लोग पपीता खाकर बीजों को फेक देते हैं ,लेकिन नहीं जानते होगें इसके फाइदे…

लोग पपीता खाकर बीजों को फेक देते हैं ,लेकिन नहीं जानते होगें इसके बीजों की कीमत…………

 

पपीता की सबसे बड़ी खासियत है की इस फल को खाने से व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता हैं।यह फल खाने में जितना लाभदायक होता है , उतना ही सुन्दरता बढ़ाने में फायदेमंद होता है।पपीता के अन्दर विटामिन सी होता है जिसके कारण लोग सलाद की जगह कच्चे पपीता की सब्जी बनाकर भी उपयोग करते हैं।

पेट से संबंधित रोग :

आपको बता दे कि जिन लोगों को पेट से संबंधित बीमारी होती हैं जैसे खट्टी डकार, पेट में कब्ज होना आदि. इस तरह के लोगों को सेहत के फायदे के लिए पपीता जरुर खाना चाहिए।

पाचन शक्ति को बढ़ाता है :

पपीते की खासियत है कि इसका फल कच्चा हो या पका हो दोनों में ही यह उपयोग में आता है। जो लोग मांस, मछली खाते हैं. उन लोगों को रोजाना पपीता जरुर खाना चाहिए। पपीता के बारे में कहा जाता है कि यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है जिसके कारण यह औषधि के रुप में भी उपयोग किया जाता है।

फेस पैक :

कुछ महिलाएं पपीते का फेस पैक बनाकर अपने चेहरे की सुंदरता बढ़ाने में उपयोग करती है। इससे रंगत साफ ही नहीं होती बल्कि स्किन से संबंधित सभी बीमारियां भी जड़ से खत्म हो जाती हैं। वहीं आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसा वीडियो जो कि सोशल मीडिया पर मौजूद है . इस वीडियो में बताया गया है कि पपीता खाने के बाद उसके बीजों को कभी गलती से नहीं फेकना चाहिए, क्योंकि पपीते के बीजों की कीमत सोने से कम नहीं होती है।

तो आइये जानते हैं आखिर क्या सच्चाई है इन पपीतों के बीजों की जो कि सोने के समान कीमती होते हैं।

देखें वीडियो

इस वीडियो में पपीते के बीज के फायदे के बारें में बताया गया है जो कि वह सेहत के लिए काफी लाभदायक होते हैं।बताया गया है कि लोग पपीता तो खा लेते हैं,लेकिन उसके बीजों को फालतू समझकर फेंक देते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसके बीजों को यदि आप पाउडर बनाकर कैंसर जैसी बीमारियों में उपयोग करते हैं तो आपको बहुत लाभ हो सकता है.

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ये सब्जी गठिया और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नही

ये सब्जी 3 दिन में पथरी को तो 1 दिन में गांठ को गला देती है, गठिया और बालों के लिए भी किसी वरदान से कम नही………

 

तोरई एक प्रकार की सब्जी होती है और इसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। पोषक तत्वों के अनुसार इसकी तुलना नेनुए से की जा सकती है। वर्षा ऋतु में तोरई की सब्जी का प्रयोग भोजन में अधिक किया जाता है। तोरई मीठी व कड़वी दो तरह की होती है इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है।

तोरई के अद्भुत फायदे :

पथरी :

तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।

फोड़े की गांठ :

तोरई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें की गांठ पर लगाने से 1 दिन में फोड़ें की गांठ खत्म होने लगता है।

चकत्ते :

तोरई की बेल गाय के मक्खन में घिसकर 2 से 3 बार चकत्ते पर लगाने से लाभ मिलता है और चकत्ते ठीक होने लगते हैं।

पेशाब की जलन :

तोरई पेशाब की जलन और पेशाब की बीमारी को दूर करने में लाभकारी होती है।

आंखों के रोहे तथा फूले :

आंखों में रोहे (पोथकी) हो जाने पर तोरई (झिगनी) के ताजे पत्तों का रस को निकालकर रोजाना 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।

बालों को काला करना :

तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसके बाद इसे नारियल के तेल में मिलाकर 4 दिन तक रखे और फिर इसे उबालें और छानकर बोतल में भर लें। इस तेल को बालों पर लगाने और इससे सिर की मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं।

बवासीर (अर्श) :

तोरई की सब्जी खाने से कब्ज ठीक होती है और बवासीर में आराम मिलता है।

कडवी तोरई को उबाल कर उसके पानी में बैंगन को पका लें। बैंगन को घी में भूनकर गुड़ के साथ भर पेट खाने से दर्द तथा पीड़ा युक्त मस्से झड़ जाते हैं।

गठिया (घुटनों के दर्द में) रोग –

पालक, मेथी, तोरई, टिण्डा, परवल आदि सब्जियों का सेवन करने से घुटने का दर्द दूर होता है।

कृपया इन बातों का ध्यान रखें :

रई कफ तथा वात उत्पन्न करने वाली होती है अत: जरूरत से अधिक इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है।
तोरई पचने में भारी और आमकारक है। वर्षा ऋतु में तोरई का साग रोगी व्यक्तियों के लिए लाभदायक नहीं होता है।

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ये कमज़ोरी को जड़ से मिटाता है तो ह्रदय, कडनी, मधुमेह, त्वचा और माँसपेशियों के लिए वरदान है

ये कमज़ोरी को जड़ से मिटाता है तो ह्रदय, कडनी, मधुमेह, त्वचा और माँसपेशियों के लिए वरदान है……….

