कहीं आपके बच्चे में ये आदतें तो नहीं, हो सकती है परेशानी……..

कहीं आपके बच्चे में ये आदतें तो नहीं, हो सकती है परेशानी………….

 

अक्सर देखा जाता है कि जब बच्चा बड़ा होने लगता है तो शैतानियां करना शुरू कर देता है। ऐसे में पेरेंट्स उसे समझाने के बजाय डांटते और मारते हैं, जिससे बच्चा उस वक्त तो शांत हो जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा करना बच्चे के लिए मानसिक रूप से कितना गंभीर मसला हो सकता है?

कैसे हो बच्चों की परवरिश?

आज के समय में पेरेंट्स अपने बच्चे के एग्रेसिव नेचर की वजह से तनाव में रहते हैं। ऐसे व्यवहार के कारण पेरेंट्स भी बच्चों पर गुस्सा करते हैं, जिससे बच्चा सुधरने के बजाय और भी परेशान करना शुरू कर देता है और अाप अपने बच्चों पर कंट्रोल खो देते हैं। एक साइकोलॉजिस्ट की मानें तो बच्चों पर गुस्सा करना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए बच्चों के साथ पेरेंट्स को कूल अंदाज रखना चाहिए और सामान्य व्यवहार अपनाना चाहिए।

एग्रेसिव होते बच्चे का बांटे ध्यान

किसी भी कारण आपके बच्चे में गुस्सा या बार-बार रोने की आदत है तो उसका ध्यान कहीं और केंद्रित करवाने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से वह गुस्सा तो भूल जाएगा साथ ही मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है। बच्चों का मन बहलाने के लिए कोई किताब या कोई नया खिलौना देना चाहिए और उसके साथ कुछ समय बिताना चाहिए। उसे बाहर जैसे डॉगी, गाड़ियां, घर या कुछ भी नैचुरल चीजों से अवगत कराना चाहिए, क्योंकि बच्चों को प्राकृतिक चीजों को देखने में आनंद मिलता है।

बच्चे के गुस्से की वजह जानने की करें कोशिश

आपका बच्चा बड़ा हो रहा है इसलिए उसके बिहेवियर पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी है। बचपन से ही बच्चे का स्वभाव कूल रहे, इसके लिए बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताइए और उसे अच्छी परवरिश देने की कोशिश करें। चाहे वह बात-चीत का तरीका हो या फिर गंदी आदतें, सभी चीजों पर ध्यान देना पड़ेगा। बच्चा एग्रेसिव न हो इसके लिए ये जानने की कोशिश करें कि आखिर उसे गुस्सा क्यों आ रहा है। अगर वह चीजें इधर-उधर फेंके, चिढ़ जाए या फिर चीखे और चिल्लाएं तो ऐसे में आपको उसकी समस्या सुननी चाहिए और पॉजिटिव बिहेवियर के साथ उसका सॉल्यूशन निकाले।

किसी भी बातों का अनदेखा न करें

कई बार ध्यान खींचने के लिए भी बच्चे एग्रेसिव होते हैं, उन्हें लगता है कि आप उनका अनदेखा कर रहे हैं। इसलिए पेरेंट्स सहित सभी लोगों का ध्यान खींचने के लिए बच्चे सामान पटकने, चिल्लाने जैसे कामों करने के लिए प्रेरित हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप अपने गुस्से पर काबू रखने में खुद को असमर्थ समझते हैं, तो आप बच्चे से दूर होकर कमरे से बाहर आ सकते हैं।

कैसे रखें बच्चों पर कंट्रोल

बच्चा अगर गुस्सा करें तो आपको भी गुस्सा होने की जरूरत नहीं है। उदाहरण की तौर पर जब बच्चा रोए तो आप दो मिनट के लिए बाहर खड़े रहें, ऐसे में बच्चा थोड़ी देर में चुप हो जाएगा और आप भी उस पर गुस्सा करने से बच जाएंगे। यदि बच्चे की उम्र ज्यादा है तो उससे रोने की वजह जानें और समस्या से निपटने की बात कर सकते हैं, ताकि अगली बार वह ऐसा न करें।

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जानिए कमजोरी और थकान दूर करने के असरदार घरेलू उपाय………..

