ग्रधसी या सायटिका रोग के लिए अचूक उपचार…………

ग्रधसी या सायटिका रोग के लिए अचूक उपचार…………

 

ग्रधसी या सायटिका का दर्द स्नायु तंत्र के विकार से होने वाला एक सामान्य दर्द है , इस दर्द में असहनीय पीड़ा होती है तथा यह कूल्हों से निचे जांघो के पिछले हिस्से में अधिक होता है ,कभी -कभी यह पेरो तक भी चला जाता है .

अधिकांश लोगों को निरंतर ठंड में रहने से या आद्र स्थानों पर रहने से इस दर्द की उत्पति होती है ,आयुर्वेद में इसकी उत्पति वायु विकार से होनी मणि गयी है .

वात और कफ के कुपित होने से भी यह रोग हो जाता है ,ग्रधसी के दर्द में कब्ज रहने से रोग बढ़ता है ,अत;कब्ज ना होने दे .

उपचार –

ग्रधसी की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए एरंड सर्वाधिक प्रचलित व प्रसिद्ध ओषधि है .

दो चम्मच एरंड पाक रात को सोने से पूर्व गरम पानी या दूध से लेने पर आशातीत लाभ होता है ,योगराज गूगल की दो-दो गोलिया दिन में चार बार दूध या गर्म पानी के साथ लेना हितकर है

प्रभावित अंगो पर सेन्धवादी तेल या महाविषगर्म तेल की मालिश करने से राहत महसूस होती है ,इसके बाद गरम सेक भी करे तो और अधिक लाभ होगा .

विरेचन के लिए 50 मिली ग्राम .गूगल तिक्त घर्त को शहद की 10 ग्राम मात्रा में मिलाकर रोगी को दे .इसके अतिरिक्त

वातंगजकूश की 240 मिली ग्राम .मात्रा तीन ग्राम वेशावरा चूर्ण के साथ दिन में दो बार भोजन के बाद लेने से आश्चर्यजनक लाभ होता है .

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

बढती उमर में बिसेष लाब्कारी है त्रिफला जाने इसके फ़ायदे ………….

बढती उमर में बिसेष लाब्कारी है त्रिफला जाने इसके फ़ायदे …………….

 

 

त्रिफला एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक रासायनिक फ़ार्मुला है जिसमें अमलकी (आंवला (Emblica officinalis)), बिभीतक (बहेडा) (Terminalia bellirica) और हरितकी (हरड़ Terminalia chebula) को बीज निकाल कर (1 भाग हरड, 2 भाग बहेड़ा, 3 भाग आंवला) 1:2:3 मात्रा में लिया जाता है। त्रिफला शब्द का शाब्दिक अर्थ है “तीन फल”।

संयमित आहार-विहार के साथ त्रिफला का सेवन करने वाले व्यक्तियों को हृदयरोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्ररोग, पेट के विकार, मोटापा आदि होने की संभावना नहीं होती। यह कोई 20 प्रकार के प्रमेह, विविध कुष्ठरोग, विषमज्वर व सूजन को नष्ट करता है। अस्थि, केश, दाँत व पाचन-संस्थान को बलवान बनाता है। इसका नियमित सेवन शरीर को निरामय, सक्षम व फुर्तीला बनाता है। यदि गर्म पानी के साथ सोते समय एक चम्मच ले लिया जाए तो क़ब्ज़ नही रहता।
त्रिफला पाचन और भूख को बढ़ाने, लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने और शरीर में वसा की अवांछनीय मात्रा को हटाने में सहायता के लिए इस्तेमाल किया जाता है।मुँह में घुलने पर त्रिफला का उपयोग रक्त के जमाव और सिर दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके अन्य फ़ायदों में रक्त शर्करा के स्तरों को बनाए रखने में मदद करना और त्वचा के रंग और टोन में सुधार लाना शामिल हैं।

भारत में एक लोकप्रिय कहावत है, “माँ नहीं है? यदि आपके पास त्रिफला है, तो आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है” इसका सार यह है कि जिस तरह माँ अपने बच्चों की देखभाल करती है, उसी तरह त्रिफला शरीर के आंतरिक अंगों की देखभाल कर सकता है। त्रिफला की तीनों जड़ीबूटियाँ आंतरिक सफाई को बढ़ावा देती हैं, जमाव और अधिकता की स्थिति को कम करती हैं तथा पाचन एवं पोषक तत्वों के सम्मिलन को बेहतर बनाती हैं