 

तालाब, झीलों और दलदली क्षेत्र के पानी में उगने वाला मखाना पोषक तत्वों से भरपूर जलीय उत्पाद है। मखाने का इस्तेमाल तरह तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है।

खाने में स्वादिष्ट मखाना कई तरह के आवश्यक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एक तरह का ऐसा एंजाइम पाया जाता है जो बुढ़ापे को कम करता है। मखाना प्रोटीन, विटामिन, फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक जैसे खनिज और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
मखाना तालाब, झील, दलदली क्षेत्र के शांत पानी में उगये जाते। मखाना पोषक तत्वों से भरपुर एक जलीय उत्पाद है। मखाने में 9.7% आसानी से पचनेवाला प्रोटीन, 76% कार्बोहाईड्रेट, 12.8% नमी, 0.1% वसा, 0.5% खनिज लवण, 0.9% फॉस्फोरस एवं प्रति 100g 1.4 mg लौह पदार्थ मौजूद होता है। इसमें औषधीय गुण भी होता है।

मखाना के 12 अद्भुत फायदे :

कमजोरी दूर करे :

मखाना ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से तुरंत ही ऊर्जा मिलती है। इसके नियमति सेवन शारीरिक दुर्बलता खत्म होती है।

पेशाब करने में परेशानी :

1 से 3 ग्राम मखाने को गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार सेवन करने से मूत्रकृच्छ (पेशाब करने में परेशानी) दूर हो जाती है।

मजबूत हड्डियाँ :

कैल्शियम से लबरेज मखाना हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसके नियमित सेवन से हड्डियों और जोड़ो के दर्द से मुक्ति मिलती है।

स्वस्थ त्वचा :

मखाना में एंटीओक्सिडेंट और एंटी एजिंग तत्व पाए जाते हैं। इसे रोजाना खाने से चेहरे पर झुर्रियों नहीं आती तथा चेहरा लम्बे समय तक जवां और निखरा-निखरा रहता है।

शारीरिक शक्ति :

मखाना के 3 से 6 ग्राम बीज तथा चीनी को एक साथ पीसकर मिश्रण तैयार करें, फिर इस मिश्रण को दूध के साथ दिन में 3 बार देने से शारीरिक शक्ति बढ़ती है।

किडनी :

मखाने के सेवन से शरीर से हानिकारक टॉक्सिक तत्व बाहर होते हैं जिस से किडनी में किसी भी तरह की समस्या उत्पन्न होने की संभावनाएं न के बराबर हो जाती हैं। मखाना के 3 से 6 ग्राम बीज तथा चीनी को एक साथ पीसकर मिश्रण तैयार करें, फिर इस मिश्रण को दूध के साथ दिन में 3 बार देने से पथरी के रोग में लाभ मिलता है।

नाभि के रोग और सूजन :

ताल मखाना की जड़ का काढ़ा 40 ग्राम या बीज 2 से 4 ग्राम को दूध के साथ सुबह-शाम लेने से नाभि के रोग और सूजन दूर होती है।

शारीरिक दोष :

मखाने को खीर के साथ चबायें या केवल मखाने को चबाकर खायें। इससे सम्भोग की कमी से हुई शारीरिक कमज़ोरी दूर हो जाती है।

मधुमेह :

मधुमेह रोगियों के आहार में मखाना शामिल करना उनके लिए बहुत फायदेमंद होता है। मखाने के सेवन शरीर में इन्सुलिन का स्तर नियंत्रित रहता है।

दिल के लिए भी लाभदायक :

मखाने के सेवन से शरीर का कोलेस्ट्रोल लेवल कम होता है। इसके नियमित सेवन से हृदय सम्बन्धी रोगों के होने का भी ख़तरा टलता है। ‘

मजबूत मांसपेशियां :

मखाना प्रोटीन से भरपूर होता है। कसरत करने वालो या जिम जाने वालो को मखाना का सेवन तो अवश्य ही करना चाहिए। इसके सेवन से मसल्स का निर्माण होता है और मांसपेशियां मजबूत बनती है।

फीलपांव या गजचर्म :

घी, शहद, मक्खन, पीपल, अदरक, मिर्च और सेंधानमक को मिलाकर पीने से फीलपांव का रोग दूर हो जाता है।

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उम्र के साथ-साथ घुटने घिसने लगे है, घुटनो में टक-टक की आवाज़ आती है, बैठ जाते हो तो उठ नही पाते, इन सभी के लिए अचूक और कारगर देशी उपाय

उम्र के साथ-साथ घुटने घिसने लगे है, घुटनो में टक-टक की आवाज़ आती है, बैठ जाते हो तो उठ नही पाते, इन सभी के लिए अचूक और कारगर देशी उपाय………..

