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रामायण से जुड़ी हुई रहस्यमई जानकारी, जिनसे अभी तक दुनिया है बेखबर

आप सभी लोग रामायण की कहानी सुनते ही आ रहे हैं, आप लोगों ने किसी ना किसी के मुंह से या फिर टीवी के माध्यम से रामायण के बारे में बहुत सी जानकारियां सुनी होगी, भगवान श्री राम जी और माता सीता जी के जन्म और जीवन यात्रा का वर्णन जिस महाकाव्य में किया गया है उसको “रामायण” के नाम से लोग जानते हैं, वैसे देखा जाए तो सामान्य तौर पर ऐसी मान्यता है कि रामायण की रचना “ऋषि बाल्मीकि जी” ने की थी परंतु इनके अतिरिक्त अन्य संतों और वेद पंडितों जैसे तुलसीदास, संत एकनाथ आदि ने इनके अन्य संस्करणों की भी रचना की थी, हर एक संस्करण में भिन्न-भिन्न तरीकों से रामायण की कहानी का उल्लेख मिलता है।हम सभी लोगों ने रामायण की कथा तो अवश्य सुनी होगी और इससे जुडी हुई बहुत सी बातों का पता होगा परंतु आज हम आपको रामायण से जुड़े हुए जिन बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं उनको बहुत कम लोग ही जानते हैं।

चलिए जानते हैं रामायण से जुड़ी हुई इन रहस्यमई जानकारियों के बारे में

  • ऋषि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण के अंदर 24000 श्लोक मौजूद है और प्रत्येक 1000 श्लोक के पश्चात आने वाले पहले अक्षर से गायत्री मंत्र बनता है और गायत्री मंत्र में कुल 24 अक्षर होते हैं।
  • आजकल के समय में ज्यादातर सभी लोगों को इस बात की जानकारी है कि भगवान श्री राम जी के माता पिता कौन है और उनके भाई कौन है? परंतु बहुत से कम लोग ऐसे हैं जिनको इस बात का पता है कि भगवान श्री राम जी की एक बहन भी थी जिसका नाम शांता था और इनकी बहन चारों भाइयों से काफी बड़ी थी, इनकी माता का नाम कौशल्या था।

  • आप सभी लोग जानते हैं की भगवान श्री राम जी विष्णु जी के अवतार हैं परंतु क्या आप लोग इस बात को जानते हैं कि उनके अन्य भाई किसके अवतार थे? आपको बता दें कि शेषनाग के अवतार लक्ष्मण जी माने जाते हैं, क्षीर सागर में भगवान विष्णु जी का आसन है, भरत और शत्रुघ्न भगवान श्री विष्णु जी के सुदर्शन चक्र और शंख शैली के अवतार है।

  • सीता जी के स्वयंवर में भगवान शिव जी के धनुष का इस्तेमाल किया गया था लेकिन कम लोगों को ही इस बात की जानकारी है कि भगवान शिव जी के उस धनुष का नाम पिनाक था।

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