कुछ लाभकारी योग

1. .रात को सोते वक्त 5 ग्राम (एक चम्मच भर) त्रिफला चूर्ण हल्के गर्म दूध अथवा गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज दूर होती है।
2. .त्रिफला व ईसबगोल की भूसी दो चम्मच मिलाकर शाम को गुनगुने पानी से लें इससे कब्ज दूर होती है।
3. इसके सेवन से नेत्रज्योति में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है।

4. सुबह पानी में 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण साफ़ मिट्टी के बर्तन में भिगो कर रख दें, शाम को छानकर पी लें। शाम को उसी त्रिफला चूर्ण में पानी मिलाकर रखें, इसे सुबह पी लें। इस पानी से आँखें भी धो ले। मुँह के छाले व आँखों की जलन कुछ ही समय में ठीक हो जायेंगे।

5. शाम को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगो दे सुबह मसल कर नितार कर इस जल से आँखों को धोने से नेत्रों की ज्योति बढती है।

6. एक चम्मच बारीख त्रिफला चूर्ण, गाय का घी10 ग्राम व शहद 5 ग्राम एक साथ मिलाकर नियमित सेवन करने से आँखों का मोतियाबिंद, काँचबिंदु, दृष्टि दोष आदि नेत्ररोग दूर होते हैं। और बुढ़ापे तक आँखों की रोशनी अचल रहती है।

7. त्रिफला के चूर्ण को गौमूत्र के साथ लेने से अफारा, उदर शूल, प्लीहा वृद्धि आदि अनेकों तरह के पेट के रोग दूर हो जाते हैं।

8. त्रिफला शरीर के आंतरिक अंगों की देखभाल कर सकता है, त्रिफला की तीनों जड़ीबूटियां आंतरिक सफाई को बढ़ावा देती हैं।

9. चर्मरोगों में (दाद, खाज, खुजली, फोड़े-फुंसी आदि) सुबह-शाम 6 से 8 ग्राम त्रिफला चूर्ण लेना चाहिए।

10. एक चम्मच त्रिफला को एक गिलास ताजे पानी में दो- तीन घंटे के लिए भिगो दे, इस पानी को घूंट भर मुंह में थोड़ी देर के लिए डाल कर अच्छे से कई बार घुमाये और इसे निकाल दे। कभी कभार त्रिफला चूर्ण से मंजन भी करें इससे मुँह आने की बीमारी, मुंह के छाले ठीक होंगे, अरूचि मिटेगी और मुख की दुर्गन्ध भी दूर होगी।

11. त्रिफला, हल्दी, चिरायता, नीम के भीतर की छाल और गिलोय इन सबको मिला कर मिश्रण को आधा किलो पानी में जब तक पकाएँ कि पानी आधा रह जाए और इसे छानकर कुछ दिन तक सुबह शाम गुड या शक्कर के साथ सेवन करने से सिर दर्द कि समस्या दूर हो जाती है।

12. त्रिफला एंटिसेप्टिक की तरह से भी काम करता है। इस का काढ़ा बनाकर घाव धोने से घाव जल्दी भर जाते है।

13. त्रिफला पाचन और भूख को बढ़ाने वाला और लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने वाला है।
14. मोटापा कम करने के लिए त्रिफला के गुनगुने काढ़े में शहद मिलाकर ले। त्रिफला चूर्ण पानी में उबालकर, शहद मिलाकर पीने से चरबी कम होती है।
15. त्रिफला का सेवन मूत्र-संबंधी सभी विकारों व मधुमेह में बहुत लाभकारी है। प्रमेह आदि में शहद के साथ त्रिफला लेने से अत्यंत लाभ होता है।
16. त्रिफला की राख शहद में मिलाकर गरमी से हुए त्वचा के चकतों पर लगाने से राहत मिलती है।
17. 5 ग्राम त्रिफला पानी के साथ लेने से जीर्ण ज्वर के रोग ठीक होते है।
18. 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण गोमूत्र या शहद के साथ एक माह तक लेने से कामला रोग मिट जाता है।
19. टॉन्सिल्स के रोगी त्रिफला के पानी से बार-बार गरारे करवायें।

20. त्रिफला दुर्बलता का नास करता है और स्मृति को बढाता है। दुर्बलता का नास करने के लिए हरड़, बहेडा, आँवला, घी और शक्कर मिला कर खाना चाहिए।