 

आज के बदलते परिवेश में खान-पान में भी कुछ न कुछ बदलाव आरहा है, क्योंकि आज वो पुराने जमाने के बिना मिलावटी शुद्ध खाद्य सामग्री नही रही। यही कारण है कि आज के इस आधुनिक और वैज्ञानिक युग मे भी बीमारियों का अंबार खड़ा है, इसमे से एक है घुटने का दर्द। हमने कई बार अपने बड़े बुजर्गो को घुटनों के दर्द से तडपते हुए देखा है। दिन रात दवाई खाने से भी उन्हें कोई आराम नही मिलता है चलने फिरने में बहुत परेशानी होती है और साथ ही घुटनों को मोड़ने में, उठने – बैठने में भी दिक्कत आती है। कभी कभी उन्हें इतना ज्यादा दर्द होता की वो ठीक ढंग से सो भी नहीं पाते और उनके घुटनों में सुजन तक भी आ जाती है। उम्र के साथ-साथ घुटने घिसने लगे है, घुटनो में टक-टक की आवाज़ आती है, बैठ जाते हो तो उठ नही पाते क्यूँकि उम्र के साथ हड्डियों की बीमारी बढती जाती है। आज हम घुटनों के दर्द के ऐसे कारगर उपाय बताएंगे जो बहुत असरकारक है अगर इनको अपना लिया तो बुढ़ापे तक किसी सहारे की जरूरत नही पड़ेगी घोड़े की तरह दौड़ पाएंगे तो आइये जानते है इन उपायों के बारे में।

घुटनो के दर्द के चमत्कारी घरेलू रामबाण उपाय :

हरसिंगार एक पौधा है जिसके सफेद रंग के फूल होते है ये फूल रात को खिलकर सुबह गिर जाते है इस पौधे के 6 से 7 पत्तों को सिल बट्टे पर पीसकर इसकी चटनी बना ले और एक गलास पानी में उबाले। उबलते उबलते जब यह आधा रहा जाये तो इसको गुनगुना करके प्रतिदिन खाली पेट पीये। ऐसा करने से आपके सरीर और जोड़ो के दर्द से आपको मुक्ति मिलेगी। इस औषधि के साथ कोई अन्य दवा नहीं लेनी है। यह उपाय सबसे ज्यादा कारगर और सफल है।

कनेर के पत्तों को उबालकर उसको उसके पत्तों की चटनी बना ले और तिल के तेल में मिलाकर घुटनों पर मालिश करे ऐसा करने से आपको दर्द से मुक्ति मिलेगी।

आपके घुटनों में दर्द रहता है तो रोज रात को 2 चम्मच मैथी को एक ग्लास पानी में भिगो कर रख दे। और प्रात: काल खाली पेट मेथी को चबा चबा कर खाने से और मेथी का पानी पीने से आपको कभी भी घुटनो का दर्द नही होगा।

एक ग्लास दूध में 4-5 लहसुन की कलियाँ डाल कर अच्छी तरह से उबाले और गुनगुना पीने से भी घुटनों के दर्द में आराम मिलता है।
हर रोज आधा कच्चा नारियल खाने से बुढ़ापे में भी कभी आपको घुटनों के दर्द का परेशानी नही होगी।

5 अखरोट प्रतिदिन खाली पेट खाने से आपके घुटने में कभी कष्ट नही होगा।

रोज रात को सोने से पहले एक ग्लास दूध ने हल्दी डाल कर पीने से आपको हड्डियों में दर्द की समस्या से मुक्ति मिलेगी।एक दाल के दाने के बराबर थोड़ा सा चूना (जो आप पान में लगा कर खाते है) को दही में या पानी में मिला कर पीने से आपको हड्डियों में कभी दर्द नही होगा। चूने के पानी को हमेशा सीधे बैठकर ही पिए इससे आपको जल्दी आराम होगा। यह औषधि सिर्फ 1 महीने पीने से ही शरीर की किसी भी हड्डी में दर्द हो तो वो जल्दी ठीक हो जाएगा।

सुबह और शाम को भद्र आसन करने से आपको लाभ मिलेगा।

हड्डियों के दर्द से बचने के लिए आप अपने भोजन में 25% फल और सब्जियों को शामिल करेगे तो आपको कभी भी हड्डियों के दर्द का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नारियल, सेब, संतरे, मौसमी, केले, नाशपति, तरबूज और खरबूजे आदि फलों का सेवन हर रोज जरुर करे।

गोभी, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ खीरे, ककड़ी, गाजर, और मेथी को अवश्य शामिल करे।

दूध और दूध से बनी चीजे भरपूर मात्रा में खाए और कच्चा पनीर भी भोजन में शामिल करे, ऐसा करने से आपके जोड़ों के दर्द में कमी आएगी।

मोटा अनाज, मकई, बाजरा, चोकर वाले आटे की रोटियों का जरुर उपयोग करे। क्योंकि इनमे वो सभी तत्व होता है जो आपकी हड्डियों और जोड़ो के दर्द से मुक्ति दिलाता है।

अगर अत्यधिक सर्दी की वजह से आपके दादा या दादी के घुटनों में बहुत अधिक पीड़ा है तो सरसों के तेल में लहसुन और अजवायन को पकाये और फिर जब यह तेल गुनगुना हो जाये तो घुटनों पर मालिश करे, उनका दर्द छू मंतर हो जायेगा।

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ब्रेन स्ट्रोक होने पर बचा सकते हैं किसी की जान,जान लें ये बातें

ब्रेन स्ट्रोक होने पर बचा सकते हैं किसी की जान,जान लें ये बातें…….