जानिए कमजोरी और थकान दूर करने के असरदार घरेलू उपाय……………

 

अक्सर हमने देखा है की लोग बिना परिश्रम करे भी थकान महसूस करते है| बिना किसी कारणवश उन्हें आलस चढ़ा हुआ रहता है, तथा कमजोरी महसूस होती रहती है| यह कमजोरी दिन की शुरुआत से ही महसूस होने लगती है| शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण दैनिक कार्य करने भी असमर्थता महसूस होती है|

देखा गया है की जो लोग कमजोर रहते है उन्हें कुछ देर काम करने पर ही थकान और नींद घेर लेती है। कमजोरी आने के कई कारण होते है| जैसे अभी गर्मी के दिन चल रहे है तो बार पसीना ज़्यादा निकलने तथा डिहाइड्रेशन की वजह से भी कमज़ोरी आ जाती है|

कभी-कभी तो लंबे समय तक बीमार रहना और खराब जीवनशैली के कारण भी कमजोरी हो जाती है। पुरुषों के अपेक्षा महिलाओ में यह ज्यादा देखा गया है| महिलाएं घर के अत्यधिक काम के चलते खुद पर ध्यान ही नहीं दे पाती हैं, जिसके परिणाम स्वरुप वो ना चाहते हुए भी शारीरिक कमजोरी का शिकार हो जाती हैं।

कमजोरी के चलते ना केवल थकान बल्कि चिड़चिड़ापन, नींद ठीक से न आना, घबराहट, चक्कर आना आदि कई लक्षण नजर आने लगते हैं| यदि आप कमजोरी महसूस करते है तो घरेलू उपचार इसमें आपकी मदद कर सकते है| आइये जानते है Home Remedies for Weakness.

दूध के साथ एक छोटा चम्मच शहद :-

दूध और शहद दोनों ही हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है| दरहसल शहद बेहद आसानी से हजम हो जाता है और इसमें मौजूद विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स होता है जो भूख को बढ़ाने में मदद करता है। शहद के नियमित सेवन से शरीर को कई सारे महत्वपूर्ण तत्व जैसे की प्रोटीन, विटामिन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम आदि मिल जाते है|
दूध के साथ शहद को मिलाकर पीने से तो यह संपू्र्ण आहार बन जाता है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है| नियमित रूप से एक गिलास दूध में एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर पीने से कमजोरी तो दूर होती ही हैं साथ ही शरीर को ताकत भी मिलती है।

गुणकारी आंवला :-

आपने हमेशा आंवले के बालों के लिए फायदे के बारे में सुना होगा| लेकिन हम आपको बताना चाहते है की यह आपके शरीर की कमजोरी को दूर करने भी सहायक है| दरहसल आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, फॉस्फोरस और प्रोटीन मौजूद होता है| इन् तत्वों के सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है और शारीरिक कमजोरी दूर होती है|
इसका प्रयोग करने के लिए आंवले का रस निकालें। और यदि आपको इसका स्वाद खट्टा लगे तो आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं। आपको इसे दिन में दो से तीन बार पीना है|

एनर्जी से भरपूर केले :-

कई बार शरीर में ग्लूकोस की कमी से भी कमजोरी महसूस होने लगती है| लेकिन आर्टिफीसियल चीनी आपके शरीर के लिए अच्छी नहीं होती है| ऐसे में केले का सेवन आपकी मदद कर सकता है| क्योंकि केले में प्राकृतिक ग्लूकोस और चीनी की मात्रा होती है, इसलिए इसका सेवन करने के बाद यह आपको तुरंत शक्ति प्रदान करता है और शरीर से कमज़ोरी को दूर करने में मदद करता है। इसमें पोटैशियम भी मौजूद होता है जो आपके शरीर में ऊर्जा का संचार करने में सहायक होता है। यह एक बेहतरीन Remedies for Tiredness है|

सम्पूर्ण और पौष्टिक आहार- दूध :-

जो लोग कमजोर है उन्हें दूध का सेवन जरूर करना चाहिए| स्वास्थ्य विशेषज्ञ दूध को सम्पूर्ण भोजन कहते है| दूध में आपके शरीर के लिए उपयोगी हर प्रकार के विटामिन, मिनरल्स और अन्य डाइटरी सप्लीमेंट्स मौजूद होते है| दूध में मौजूद विटामिन बी, हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखता है तथा आपके शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