21. त्रिफला, तिल का तेल और शहद समान मात्रा में मिलाकर इस मिश्रण कि 10 ग्राम मात्रा हर रोज गुनगुने पानी के साथ लेने से पेट, मासिक धर्म और दमे की तकलीफे दूर होती है इसे महीने भर लेने से शरीर का सुद्धिकरन हो जाता है और यदि 3 महीने तक नियमित सेवन करने से चेहरे पर कांती आ जाती है।

22. त्रिफला, शहद और घृतकुमारी तीनो को मिला कर जो रसायन बनता है वह सप्त धातु पोषक होता है। त्रिफला रसायन कल्प त्रिदोषनाशक, इंद्रिय बलवर्धक विशेषकर नेत्रों के लिए हितकर, वृद्धावस्था को रोकने वाला व मेधाशक्ति बढ़ाने वाला है। दृष्टि दोष, रतौंधी (रात को दिखाई न देना), मोतियाबिंद, काँचबिंदु आदि नेत्ररोगों से रक्षा होती है और बाल काले, घने व मजबूत हो जाते हैं।

23. डेढ़ माह तक इस रसायन का सेवन करने से स्मृति,
24. एक वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर चुस्त होता है।
25. दो वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर निरोगी हो जाता हैं।
26. तीन वर्ष तक नियमित सेवन करने से नेत्र-ज्योति बढ जाती है।
27. चार वर्ष तक नियमित सेवन करने से त्वचा कोमल व सुंदर हो जाती है।
28. पांच वर्ष तक नियमित सेवन करने से बुद्धि का विकास होकर कुशाग्र हो जाती है।
29. छः वर्ष तक नियमित सेवन करने से शरीर शक्ति में पर्याप्त वृद्धि होती है।
30. सात वर्ष तक नियमित सेवन करने से बाल फिर से सफ़ेद से काले हो जाते हैं।
31. आठ वर्ष तक नियमित सेवन करने से वृद्धाव्स्था से पुन: योवन लोट आता है।

32. नौ वर्ष तक नियमित सेवन करने से नेत्र-ज्योति कुशाग्र हो जाती है और सूक्ष्म से सूक्ष्म वस्तु भी आसानी से दिखाई देने लगती हैं।

33. दस वर्ष तक नियमित सेवन करने से वाणी मधुर हो जाती है यानी गले में सरस्वती का वास हो जाता है।
34. ग्यारह वर्ष तकसेवन करने से वचन सिद्धि प्राप्त हो जाती है अर्थात व्यक्ति जो भी बोले सत्य हो जाती है।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

अगर पेट में मची हुई है खलबली तो फौरन करें ये काम, मिलेगी राहत………….

अगर पेट में मची हुई है खलबली तो फौरन करें ये काम, मिलेगी राहत…………….

 

अक्सर उल्टा सीधा खाने की वजह से लोग अगले दिन पेट में गड़बड़ी की शिकायत करने लगते हैं। पेट खराब होने पर आपको बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। जिससे कि शरीर का सारा पानी बाहर निकल जाता है। ऐसे में शरीर के अंदर काफी कमजोरी आ जाती है। पेट की समस्याएं होने पर दवाईयां तो काम आती हैं ही, लेकिन अगर आप चाहें तो कुछ घरेलू उपायों के जरिए भी इन समस्याओं को अलविदा कह सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे, जिसे अपनाकर इस परेशानी को जल्दी से ठीक किया जा सकता है।

अदरक

– पेट खराब होने पर अदरक का इस्तेमाल बहुत ही कारगर होता है। पेट खराब होने पर अदरक वाली चाय का सेवन कीजिए। इसका सेवन करने से आपको काफी राहत महसूस होगी।

-एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच अदरक रस, और दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। खराब पेट में यह लाभदायक होता है।

-जब भी अगर पेट खराब हो तो चिकन सूप को पीना ना भूलना चाहिए। क्योंकि ये हमारे शरीर के अंदर कोटिंग का काम करता है।

केले

-केले के सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं आती। इसलिए पेट खराब होने पर इसका सेवन जरूर कीजिए।

दही

-पेट खराब होने पर दही का सेवन कीजिए। क्योंकि दही पाचन क्रिया को सही रखने में मदद करता है।

गाजर के जूस 

-जब भी पेट खराब हो तो गाजर के जूस का सेवन जरूर कीजिए।

जीरा

-एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच जीरा डाल कर इसका सेवन कीजिए। ऐसा करने से कुछ ही वक्त में आपका पेट ठीक हो जाएगा।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

जोड़ों के दर्द से लेकर ब्लड प्रेशर तक कई बिमारियों का रामबाण इलाज है ये पत्ते………….