 

BRAIN STROKE होने पर कुछ सावधानियों को बरत कर आप मरीज की जान बचा सकते हैं। जानकारी के अभाव में कई बार मरीज की जान चली जाती है। देश में हर 4 सेकंड में एक व्यक्ति को ब्रेन स्ट्रोक (BRAIN STROKE ) होता है। ब्रेन स्ट्रोक के केस में 15-20% की उम्र 30 वर्ष से कम है। ब्रेन स्ट्रोक के 30% मरीजों की उम्र 40 वर्ष से कम होती है।

जान लें ये बातें, ब्रेन स्ट्रोक होने पर बचा सकते हैं किसी की जान

ब्रेन स्ट्रोक में शुरू के 3 से 4 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इसे ‘गोल्डन पीरियड’ कहते हैं, रिकवरी भी जल्दी होती है। सबसे पहले जान लें कि ब्रेन स्ट्रोक (BRAIN STROKE ) दो प्रकार का होता है,

पहला हैमरेजिक और दूसरा स्केमिक।

जानिए क्यों होता है ब्रेन स्ट्रोक

जब ब्रेन में कोशिकाओं तक नसों से दिमाग को ब्लड पहुंचता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन के बाधित होने से कोशिकाएं मरने लगती हैं। इससे ब्रेन हैमरेज होता है, दिमाग में ब्लीडिंग होने लगती है ऑक्सीजन न मिलने से दिमाग ठीक से काम नहीं करता है। ब्रेन हैमरेज से आंशिक विकलांगता या जान जाने का खतरा बढ़ता है।

ऐसे पहचानें ब्रेन स्ट्रोक

हाथ-पैर सुन्न होना, शरीर के एक भाग में कमजोरी आती है। खड़े होने पर चक्कर आता, शरीर का संतुलन बिगड़ता है। अचानक से तेज सिरदर्द और चेहरे में विकृति आ जाती है। लोगों की बातें समझने और बोलने में भी परेशानी होती है। कभी-कभी एक या दोनों आंखों की क्षमता घटने लगती है।

ब्रेन हैमरेज के इलाज में ये तकनीक कारगर

हैड व स्पाइन इंजरी के मरीजों का इलाज किया जाता है। पहले ग्लास्गो कोमा स्केल से इंजरी की गंभीरता मापते हैं। इस आधार पर भर्ती के लिए मरीज का वार्ड तय करते हैं। इसके बाद सीटी स्कैन से चोट की जांच, ब्लीडिंग देखते हैं। ब्रेन हैमरेज में नसों में गुब्बारा बनने से ये फट जाती हैं। इसके बाद दवाइयों और सर्जरी से इलाज किया जाता है। मरीज के दिमाग की सर्जरी में ब्लड क्लॉट को निकालते हैं। नसों में गुब्बारा तो क्लिपर, तार डालकर सर्जरी करते हैं

 होने पर तुरंत करें ये उपाय :

मरीज को तुरंत एक चम्मच शहद में 2 लहसुन मिलकर खिलाये. इससे लकवा से छुटकारा मिल सकता है।

कबूतर के मिट को खिलाये ऐसा करने से लकवा तुरंत मिट जायेगा और मरीज स्वस्थ हो जायेगा। यह उपचार लकवे में सबसे ज्यादा प्रयोग किये जाते हैं।

कलौंजी के तेल से लकवे वाली जगह पर मालिश करें।

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कैंसर को ठीक कर सकते हैं मात्र 30 से 90 दिन में करें ये उपाए!

कैंसर को ठीक कर सकते हैं मात्र 30 से 90 दिन में करें ये उपाए!…….

 

पपीते के पत्ते 3rd और 4th स्टेज के कैंसर को सिर्फ 35 से 90 दिन में सही कर सकते हैं | अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, बहरहाल प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और छोटा मोटा प्रयोग |

Papaya leaf for cancer treatment

मगर आज जो हम आपको बताने जा रहें हैं, ये वाकई आपको चौंका देगा, आप सिर्फ 5 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग को जड़ से ख़त्म कर सकते हैं | और ये कोई ऐसी ही कॉपी पेस्ट नहीं है, ये प्रकृति की शक्ति है और हमारे श्री बलबीर सिंह शेखावत जी की स्टडी है जो वर्तमान में as a Govt. Pharmacist अपनी सेवाएँ सीकर जिले में दे रहें हैं | आपके लिए नित नवीन जानकारियां लेकर आते हैं | तो आइये जानते हैं उन्ही से.