यदि आपको रात के वक़्त भोजन करने का मन नहीं है तो एक गिलास दूध आपके लिए एक सम्पूर्ण और पौष्टिक आहार बन सकता है। आपको शायद इस बारे में जानकारी ना हो इसलिए हम बताना चाहते है की जिन लोगों की त्वचा काफी गंभीर रूप से कट जाती है और उसमे से काफी खून निकलने लगता है, तो उन्हें दूध पीने की सलाह दी जाती है। दरहसल ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि दूध आपके शरीर में खून दोबारा बनाता है और आपको काफी शक्ति प्रदान करता है।

सूखे मेवे :-

यदि आपके शरीर में मैग्नीशियम की थोड़ी सी भी कमी होती है तो भी आप काफी कमज़ोर महसूस करते हैं। ऐसे में आपको सूखे मेवो का सेवन करना चाहिए| इसके सेवन से धीरे धीरे आपकी कमज़ोरी दूर हो जाती है। इसे आप सुबह खाली पेट या दिन में कभी भी सेवन कर सकते है| बादाम, किशमिश आदि खाने के बाद आप काफी लम्बे समय तक ऊर्जा से भरपूर महसूस कर सकते हैं।

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बाल झड़ने से रोकने के लिए आसान घरेलू उपाय

बाल झड़ने से रोकने के लिए आसान घरेलू उपाय……………

 

आजकल बाल झड़ने की समस्या आम हो गई है। पुरुष हो या महिला हर कोई इससे परेशान है। साथ ही यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इस समस्या के लिए हम ख़ुद जिम्मेदार हैं। इस अत्याधिक व्यस्त जीवन में समय बचाने के लिए हम प्राकृतिक संसाधनों की जगह, हम केमिकल युक्त उत्पादों का प्रयोग करते हैं, जिसका नकारात्मक प्रभाव हमारे बालों पर पड़ता है। बाल झड़ने के कारण हम गंजे तक हो जाते हैं।

बाल झड़ने के कारण – Causes of Hair Fall 

लगातार बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं। उनमें से प्रमुख कारणों के बारे में यहां ज़िक्र कर रहे हैं, जो हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े हैं, लेकिन हम उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

1. तनाव

सबसे पहली और अहम वजह तनाव है। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता कि इस समस्या की जड़ तनाव है। जो शख़्स तनाव की गिरफ्त में आया, उसे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अब तक हुईं विभिन्न रिसर्च में भी यह बात स्पष्ट हुई है कि तनाव के चलते हमारे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं।

2. आनुवंशिक

बालों के झड़ने एक प्रमुख कारण आनुवंशिक भी है, जिसे एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहा जाता है (1)। अमेरिका अकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी का मानना है कि बाल झड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही होता है। अगर आपके परिजनों को यह समस्या रह चुकी है, तो संभवत: आपको भी इसका सामना करना पड़ सकता है।

3. हार्मोन में बदलाव

मेनपॉज होने, गर्भावस्था की स्थिति में या थायराइड होने पर शरीर में हार्मोन बदलने लगते हैं। इस कारण से भी बाल झड़ सकते हैं।

4. असंतुलित भोजन खाना

खानपान में सावधानी न बरतने से भी बाल कमज़ोर होकर गिरने लगते हैं। यह समस्या ज़्यादातर उन लोगों के साथ होती है, जो जंक फूड खाना पसंद करते हैं। जंक फूड में ऐसा कोई पौषक तत्व नहीं होता, जो हमारी सेहत व बालों के लिए अच्छा हो। इसके अलावा, यह समस्या उन्हें भी होती है, जो खानपान में संतुलन नहीं बनाकर रखते यानी नियमानुसार भोजन नहीं करते।

5. डैंड्रफ

इन दिनों हर कोई डैंड्रफ की समस्या से जूझ रहा है। अगर इसे गंभीरता से न लिया जाए, तो इसके कारण सिर पर जगह-जगह मोटी परत बननी शुरू हो जाती है। यह परत सफेद, सिल्वर या फिर लाल रंग की हो सकती है। इसे सोराइसिस यानी त्वचा संबंधी रोग कहा जाता है और इसी कारण बाल टूटकर गिरने लगते हैं|

