरीत ही होता है, कहने का मतलब यह है कि दिन के समय हवा धरती से समुद्र की और बहती है।
  • अगर आप जगन्नाथ पुरी मंदिर में जाएंगे तो आपको इस मंदिर के बाहर समुद्र की आवाज सुनाई देगी परंतु इस मंदिर में प्रवेश करते ही समुद्र से आने वाली आवाज बिल्कुल भी सुनाई नहीं देती है।

  • जगन्नाथ पुरी मंदिर में लाखों श्रद्धालु रोजाना भोजन करते हैं लेकिन आज तक इस मंदिर के अंदर कभी भी अनाज का भाव नहीं हुआ है, इतना ही नहीं इस मंदिर में प्रसाद 7 बर्तनों को एक के ऊपर एक रखकर बनाया जाता है और नीचे लकड़ी जलती है और सभी बर्तनों का प्रसाद तैयार हो जाता है।

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