पपीता के पत्तो में :

कई प्रकार के वैज्ञानिक शोधो से पता लगा है कि पपीता के सभी भागो जैसे फल, तना, बीज, पत्तिया, जड़ सभी के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसके वृद्धि को रोकने की क्षमता पाई जाती है। विशेषकर पपीता की पत्तियों के अन्दर कैंसर की कोशिका को नष्ट करने और उसकी वृद्धि को रोकने का गुण अत्याधिक पाया जाता है।University of florida ( 2010) और International doctors and researchers from US and japan में हुए शोधो से पता चला है की पपीता के पत्तो में कैंसर कोशिका को नष्ट करने की क्षमता पाई जाती है।

10 प्रकार के कैंसर :

Nam Dang MD, Phd जो कि एक शोधकर्ता है, के अनुसार पपीता की पत्तियां डायरेक्ट कैंसर को खत्म कर सकती है, उनके अनुसार पपीता कि पत्तिया लगभग 10 प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है जिनमे मुख्य है | breast cancer,lung cancer,liver cancer,pancreatic cancer,cervix cancer. इसमें जितनी ज्यादा मात्रा पपीता के पत्तियों की बढाई गयी है, उतना ही अच्छा परिणाम मिला है, अगर पपीता की पत्तिया कैंसर को खत्म नहीं कर सकती है लकिन कैंसर की प्रोग्रेस को जरुर रोक देती है।तो आइये जाने पपीता की पत्तिया कैंसर को कैसे खत्म करती है??

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अधिक जानकारी के लिए देखें विडियो :-

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क्या है कोरोनावायरस, जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय

क्या है कोरोनावायरस, जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय……….

 

आजकल कोरोना वायरस (Coronavirus) की चर्चा पुरे विश्व में आग की तरह फैलती जा रही है और फैले भी क्यों नहीं लगातार इसका कहर बढ़ता जा रहा है। यह चीन के बहुत सारे लोगो को अपनी चपेट में ले चूका है। अगर हम खबरों के आंकड़ों को देखे तो इससे प्रतिदिन काफी लोगो के मरने की खबर मिल रही है। चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है। इससे संबंधित निमोनिया के अब तक 4,515 पुष्ट मामले सामने आए हैं।

पड़ोसी देश में फैले इस घातक वायरस से सावधानी बरतते हुए भारत सरकार ने भी इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए पहले से ही तैयारिया शुरू कर दी हैं। भारत सरकार ने कोरोनावायरस से संबंधित सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 011-23978046 जारी कर दिया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर आप कोरोनावायरस के बारे में सभी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

क्या है कोरोनावायरस (What is coronavirus) :
Corona Virus Structure

वुहान कोरोनोवायरस, वायरस परिवार का एक हिस्सा है, जिसका नाम स्पाइक प्रोटीन द्वारा उसके गोले या कैप्सिड पर बनाए गए प्रभाव के नाम पर पड़ा है। कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।

बीमारी के लक्षण (Symptoms Of Coronavirus Infections) : 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोनावायरस संक्रमण के लक्षण वायरस के प्रकार पर निर्भर करते हैं लेकिन सामान्य तौर पर

सांस लेने में परेशानी।
बुखार।
खांसी।
सांस न आना।
छाती और शरीर में अकड़न।
सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

बचाव के उपाय (Precautions) :

कोरोना वायरस से बचाव (Coronavirus Infection) के लिए आपको निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए :

जब भी आप किसी बाहरी चीज को छुए तो उसके बाद तुरंत हाथ धोए
हाथ धोने के लिए साबुन, पानी या फिर एल्कोहल बेस्ड रब का इस्तेमाल करें।
बाहर जाते समय मुँह को किसी कपडे या मस्के से ढक कर रखे
सर्दी और जुकाम वाले लोगों से दूरी बनाएं और उनके पास जाने से बचें।
जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें।
अंडे और मांस के सेवन से बचें।
जब भी आपको थोड़ी सी परेशानी महसूस हो तुरंत डॉ से संपर्क करे।

Corona Virus Infection  

भारत ने अपने नागरिकों को चीन की गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। वे भारतीय जो चीन में बीमार थे या फिर चीन से एक महीने के भीतर लौटे हैं उन्हें चिकित्सीय सहायता लेने और दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। चीन इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। चीन में छुट्टियां भी बढ़ा दी गई है। चीन के अलावा, थाइलैंड में सात मामले, जापान में तीन, दक्षिण कोरिया में तीन, अमेरिका में तीन, वियतनाम में दो, सिंगापुर में चार, मलेशिया में तीन, नेपाल में एक, फ्रांस में तीन, ऑस्ट्रेलिया में चार ,श्रीलंका और भारत में कोरोना वायरस का मामला सामने आ रहा  है।

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अपने वजन से जानें कितना पानी पीये फिट एंड फाइन रहने के लिए How Much Water to Drink per Day

अपने शरीर वजन से जानें कितना पानी पीये फिट एंड फाइन रहने के लिए How Much Water to Drink per Day………..

 

पानी हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक है. रोजाना हमें अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए. पानी पीने से शरीर में होने वाली तमाम बीमारिया आसानी से ठीक की जा सकती तथा शरीर स्वस्थ भी रहता है. लेकिन पूरा दिन कितना पानी पीना जरुरी है ये पूरी तरह आपके वजन और फिगर पर डिपेंड करता है. आइये जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स जिनसे हम यह आसानी से पता लगा सकते हैं की हमें पूरा दिन कितना पानी पीना है.

अपना वजन पता करें FIND YOUR WEIGHT

आपके शरीर को पूरा दिन कितने पानी की आवश्यकता है यह जानने के लिए सबसे पहले यह जानना जरुरी है की आपका वजन कितना है. अलग-अलग वेट वाले व्यक्ति को अलग-अलग मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है. पानी हमारी बॉडी को डिटॉक्सीफिकेशन के अलावा मेटाबॉलिज्म, डाइजेशन जैसी कई चीजों को सही प्रकार से कार्य कराने में समर्थ होती है.