6. प्रोटीन की कमी

हमारे बाल प्रोटीन के कारण बनते, बढ़ते और मज़बूत होते हैं। बालों के लिए इस प्रोटीन को केराटिन कहा जाता है। अगर हमारे भोजन में प्रोटीन की कमी होती है, तो बाल कमज़ोर होने लगते हैं। परिणामस्वरूप बाल रूखे और बेजान होकर टूटने लगते हैं|

बाल झड़ने से रोकने के घरेलू इलाज

1. नारियल का दूध
सामग्री :

एक कप नारियल का दूध

बनाने की विधि :

हेयर डाय ब्रश की मदद से नारियल के दूध को अपने सिर पर लगाएं।
इसके बाद सिर को तौलिये से ढक दें और करीब 20 मिनट के लिए इसे छोड़ दें।
अब तौलिये को हटाकर बालों को ठंडे पानी से धो लें।
अंत में बालों को शैंपू से साफ कर लें।

कब करें इस्तेमाल :

इस प्रक्रिया को आप हफ़्ते में एक बार कर सकते हैं।

इस तरह है फ़ायदेमंद :

नारियल के दूध में प्रचुर मात्रा में विटामिन-ई और फैट होता है, जो बालों को माश्चराज़ कर उन्हें स्वस्थ बनाता है। साथ ही इस दूध में प्रोटीन, मिनरल्स व अन्य ज़रूरी तत्व होते हैं, जो बालों को बढ़ने में मदद करते हैं (5)। नारियल के दूध को सिर पर लगाने से बालों के झड़ने की समस्या कम हो सकती है। इसी प्रकार, नारियल के तेल में भी ये सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों को जड़ से मज़बूत करते हैं।

2. नीम

सामग्री :

10-12 नीम की सूखी पत्तियां
पानी से भरा बर्तन

बनाने की विधि :

नीम की पत्तियों को पानी में तब तक उबालें, जब तक कि पानी आधा न रह जाए।
इसके बाद पानी को ठंडा होने दें।
अब बालों को इस पानी से धो लें।

कब करें इस्तेमाल :

जब भी आप शैंपू करें इस मिश्रण से बालों को ज़रूर धोएं। अगर यह संभव हो, तो हफ़्ते में एक बार कर सकते हैं।

ऐसे है लाभकारी :

नीम में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद है, जो डैंड्रफ से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा, यह सिर को साफ कर, बालों को उगने में मदद करता है (6)। नीम, रक्त प्रवाह को संतुलित रखता है, जिस कारण बालों की जड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है और बाल मज़बूत होते हैं। यह सिर से जुओं को खत्म करने में भी कारगर है (7)।

नोट : नीम मिश्रित पानी आंखों के लिए हानिकारक है। इसलिए, नीम के पानी से सिर धोते समय ध्यान रखें कि यह पानी आंखों में न जाए।

3. मेथी

सामग्री :

दो चम्मच मेथी के बीज
चार चम्मच दही
एक अंडा
या फिर

एक कप मेथी के बीज
बनाने की विधि :

प्रक्रिया नंबर-1

मेथी के बीज को रात भर के लिए पानी में भिगोकर रख दें
अगली सुबह, इन बीजों का पेस्ट बना लें।
अब इसमें थोड़ा पानी डालकर मिक्स कर लें।
बाद में इसमें दही और अंडे का सफ़ेद हिस्सा मिला लें।
अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं।
करीब आधे घंटे बाद पानी से बालों को धो लें।

प्रक्रिया नंबर-2

मेथी के बीजों को पानी में डालकर रातभर के लिए छोड़ दें।
अगली सुबह, इन्हें पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट को बालों की जड़ों से लेकर ऊपरी छोर तक लगाएं और शॉवर कैप से सिर को ढक लें।
करीब 40 मिनट बाद ठंडे पानी से सिर को धो लें।

कब करें इस्तेमाल :

बाल झड़ने के इस घरेलू उपाय का आप महीने में एक या दो बार प्रयोग कर सकते हैं।

इस तरह है फ़ायदेमंद :

मेथी के बीज बालों को बढ़ने में मदद करते हैं और बालों के रोम छिद्रों का फिर से निर्माण करते हैं। इसके अलावा, ये बालों को मज़बूत व लंबा करते हैं और उनमें प्राकृतिक निखार लाते हैं|

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पेट कम करने के जबरदस्त उपाय | पेट की चर्बी कम करें जाने कैसे ………

