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डार्क सर्कल (Dark Circle) का जड़ से करें सफाया, इस चमत्कारिक घरेलु उपाय से

डार्क सर्कल (Dark Circle) का जड़ से करें सफाया, इस चमत्कारिक घरेलु उपाय से…………..

 

अगर आपकी आंखों के नीचे डार्क सर्कल हैं तो इन्हें अवॉइड करने के बजाय उसके लिए सही उपाय करने शुरू कर दीजिए। ऐसा न हो कि बहुत देर हो जाए और आप की खूबसूरती पर हमेशा के लिए एक दाग लग जाए। डार्क सर्कल न केवल खूबसूरती से जुड़ी एक प्रॉब्लम है बल्क‍ि इसका सेहत से भी गहरा संबंध है।

डार्क सर्कल किसी को भी हो सकते हैं। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप स्त्री है या पुरुष. टीनएज के बाद कभी भी किसी को भी डार्क सर्कल की प्रॉब्लम हो सकती है।

त्रिफला को पाचन क्रिया के लिए शानदार माना जाता है। लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि आंखों के लिए भी त्रिफला बहुत फायदेमंद होता है। त्रिफला जल के इस्‍तेमाल से डार्क सर्कल और आंखों की कई समस्‍याओं को दूर किया जा सकता है।

आंखों की सूजन और डार्क सर्कल :-

आंखें बहुत कीमती होती हैं। यह आपको दुनिया से रूबरू कराती हैं। लेकिन आंखें आपके शरीर का सबसे संवेदनशील अंग होती हैं। लेकिन, क्‍या आप अपनी आंखों को जरूरी आराम देते हैं। घंटों आपकी नजरें कंप्‍यूटर और मोबाइल पर गढ़ी रहती हैं। इससे आपकी आंखें थक जाती हैं।

आंखों का मेकअप भी उन पर बुरा असर डालता है, इससे आपको सूजी व रूखी आंखें और डार्क सर्कल जैसी परेशानियां हो सकती हैा। साथ ही आपकी दृष्‍टि‍ पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में त्रिफला चूर्ण आपके काफी काम आ सकता है। यह आयुर्वेदिक उपचार आपकी आंखों की इन सब समस्‍याओं से बचाने में मददगार हो सकता है।

आंखों की देखभाल :-

आंखों को अच्‍छे से धोने से, उनकी सेहत पर अच्‍छा असर पड़ता है। ऐसा करने से आंखें ताजा महसूस करती हैं और उनकी थकान और रूखापन भी दूर होती है। इसके साथ ही आंखों के आसपास की छोटी मसल्‍स की मसाज करने से भी आंखों को आराम मिलता है। खासतौर पर जब आप घंटों कंप्‍यूटर पर काम करते हैं।

त्रिफला का कमाल :-

आयुर्वेद के अनुसार, त्रिफला में कई स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक गुणों के कारण यह पाचन क्रिया के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही इसका सेवन आंखों के लिए लाभकारी माना जाता है। अगर आप आंखें धोने के लिए त्रिफला का इस्‍तेमाल करते हैं, तो इससे भी आपकी आंखों को बहुत फायदा होगा।

त्रिफला तीन हर्बल उत्‍पादों आंवला, हरतकी और बिहितकी से मिलकर बनता है। यह नेचुरल ब्‍लड प्‍यूरीफायर और आई टॉनिक है। यह आंखों के आसपास की मांसपेशियों को अच्‍छी तरह काम करने में मदद करता है।

त्रिफला जल बनाने के उपाय :-

इसे बनाने के लिए आपको पानी और त्रिफला पाउडर की जरूरत होगी। दो गिलास पानी में दो चम्‍मच त्रिफला पाउडर मिलायें और इसे आठ घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। बेहतर होगा अगर आप इसे रात भर ऐसा ही रहने दें। अगली सुबह इस मिश्रण को करीब दस मिनट तक उबालें। और फिर इस मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। आप चाहें तो इसे ठंडा करने के लिए फ्रिज में भी रख सकते हैं।

अपना चेहरा और आंखें धोयें :-

जब यह मिश्रण ठंडा हो जाए तो इसे अच्‍छे से छान लें। अब इस ठंडे पानी से अपना चेहरा और आंखें धोयें। याद रखें चेहरा धोते समय आपको साबुन लगाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद दोनों हाथों में थोड़ा त्रिफला का पानी लें। और अपने दोनों हाथों को अपनी दोनों आंखों पर रख दें। अपनी आंखें खुली रखें ताकि वे त्रिफला के पानी में डूब जाएं। अपनी पलकें झपकाकर इस पानी को फेंक दें। इस प्रक्रिया को तीन बार दोहरायें। इसके बाद अपने चेहरे और आंखों को तौलिये से सुखा लें। इसके बाद आप अपनी आंखों के लिए यहां दिये कुछ उपायों को अपनायें।

अपनी आंखों को दें आराम :-

इस कदम में आपको खीरे के दो टुकड़ों, गुलाब या तुलसी कुछ पत्तियों की जरूरत होगी। ये सब ठंडी होनी चाहिये ताकि इससे आंखों को आराम मिल सके। शवासन में लेट जाइये और आंखें बंद करके इनमे से कुछ भी अपनी आंखों पर रखिेये। इसके बाद गुलाब जल में रूई के फोहे को डुबोकर उसे इसके ऊपर रखें। आप चाहें तो इसके ऊपर एक कोमल मखमल का टुकड़ा भी बांध सकते हैं।

आंखों की एक्सरसाइज :-

जब आप शवासन में लेटे हों तो किसी खूबसूरत चीज के बारे में विचार करें। अगर आप ऐसा न कर पा रहे हों, तो ध्यापन अपनी सांसों की ओर लगाने का प्रयास करें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी आंखों को घड़ी की दिशा में और उसकी विपरीत दिशा में घुमायें। इसके बाद आंखों को संख्या। आठ की मुद्रा में घुमायें। इसके बाद पहले अपने पैरों और फिर अपनी आंखों को देखने का प्रयास करें। इसके बाद दायें-बायें देखें। कुछ समय तक इसी पोजीशन में रहें। इस पूरे चक्र को पांच बार दोहरायें।

आराम करें :-

आंखों की एक्‍सरसाइज के बाद, थोड़ी देर आराम करें। अपने दिमाग को शांत करें और अच्‍छी बातों के बारे में सोचें। बीस मिनट तक शवासन में रहें और फिर धीरे-धीरे अपने पंजों और फिर शरीर के ऊपरी भाग को हिलायें। अपनी हथेलियों को आपस में मलें और फिर इन्‍हें अपनी आंखों पर रखें। ढंकीं आंखों को ही खोलें ताकि आंखों को अचानक तेज रोशनी का सामना न करना पड़े।

अन्‍य टिप्‍स :-

इस क्रिया को दिन के आखिर में करें। इससे आपको शांत रहने में मदद मिलेगी। अपनी आंखों पर गर्म या गुनगुना पानी न डालें। आंखों पर पानी के छींटे न मारें इससे उन्‍हें नुकसान हो सकता है। अगर आपकी आंखों में संक्रमण हे या फिर आपने हाल ही में आंखों का ऑपरेशन आदि करवाया है, तो इस पूरी प्रक्रिया को अपनाने से पहले अपने डॉक्‍टर से परामर्श अवश्‍य करें।

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