एक दिन में कितना पानी पीये HOW MUCH WATER TO DRINK PER DAY

यदि आपको अपना वेट पता है तो आप अपने वेट को 30 से डिवाइड करें. 30 से डिवाइड करने के बड़ा जितनी मात्रा आएगी आपको रोजाना उतना पानी पीना है. जैसे आपका वेट 60 किग्रा है तो आपको एक दिन में कम से कम दो लीटर पानी पीना चाहिए. इसी तरह अगर आपका वजन 80 किग्रा है है तो आपके लिए 2.6 लीटर पानी जरुरी है.

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संदीप माहेश्वरी के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार BEST THOUGHTS OF SANDEEP MAHESHWARI

संदीप माहेश्वरी के अनमोल ज्ञानवर्धक विचार BEST THOUGHTS OF SANDEEP MAHESHWARI………..

 

संदीप माहेश्वरी का जन्म 28 सितम्बर 1980 में हुआ था. वे भारत के सफल युवा उद्यमियों में से एक हैं. वे सफल उद्यमी इमेजबाज़ार के सीईओ, प्रेरक वक्ता हैं तथा संदीप जी पायोनीर ऑफ़ टुमारो से पुरूस्कृत, स्टार अचीवर अवार्ड और यंग क्रिएटिव एण्टरप्रेन्योर अवार्ड से पुरूस्कृत तथा फोटोग्राफी में विश्व रिकार्ड विजेता रह चुके हैं. वे लोंगो के बिच प्यार की भावना को उजाकर करना चाहते हैं. इसलिए वे लगातार प्रेरक सेमिनार का आयोजन करते रहते हैं.

सुविचार (Quotes) 1.

अच्छा बोलो, अच्छा सनुो, अच्छा देखो.

सुविचार (Quotes) 2.

किसी भी काम में अगर आप अपना 100% देंगे तो आप सफल हो जाएंगे .

सुविचार (Quotes) 3.

मैदान छोडो , न इंतज़ार करो … बस चलते रहो .

सुविचार (Quotes) 4.

अगर आप महानता हासिल करना चाहते हैं तो इजाज़त लेना बदं करिये .

सुविचार (Quotes) 5.

अगर आपके पास ज़रुरत से ज्यादा है तो उसे उनसे शेयर करिये जिन्हे इसकी सबसे ज्यादा ज़रुरत है.

सुविचार (Quotes) 6.

ज़िन्दगी में कभी भी कुछ करना है तो सच बोल दो, घुमा-फिरा के बात मत करो।

सुविचार (Quotes) 7.

कोई पहाड़ चढ़ना मुश्किल नहीं है, शिखर पर मिलते हैं.

सुविचार (Quotes) 8.

सक्सेस एक्सपीरियंस से आती है और एक्सपीरियंस बैड एक्सपीरियंस से।

सुविचार (Quotes) 9.

सफलता हमेशा अकेले में गले लगाती है .! लेकिन असफलता हमेशा आपको सबके सामने तमाचा मारती है ..! यही जीवन है.

सुविचार (Quotes) 10.

पैसा उतना ही ज़रूरी है जितना कार में पेट्रोल , न कम , न ज्यादा .

सुविचार (Quotes) 11.

जब हम बोलते हैं आसान है और जवाब मांगते हैं तो जवाब मिल जाता है।

सुविचार (Quotes) 12.

जिस व्यक्ति ने अपनी आदतें बदल लीं वो कल बदल जाएगा , और जिसने नहीं बदलीं , उसके साथ कल भी वही होगा जो आज तक होता आया है .

सुविचार (Quotes) 13.

जिस नज़र से आप इस दुनिया को देखेंगे, ये दुनिया आपको वैसी ही दिखेगी .

सुविचार (Quotes) 14.

एक ‘इच्छा’ कुछ नहीं बदलती, एक ‘निर्णय’ कुछ बदलता है, लेकिन एक ‘निश्चय’ सब कुछ बदल देता है.

सुविचार (Quotes) 15.

गलतियां इस बात का सुबूत हैं कि आप प्रयास कर रहे हैं .

सुविचार (Quotes) 16.

जो लोग अपनी सोच नहीं बदल सकते वे कुछ नहीं बदल सकते .

सुविचार (Quotes) 17.

चाहे तालियां गूँजें या फीकी पड़ जाएँ , अंतर क्या है ? इससे मतलब नहीं है कि आप सफल होते हैं या असफल . बस काम करिये , कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता .

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आँखों रोशनी बढ़ाने के घरेलु टिप्स Eye Care Treatment

आँखों रोशनी बढ़ाने के घरेलु टिप्स Eye Care Treatment……………

 

आँखे बहुत ही कोमल होती हैं. यह हमारे शरीर का एक अहम हिस्सा हैं. जिनका ख्याल रखना बहुत ही जरुरी होता है. आधुनिक पर्यावरण में कई चीज़ें ऐसी हैं जो आंखों की रोशनी कम होने की वजह हो सकती हैं. उम्र बढ़ने के साथ-साथ आंखों की समस्या से हमें जूझना ही पड़ता है,

लेकिन इसके पीछे वजह यह है कि आंखों के आसपास की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं. लेकिन आजकल बच्चों को भी चश्मा लगना आम समस्या बन गयी है. आजकल स्कूल जाने वाले बच्चों को भी कमजोर आंखों के कारण चश्मे का उपयोग करते देखा जाता है. असमय चश्मा लगने की वजह से हमारी सुंदरता में भी बहुत इफ़ेक्ट पड़ता है. आंखों के प्रति लापरवाही बरतने से आंखों से पानी आना, जलन, खुजली, आंखों का लाल होना, पीलापन आना, सूजना, धुंधला दिखने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हमारे शरीर की समस्त ज्ञानेन्द्रियों में आंखें सबसे प्रमुख ज्ञानेन्द्रियां हैं. जिनका ख्याल रखना बहुत जरुरी होता है. इन सभी परेशानियों को ठीक करने के लिए आप कुछ घरेलु उपायों की मदद ले सकते हैं. जिनके प्रयोग से आँखों की समस्या को दूर किया जा सकता है.

आँखे कमजोर होने का कारण

आंखों की ठीक से देखभाल न करना –

आंख की सही से देखभाल ना करने के कारण अनेक बार आँखों की समस्याएं होने लगती हैं. आँखों की देखभाल ना करने के कारण आँखों की कार्य प्रणाली ठीक ढंग से काम नहीं करती जिसकी वजह से आंख का आंतरिक दाब बढ़ जाता है और आँख में अनेक समस्याएं होने लगती है.

पोषक तत्वों की कमी –

हमारे शरीर के सामान्य विकास एवं वृद्धि हेतु पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है. इनमें से किसी एक पोषक तत्व की कमी होने पर हमारे शरीर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है जिसके कारण आँखों में कमजोरी की समस्या होने लगती है.

अनुवांशिक कारण –

आमतौर पर अनेक रोग दूषित वातावरण तथा परिस्थतियों से उत्पन्न होते हैं, किंतु अनेक रोग ऐसे भी होते हैं जो घर के किसी व्यक्ति जिनकी आँखे वीक हो होने के कारण अन्य व्यक्तियों को भी होने लगते हैं. ऐसे रोग आनुवंशिक कहलाते हैं. कई बार अनुवांशिक कारणों के कारण आँखों की समस्याएं होने लगती है.

कम रोशनी में पढ़ाई –

कई लोग ऐसे होते हैं जो कम रोशनी में किताब या अखबार आदि पड़ते हैं. जिससे आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे आँखों की रोशनी प्रभावित होने लगती है.

मोबाइल, कंप्यूटर का अधिक प्रयोग –

आजकल हर व्यक्ति कम्प्यूटर और मोबाइल का प्रयोग करता है. आजकल इन इलेक्ट्रिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक चीजों का उपयोग बढ़ता जा रहा है क्योकि इनके अनेक फायदे होते हैं मगर कभी-कभी इन सब चीजों के अधिक प्रयोग से हमारी आँखों में बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे हमारी आँखों की रौशनी प्रभावित होती है.

आँखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय

त्रिफला का प्रयोग

आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए त्रिफला का प्रयोग बहुत फायदेमंद होता है. इसके उपयोग के लिए रात को एक चम्म्च त्रिफला मिटटी के बर्तन में भिगोकर रख दे. सुबह उठकर इस पानी को छान ले और इस पानी से आँखो को धोए इससे आँखों की रौशनी बढ़ाने में मदद मिलती है.

अंगूर का प्रयोग

अंगूर के सेवन से भी आँखों की रौशनी बढ़ाने में मदद मिलती है. रोजाना अंगूर के सेवन से आँखों की रौशनी को तेज किया जा सकता है. अंगूर खाने से रात में देखने की शक्ति बढ़ती है.

वसायुक्त पोष्टिक तत्वों का सेवन

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए वसायुक्त तत्वों का सेवन बहुत ही जरुरी होता है. अपने आहार में वसायुक्त भोजन को शामिल करें. वसायुक्त भोजन में आप मछली, अंडे, बीज और नट का सेवन कर सकते हैं.

सब्जियों का सेवन

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक मात्र में सब्जियों का सेवन करना चाहिए. इसके लिए आप अपने आहार में पालक, गोभी, गाजर, मक्का का भी सेवन करे इन पोषक तत्वों से आँखों की ज्योति बढ़ती है.

पर्याप्त नींद

आँखों की समस्या से बचने के लिए भरपूर नींद लेना जरुरी होता है. रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद जरूर लें. इससे शरीर स्वस्थ रहता है साथ ही आँखों की समस्या भी नहीं होती.

आंवले का जूस

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आंवले का जूस निकाल लें और इसमें कुछ मात्रा में शहद मिलाएं. आप जूस का रोज सुबह शाम नियमित रूप से सेवन करें. इससे कुछ ही दिनों में आपको फर्क नजर आने लगेगा.

मुलेठी का प्रयोग

कुछ मुलेठी लें. अब इसे पीस के इसका पाउडर बना लें. अब इस पीसी हुयी मुलेठी का 1 चम्मच पाउडर लें तथा इसमें समान मात्रा में शहद और ½ चम्मच देशी घी मिलाएं. इसके बाद आप इस मिश्रण को एक ग्लास गरमागर्म दूध में डालें और 3 महीनों तक इस मिश्रण का उपयोग करें. इस विधि के प्रयोग से आपकी आँखों की रोशनी तेज होने लगेगी.