पेट कम करने के जबरदस्त उपाय | पेट की चर्बी कम करें जाने कैसे ………

 

आसानी से पेट कम करने के उपाय उन लोगों के लिए काफी मददगार हैं जो मोटापे से परेशान हैं और पेट कम करने के तरीके खोज रहे हैं| मोटापा(obesity) आज कल एक गंभीर समस्या का रूप लेता जा रहा है। आप चाहे कॉलेज में हों या किसी पार्टी में या फिर ऑफिस में, अपने मोटापे की वजह से आप हमेशा बहुत हीन जैसा महसूस करते हैं।

रिसर्च बताते हैं कि कई लोग मोटापे की वजह से मानसिक तनाव का भी शिकार हो जाते हैं क्योंकि ऐसे लोग खुद को बड़ा बदसूरत और अनफिट महसूस करने लगते हैं। और पेट की चर्बी(Fat) आपकी पर्सनालिटी भी खराब कर देती है।

वैसे वजन कम करना(Reducing Weight) बेहद आसान है लेकिन जैसे हर सफलता के लिए कठिन परिश्रम की जरुरत होती है ठीक वैसे ही आपको मोटापा घटाने में भी थोड़ी मेहनत करनी होगी।

कुछ लोग ये शिकायत करते हैं कि उनको भूख बहुत लगती है इसलिए वजन कम करना(Weight Lose) बेहद मुश्किल लगता है लेकिन हम ऐसी लोगों की परेशानी का भी समाधान आज आपके साथ शेयर करेंगे

सुबह की हवा लाख रूपये की दवा –

ये बड़ी पुरानी कहावत है लेकिन इसे कभी झुठलाया नहीं जा सकता। जो लोग अपने weight loss करना चाहते हैं उनके लिए सुबह थोड़ी दौड़ लगाना अनिवार्य है। सुबह दौड़ने से एक तो पूरे शरीर की exercise हो जाती है दूसरा आपकी सांस भी तेज चलने लगती है, जो वजन कम करने में बेहद कारगर है। दौड़ का एक टाइम फिक्स कर लें, शुरुआत में थोड़ा कम फिर धीरे धीरे दौड़ का समय बढ़ाते जाइये।

खाने से पहले पानी पियें –

जब भी आपके खाना खाने का समय हो उससे थोड़ी देर पहले खूब पानी पियें। इसके 2 फायदे हैं – एक तो खाना खाने के पहले आपका पेट साफ़ हो जाता है और दूसरा भूख कम लगती है और खाना भी कम खाया जाता है। और केवल खाने से पहले ही नहीं पानी तो आप दिन भर खूब पीजिये ये सलाह तो डॉक्टर भी देते हैं।

पेट भरिये मन नहीं –

हम्म कई बार ऐसा देखने में आता है कि लोग जब शादी या पार्टियों में जाते हैं तो खूब मन भर के खाना खाते हैं। उनका पेट तो कबका भर चूका है लेकिन मन नहीं भरा है इसलिए खाये जा रहे हैं। वो पेट की नहीं बल्कि मन की भूख मिटा रहे होते हैं। सामान्यतः ऐसे काफी लोग मिल जाते हैं जो खाने पीने के बहुत शौक़ीन हैं और जिनका मन नहीं भरता। ऐसे लोगों का मोटा होना बेहद लाजमी है। इसलिए पेट भरने के लिए खायें ना कि मन भरने के लिए।

सुबह अच्छा नाश्ता करिये –

सुबह अगर अच्छा नाश्ता कर लिया जाये तो लंच में भूख कम ही लगती है। और जितने भी मोटापा बढ़ाने वाला खाना है वो ज्यादातर लंच में ही खाया जाता है। अब जब आप नाश्ता अच्छा करेंगे तो लंच में स्वतः ही भूख कम लगेगी। नाश्ते में आप चाय, नमकीन या बिस्किट ले सकते हैं। इसके अलावा कोई ज्यादा प्रोटीन वाली चीज़ खाइये जैसे अंडा सबसे बढ़िया है। सुबह नाश्ते में अंडा खाइये इससे शरीर को प्रोटीन मिलेगी फैट नहीं।

नींद पूरी लें –

जो लोग अपनी नींद पूरी नहीं लेते वो मोटापे का शिकार जल्दी हो जाते हैं। अच्छी नींद लेना वजन कम करने की बेहद कारगर दवाई है। इसलिए रात को पूरी नींद लीजिये।