जोड़ों के दर्द से लेकर ब्लड प्रेशर तक कई बिमारियों का रामबाण इलाज है ये पत्ते…………

 

अरबी के पत्ते अपने औषधीय गुणों और सुस्वादु व्यंजनों के लिए मशहूर हैं। मगर क्या आपने जानते हैं कि यह अच्छी सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। जी हां, विटामिन ए, बी, सी, कैल्शियम, पोटेशियम और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर अरबी के पत्तें कई हैल्थ प्रॉब्लम को दूर करने में मददगार होते हैं।

तो आइए जानें अरबी के पत्तों के सेहत से जुड़े तमाम फायदों के बारे में। 

आंखों की रोशनी होगी तेज:

अरबी के पत्तों में मौजूद विटामिन ए की भरपूर मात्रा आँखों समेत शरीर के अन्य अंगों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका सेवन न सिर्फ आंखों की रोशनी तेज करता है बल्कि इससे आंखों की मांसपेशियों भी मजबूत हो जाती हैं।

जोड़ो के दर्द में मिलता है आराम:

अरबी के पत्ते जोड़ो के दर्द के लिए भी काफी फायदेमंद है। हफ्ते में कम से कम 2 बार इसकी सब्जी या काढ़ा बनाकर पीने से जोड़ों का दर्द गायब हो जाएगा।

तनाव से मिलेगी राहत:

इसका सेवन करने से आपका दिमाग शांत रहता है, जिससे स्ट्रेस, टेंशन और तनाव की समस्या दूर होती है। अगर आपको बात-बात पर गुस्सा आता है तो इसका सेवन आपके गुस्से को भी शांत करेगा।

पेट की तकलीफ होगी दूर:

अरबी के पत्ते को डंठल के साथ पानी में उबालकर उसमें थोड़ा घी मिला लें।। इसे 3 दिनों तक कम से कम दो बार लें। इससे आपकी पेट से जुड़ी सभी समस्याएं खत्म हो जाएगी।

कंट्रोल में रहता है ब्लड प्रेशर:

अरबी के पत्ते ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं। इसके पत्तों में सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशि‍यम जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं इसलिए इसका सेवन ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करता है।

दिल के लिए फायदेमंद:

अरबी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत कम होती है। यही वजह है कि इसका सेवन दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है। इतना ही नहीं, इसका सेवन हाई कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करता है।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

अगर रोज करेंगे इस फल का सेवन तो डॉक्टर से बनी रहेगी दुरी…………

अगर रोज करेंगे इस फल का सेवन तो डॉक्टर से बनी रहेगी दुरी…………..

 

आपने ये कहावत तो सुनी ही होगी, एन एप्पल ए डे कीप्स द डॉक्टर अवे। और इसमें गलत ही क्या है। जब भी स्वास्थ के लिए फलों की बात होती है, तो अक्सर पहला नाम सेब का ही आता है। सेब फलों में सबसे ज्यादा गुणकारी है। इसमें मौजूद विटामिन और पोषक तत्व हर तरह की बीमारी के लिए फायदेमंद है। मोटापा हो या फिर पेट से जुड़ी समस्याएं इसे खाने से बहुत राहत मिलती है। जो लोग खाली पेट रोजाना सुबह 1 सेब का सेवन करते हैं, उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो जाती है।

आइए जानें इससे मिलने वाले फायदे…

प्रतिरोधक क्षमता :-

-सेब में एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं जो हमारे शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इससे शरीर को विभिन्न प्रकार के संक्रमणों व रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है।

-सेब में उपस्थित पेक्टीन शरीर मे गेलेक्टेरुनिक एसीड उत्पन्न करता है जिससे इन्सुलिन की जरूरत कम हो जाती है।इस प्रकार सेब डायबीटीज में हितकारी है।

दमा से छुटकारा :-

-सांस की बीमारी यानि दमा से छुटकारा पाने के लिए सेब या फिर सेब के जूस का सेवन करें। सेब में मौजूद फ्लेवोनोइड्स फेफड़ों को ताकतवर बनाता है। इससे दमा रोग से राहत मिलती है।