सही रोशनी में करें पढाई

अनेक लोग ऐसे होते हैं जो कम लाइट में पढ़ाई आदि करते हैं यह हमारी आँखों के लिए उचित्त नहीं होता कम लाइट में पढ़ाई आदि करने से हमारी आँखों पर जोर पड़ता है जिसके कारण आँखों की रोशनी प्रभावित होती है. इसलिए पढ़ाई करते समय कभी भी कम लाइट में पढ़ाई ना करें.

आँखों की सुरक्षा के कुछ अन्य उपाय

आँखों को हर रक घंटे बाद 10 मिनट तक बंद कर रखें, ताकि नमी की परत फिर से तैयार हो जाए.
कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते समय अपनी पलकों को झपकाते रहें.
जब भी आप कंप्यूटर में काम करते हैं तो उसकी स्क्रीन और आंखों के बीच कम से कम 25 इंच की दूरी रखें.
मोबाइल उपयोग करने वाले लोग अपनी आँखों को मोबाइल से उचित दुरी पर रखे.
आजकल हर जगह AC का होना आम बात है. अगर आप AC में बैठते हैं तो इसकी हवा सीधे आंखों पर न पड़ने दें.
आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए हरी सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए.
अधिक से अधिक मात्रा में पानी पीए. इससे शरीर के साथ-साथ आँखे भी स्वस्थ रहती हैं.
आँखों की रोशनी बढ़ाने के योग

आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए त्राटक आसान

त्राटक आसान को अँधेरे में किया जाता है. इसलिए इसे रात में करना उचित रहता है. यदि किसी कारणवश आप इस आसान को रात में नहीं कर आते तो आप दिन में एक कमरे में अँधेरा कर के भी इस आसान को कर सकते हैं. सबसे पहले एक कमरे में अँधेरा कर लें अब इस अँधेरे कमरे में एक मोमबत्ती जलाए. उस मोमबत्ती के सामने प्राणायाम की मुद्रा में बैठ जाएं. अब अपनी पलकों को बिना झपकाए मोमबत्ती को देखते रहे. इसके बाद थोड़ा सा ओम उच्चारण के साथ प्राणायम करें और फिर आंख खोल लें. रिलैक्स होने पर दोबारा इस प्रक्रिया को दोहराएं और इस पूरी क्रिया को कम से कम 3 बार करें. आखिर में अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें और फिर उस गर्म हथेली से आंखों को स्पर्श करते हुए आंख खोलें। ध्यान रहे की जब भी आप अपनी आँखों को खोले तो आपकी नजरे नाक पर होनी चाहिए.

आँखों को स्वस्थ रखने के लिए करें प्राणायाम

दिनभर कंप्यूटर में काम करते-करते हमारी आँखे थक जाती हैं तथा हमारी आँखों की रोशनी भी प्रभावित होने लगती है. आँखों को आराम पहुंचाने तथा आँखों को रोशनी बढ़ाने के लिए प्राणायाम बहुत अच्छा उपाय है. इसे करने के लिए सबसे पहले आप किसी साफ़ स्थान में कोई दरी या कम्बल बिछाकर ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं. अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें. अब आंखें बंद रखकर लंबी सांस लें और फिर छोड़ें. इस क्रिया को लगातार करें.

आँखों को स्वस्थ तथा आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए सर्वांगासन

सर्वांगासन भी आँखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार होता है. इस आसान को करने से हमारी आँखों के साथ-साथ हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है. सर्वांगासन को करने के लिए सबसे पहले आप पीठ के बल सीधे लेट जाएं उसके बाद दोनों पैरों को साथ रखें और हाथों को कमर पर फिर सांस अंदर की ओर लेते हुए दोनों पैरों को को पहले 30 डिग्री के कोण तक उठाएं तथा कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद 60 डिग्री तक उठाएं और फिर 90 डिग्री तक उठाएं. उसके बाद अब सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को नीचे ले आएं और कुछ सेकंड शवासन में लेटें. सर्वांगासन की इस विधि से आँखों को आराम मिलता है.

आँखों की रोशनी बढ़ाने के कुछ आसान टिप्स

कंप्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में पलकों को झपकाते रहें.

आँखों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में अनेक बार आँखों में ठंडे पानी के छींटे मारते रहें.

सुबह उठकर मुंह में पानी भरे तथा आँखों में ठंडे पानी के छींटे मारे इससे आँखों को रोशनी तेज होती है.

कंप्यूटर पर काम करते समय कंप्यूटर की स्क्रीन की रोशनी को ना अधिक करें ना कम. इससे आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

रात को सोने से पहले आँखों को गाय के घी से मलने से आँखों को आराम मिलता है.

रोजाना पैर के तलवो की तेल से मालिश करने से भी आँखों की रोशनी बढ़ती है. इसके लिए आप सरसो या नारियल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं.

आँखों को धूल, मिटटी और सूरज की तेज किरणों से बचाना चाहिए.

लगातार काम करते समय बीच में आँखों को कुछ विश्राम देते रहें.

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