-सेब में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व पाये जाते हैं।

-इसमें खनिज तत्व और विटामिन अधिक मात्रा में मौजूद रहते है।

-सेब में उपस्थित लोह तत्व से शरीर में नया खून बनने में मदद मिलती है।

-गुर्दे की पथरी वाले रोगियों को नियमित रूप से सेब इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

हृदय-रोगों में :-

-हृदय-रोगों में सेब अति गुणकारी सिद्ध हुआ है। उच्च रक्तचाप में इसका उपयोग लाभदायक है।इसमें अच्छी मात्रा में पोटेशियम और फ़ास्फ़ोरस पाया जाता और सोडियम नही के बराबर होता है। प्रतिदिन सेब का सेवन शरीर की धमनियों को सुचारु करता है।

-यह फाइबर का बड़ा स्रोत है जो कॉलेस्ट्रॉल को क्लॉट होने से रोकता है। इससे आपका दिल सेहतमंद रहेगा।

कैंसर :-

-विभिन्न शोधों में अब यह बात साबित हो चुकी है कि सेब में ऐसे कई तत्व हैं जो कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में मदद करते हैं। हां, सेब का यह फायदा तभी होगा जब आप इसे इसके छिलके सहित खाएंगे।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

किसी वरदान से कम नहीं हैं लहसुन, सुबह खाली पेट खा ले एक कली, फिर देखें कमाल………

किसी वरदान से कम नहीं हैं लहसुन, सुबह खाली पेट खा ले एक कली, फिर देखें कमाल……………

 

लहसुन का प्रयोग आमतौर पर खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन लहसुन को भूनकर और कच्चा खाने की भी परम्परा प्राचीन काल से रही है। आयुर्वेद में तो लहसुन को औषधि माना गया है। कहा जाता है कि किसी न किसी रूप में लहसुन को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। लहसुन शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है। वहीं खाली पेट लहसुन खाने के कई फायदे हैं। अगर आपके पेट में गैस हो रही है तो आप लहसुन को भूनकर खा सकते हैं, इससे आपको फौरन राहत मिलती है।

तो आइए आज हम आपको खाली पेट लहसुन खाने के फायदे बताते हैं। 

सुबह खाली पेट लहसुन खाने से रहेंगे फिट:

फिटनेस को लेकर हर कोई जागरूक रहता है। आप भी ऐसे लोगों में से एक हैं तो हर रोज सुबह खाली पेट एक या दो कच्चा लहसुन चबाएं और उसके बाद एक छोटा गिलास पानी पी लें। आपको कुछ दिन में फर्क साफ दिखने लगेगा। इससे आप दिन एक्टिव फील करेंगे और आपकी फिटनेस भी दिन ब दिन मजबूत होती जाएगी।

पेट की बीमारियां छूमंतर:

लहसुन खाने से पेट की समस्याओं में आराम मिलता है। लहसुन आपका पाचन, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं से राहत देने में मदद करता है। पानी उबालकर उसमें लहसुन की कलियां डाल लें। खाली पेट इस पानी को पीने से डायरिया और कब्‍ज से आराम मिलेगा।

ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता:

रोजाना खाली पेट लहसुन खाने से आपका ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ता है। लहसुन में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो । आपको हाई बीपी की समस्या में आराम दिलाते हैं। इसलिए आप सुबह खाली पेट लहसुन जरुर खाएं।

सर्दी, खांसी और जुकाम को रोकने में भी मददगार:

लहसुन खाने से आप सर्दी, खांसी और जुकाम से बचे रह सकते हैं। दरअसल लहसुन में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। यह हमारे शरीर को फ्लू के कारण होने वाली इन बीमारियों से बचाए रखने में मदद करता है। इसके लिए आप लहसुन हो हल्का भून कर भी खा सकते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली को करे मजबूत:

लहसुन की एक कली में 12 मिलीग्राम पोटेशियम, 5 मिलीग्राम कैल्शियम और सौ से अधिक सल्फ्यूरिक यौगिक होते हैं, जो संक्रमण और बैक्टीरिया को मारने के लिए पर्याप्त होते हैं। लहसुन के लाभों पर किए गए कई अध्ययनों से पता चलता है कि इसे खाली पेट खाने से यह एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीबायोटिक के रूप में कार्य करता है।

पौरुष शक्‍ति को देता है बढ़ावा:

लहसुन में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ाने का गुण पाया जाता है। यह पुरुषों की सेक्स लाइफ में सुधार करता है और उनकी मर्दाना ताकत को भी बढ़ाता है। हाल ही में किए गए एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार भी यह दावा किया गया कि जो पुरुष लहसुन खाना पसंद करते हैं महिलाएं उनके प्रति ज्यादा आकर्षित होती हैं।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

Lockdown: घर पर पड़े-पड़े हो सकते है मोटापे का शिकार, अपनाएं ये टिप्स………..

Lockdown: घर पर पड़े-पड़े हो सकते है मोटापे का शिकार, अपनाएं ये टिप्स…………..

 

देश में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन जारी हैं। ऐसे में छोटी बड़ी कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दे दी गई थी। मगर घर पर बैठकर ऑफिस का काम करने से लोगों में मोटापे की शिकायत बढ़ने लगी है। घर बैठे काम करना आसान लगता है, लेकिन असल में यह उतना आसान नहीं है। आपको ऑफिस में टेबल चेयर पर बैठकर एक सिस्टम पर काम करना होता है। मगर वर्क फ्रॉम होम में यह मुमकिन नहीं है। इस दौरान आप अपना लैपटॉप लेकर बिस्तर पर बैठकर या लेटकर काम करने लगते हैं।

ऐसा करने से कई बार स्ट्रेस काफी ज़्यादा लगने लगता है। इसके साथ ही पेट और कमर के आसपास की चर्बी भी बढ़ सकती है। और कई ऐसे भी हैं जो लॉकडाउन की वजह से घर में कैद हैं, घर पर रहकर लोग तनाव के कारण ज्यादा खाना खाते हैं और व्यायाम कम करते हैं, जिसके कारण मोटापा बढ़ने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में आपको कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनको अपनाकर पेट की चर्बी कम कर सकते हैं।

खुद को रखें बिजी:

अक्सर घर पर बैठ कर काम करने से दिमाग हर वक्‍त खाने की ओर दौड़ता है। ऐसे में आप बोर हो कर किचन में जा कर कुछ ऐसा स्‍नैक ढूंढते हैं जिसको खा कर कुछ टाइम पास कर सकें। मगर आपको यह आदत बदलनी होगी। कोशिश करें कि अपने वर्कस्‍पेस को किचन, पेंट्री या फिर फ्रिज से दूर रखें।

घुलनशील फाइबर का सेवन:

आप अपने आहार में उन पदार्थों को शामिल करें, जिनमें घुलनशील फाइबर ज्यादा पाया जाता है। यह फाइबर कैलोरी को सोख लेता है. इसके लिए आप अलसी का बीज, शिराताकी नूडल्स, ब्रसल स्प्राउट, एवोकेडो, फलियां और काले शहतूत का सेवन कर सकते हैं। बता दें कि इन फ़ूड में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

शारीरिक रूप से सक्रिय रहें:

कई लोगों के लिए घर से काम करने का अर्थ है बिस्तर या सोफे पर आराम से काम करना। लेकिन शारीरिक गतिविधि न होने की वजह से आप चाहे जितना भी हेल्‍दी खाएं आपका वजन बढ़ जाएगा। ऐसे में ऑफिस का काम शुरू होने के 1 घंटे पहले उठ कर घर की छत या बगीचे में थोड़ी बहुत एक्‍सरसाइज कर लें। या फिर काम के बीच में ही कुर्सी के आस-पास टहलें और सुस्ती को दूर करने के लिए अपनी मांसपेशियों को स्‍ट्रेच करें।

ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों न खाएं:

पेट की चर्बी का ट्रांस फैट से गहरा संबंध है। अगर आप ट्रांस फैट वाले पदार्थ ज्यादा खाते हैं, तो आपका वजन बढ़ सकता है।

तनाव से मुक्त रहें:

अगर आप तनाव ज्यादा लेते हैं, तो आपके कमर और पेट के आसपास की चर्बी को बढ़ सकती है, इसलिए आपको तनाव मुक्त रहना है। कई शोध में बताया गया है कि अगर कोर्टिसोल हार्मोन की मात्रा ज़्यादा होती है, तो आपको भूख काफी तेजी से लगती है। इससे पेट की चर्बी बढ़ जाती है।

अल्कोहल बहुत कम मात्रा में लें:

शराब का सेवन ज्यादा करने से भी बेली फैट यानी पेट की चर्बी बढ़ जाती है. ऐसे में आपको शराब का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए. आपको ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा हो. जैसे फिश, दाल, और बीन्स आदि।

लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाएं

लॉकडाउन में स्ट्रेस ईटिंग से बचने के लिए हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाना बहुत जरूरी है। भले ही आप घर में रह रहे हो, लेकिन आपको पोषक आहार जरूर लेना चाहिए। कम खाने से आपके शरीर में बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बेहतर रहेगा कि दिन में चार से पांच बार खाने के हिसाब से हेल्दी ईटिंग शेड्यूल बनाएं। ऐसा करने से आप अनहेल्दी खाने से बच जाएंगी। कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को हेल्दी फूड खाने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में आप खाने में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड को शामिल कर सकते हैं।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

कई आप तो नहीं फंस रहे कोरोना वायरस से जुडी इन अफवाहों में जानें इनकी सच्चाई……….

कई आप तो नहीं फंस रहे कोरोना वायरस से जुडी इन अफवाहों में जानें इनकी सच्चाई……………

 

देश में कोरोना वायरस का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दुनिया भर में इससे लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हैं और करीब एक लाख से अधिक लोग मर चुके हैं। इसलिए कोरोना को लेकर सही जानकारी किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से लें। किसी की बात पर आंख मूंद कर भरोसा करना ठीक नहीं। हालांकि कोरोना वायरस का प्रकोप जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार भी गर्म है।

करेले के रस से कोरोना का इलाज की अफवाह:

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि करेले के रस से कोरोना वायरस का इलाज संभव है।

सच्चाई-

करेले का रस सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसका कोई सबूत उपलब्ध नहीं है कि इससे कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है।

एक कटोरी लहसुन से कोरोना का इलाज अफवाह:

दावा किया जा रहा है कि चीनी वैज्ञानिक के अनुसार एक कटोरी लहसुन में कोरोना वायरस का इलाज मौजूद है।

सच्चाई-

एक कटोरी लहसुन से कोरोना वायरस का इलाज संभव है? इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

कुछ घंटे तक ही जीवित रहता है कोरोना वायरस की अफवाह:

सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस कुछ ही घंटों तक जीवित रह सकता है.

सच्चाई-

कोरोना वायरस कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक जीवित रह सकता है, क्योंकि विभिन्न परिस्थितियों में वायरस के जीवित रहने की क्षमता अलग-अलग होती है।

सांस रोकने वाली अफवाह:

अगर आप बिना किसी असुविधा के 10 सेकेंड से अधिक समय तक अपनी सांस रोक सकते हैं तो इसका मतलब है कि आप संक्रमण से मुक्त हैं।

सच्चाई-

बिनी किसी असुविधा के 10 सेकेंड से अधिक समय तक सांस रोक कर रखना इस बात को साबित नहीं करता है कि आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं।

विटामिन सी और संक्रमण से बचाव की अफवाह:

विटामिन सी युक्त चीजों का सेवन करने से कोरोना वायरस संक्रमण को ठीक करने में मदद मिलती है।

सच्चाई-

विटामिन सी युक्त आहार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर ढेरों फेक मैसेजेस और वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उन पर भरोसा करने से पहले ये जरूरी है कि हम उनकी सत्यता की जांच कर लें।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

अगर शरीर की इस कमी को कर लेंगे पूरी तो आप भी जीत जायेंगे कोरोना वायरस से जंग…

अगर शरीर की इस कमी को कर लेंगे पूरी तो आप भी जीत जायेंगे कोरोना वायरस से जंग………..

 

वर्तमान समय में पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही हैं। इस वायरस से 18 लाख से अधिक का संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 14 हजार से अधिक लोगों को मौत हो चुकी है। जब पूरी दुनिया कोरोनावायरस संक्रमण की चपेट में है, ऐसे में इस जानलेवा वायरस से बचने के लिए डॉक्टर्स ने कई बातें कही हैं। डॉक्टर्स ने कहा है कि इसके प्रकोप से बचने के लिए शरीर की मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जिस महिला-पुरुष की इम्यूनिटी पॉवर मजबूत होगी, उस पर कोरोना वायरस का ज्यादा असर नहीं होगा। किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉक्टर सुजाता देव ने कहा, प्रकृति ने हर जीवित शरीर में एक ऐसी व्यवस्था बनाई है, जो उसे नुकसानदेह जीवाणुओं, विषाणुओं और माइक्रोब्स वगैरह से बचाती है। इसे ही रोगप्रतिरोधक शक्ति या इम्यूनिटी कहा जाता है, जब बाहरी रोगाणुओं की तुलना में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ती है। ऐसा होना पर सर्दी, जुकाम, लू, खांसी, बुखार आदि बीमारियों से भी बचाव होता है।

कैसे बढ़ाएं इम्युनिटी

डॉक्टर्स के अनुसार, आहार में एंटीअक्सिडेंट की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। एंटीऑक्सीडेंट बीमार कोशिकाओं को दुरुस्त करते हैं और सेहत बरकरार रखते हुए उम्र के असर को कम करते हैं। विटामिन तथा जिंक रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं। हरी सब्जियों तथा फलों को विशेष रूप से भोजन में शामिल करें। भरपूर नींद तथा तनावमुक्त रहने का अभ्यास करें।

तेल मालिश :-

सूर्य की रोशनी में सवेरे तेल मालिश करने से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

विटामिन-डी रोग प्रतिरोधकता के लिए महवपूर्ण कारक है। सभी खट्टे फल इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते है।

सब्जियों का सूप पीना इम्यूनिटी तो बढ़ाता ही है, सर्दी-जुकाम में भी फायदा करता है।

सर्दी-जुकाम-खांसी वगैरह ज्यादा दिनों तक बनी रहे तो इसे सामान्य न समझें और इलाज कराएं।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .

रोज दूध में मिलाकर पिएं ये चीज, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ होते हैं ये अन्य कमाल के फायदे

रोज दूध में मिलाकर पिएं ये चीज, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ-साथ होते हैं ये अन्य कमाल के फायदे……………

 

दालचीनी अपने औषधीय गुणों के साथ-साथ विशिष्ट स्वाद और खुशबू तौर पर भी जानी जाती है। शायद ही आपने कभी दूध में दालचीनी मिलाकर पीने के बारे में सुना हो, लेकिन हम आपको बता रहे हैं

इस तरह से दूध पीने के अनमोल सेहत के फायदे…..

जुकाम से राहत

-दालचीनी में उच्च मात्रा में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं। दूध में चुटकी भर दालचीनी डालकर पीने से जुकाम से राहत पाने में मदद मिलती है।

हड्डियां मजबूत होती हैं

-दालचीनी के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं। जिन इंसान को गठिया की परेशानी होती है उन्हें नियमित रूप से इस दूध का सेवन करना चाहिए।

पाचन क्रिया

-आप अगर दालचीनी वाला दूध पीएंगे तो इससे पाचन क्रिया स्वस्थ होती है और पेट में एसिडिटी की परेशानी भी नहीं रहती। ऐसे में जिन लोगों को खाना पचाने में मुश्किल होती है उन्हें हर रोज इसका सेवन जरूर करना चाहिए।

अनिद्रा

-जिन लोगों को रात में अनिद्रा की परेशानी होती है उन्हें सोने से पहले एक गिलास दूध का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे नींद अच्छी आएगी।

त्वचा और बालों

-दालचीनी पाउडर स्किन के लिए भी बेहद लाभकारी होते है। दालचीनी वाला दूध पीने से इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा और बालों की कई परेशानियां को दूर करता है।

शुगर लेवल

-दालचीनी में ऐेसे कंपाउंड मौजूद होते हैं जो शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल में रखते हैं। ऐसे में डायबिटीज के मरीज के लिए दालचीनी वाला दूध काफी लाभकारी होता है।

ऐसे बनायें दालचीनी वाला दूध

दालचीनी वाला दूध बनाना बहुत आसान है। इसके लिए आपको एक कप गरम दूध, शहद और दालचीनी पाउडर चाहिए। दालचीनी वाले दूध के लिए गरम दूध में शहद और दालचीनी मिलाएं और इसका सेवन करें। बता दें कि इन्हें दूध में मिलाने से दूध के एंटी बैक्टीरियल गुण बहुत तेजी से बढ़ते हैं और आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

दोस्तों अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो इसे जनहित के लिए अपने फेसबुक पर शेयर जरुर करे .