खाना खूब चबा कर खायें –

बहुत सारे लोगों में आदत होती है तेजी से खाना खाने की जो कि बहुत हानिकारक है। जब आप जल्दी खाना खायेंगे तो आप खाने को सही तरीके से चबा नहीं पाएंगे और जब खाना चबाया नहीं जायेगा तो पचेगा कैसे ? धीरे धीरे और खूब चबाकर खाना खाइये इससे आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

चाय कॉफी के शौक़ीन हैं तो खूब पीजिये –

चाय या कॉफी पीने का कुछ लोगों को बहुत शौक होता है। तो ऐसे लोगों के लिए खुशखबरी है कि आप ये सब खूब पी सकते हैं। कॉफी चर्बी घटाने में मदद करती है।

खाना ना छोड़े –

बहुत से लोग वजन कम करने के चक्कर में खाना खाना ही कम कर देते हैं या बहुत ज्यादा fast उपवास रखने लगते हैं। तो ऐसे लोगों को अपना रवैया बदलने की जरुरत है क्योंकि ये बहुत हानिकारक साबित हो सकता है। खाना कम खाने से आपका मोटापा कम नहीं होगा बल्कि आप कमजोर हो जायेंगे। आपके चेहरे में गड्ढे पड़ने लगेंगे और आप कमजोरी से चक्कर खा के गिर भी सकते हैं।

अपनी भूख के हिसाब से पूरा खाना खाइये लेकिन हाँ, आपको वो सब नहीं खाना जो अब तक खाते आये हैं। आपको आलू, चावल, दही, पूरी, कचौरी, मक्खन ऐसी सभी चीजों को छोड़ना होगा। अब आप प्रोटीन खाइये और जिस खाने में वसा हो उससे दूरी ही बेहतर है।

हरी सब्जियां, ब्रोकोली, फूलगोभी, पालक, गोभी, पत्ता गोभी, सलाद, खीरा, अजवायन ऐसी चीजें खूब खाइये।

कोल्ड ड्रिंक से रहें दूर –

कोल्ड ड्रिंक पीना आज लोगों का शौक जैसा हो गया है। वजन कम करना चाहते हैं तो कोल्ड ड्रिंक और फलों के जूस(fruit juice) को ना पियें। कोल्ड ड्रिंक वैसे ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

रोजाना व्यायाम और योगा करें –

अगर आप जिम जा सकते हैं तो जरूर जाएँ और जिम ट्रेनर की सलाह से exercise करें और अगर जिम नहीं जा सकते तो घर पर ही व्यायाम करें। योगा करने से शरीर बहुत फिट रहता है। योगा की काफी किताबें, cd मार्किट में मिल जाती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन भी काफी जानकारी योगा के बारे में मिल जाएगी। रोजाना योगा करें।

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गठिया रोग को ठीक करने के घरेलु उपाय……………

गठिया रोग को ठीक करने के घरेलु उपाय………….

 

गठिया (Rheumatism)

परिचय: मनुष्यों के शरीर के कई भाग होते हैं तथा उम्र के अनुसार गठिया रोग कई प्रकार का होता है-

ऑस्टियो आर्थराईटिस-

इस प्रकार का गठिया रोग उम्र के बढ़ने के साथ होने वाला एक सामान्य रोग है जो हडि्डयों के जोड़ों के घिस जाने के कारण होता है। इस रोग के कारण रोगी के नितम्ब, रीढ़ की हड्डी, घुटने अधिक प्रभावित होते हैं। कभी-कभी यह रोग उंगुलियों के जोड़ों में भी हो जाता हैं। इस रोग के कारण इन अंगों में तेज दर्द होता है।

रूमेटाइड आर्थराईटिस-

इस गठिया रोग के कारण छोटी उंगुलियों के जोड़, उंगलियां, कोहनियों, कलाइयों, घुटनों, टखनों आदि में दर्द होने लगता है तथा इन अंगों में अकड़न हो जाती है। हडि्डयों के जोड़ों में सूजन आ जाने के कारण उपस्थियां तो क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तथा इसके साथ में जो मांसपेशियां, कंडराएं तथा कोशिकाएं होती हैं उनमें विकृतियां उत्पन्न हो जाती हैं जिसके कारण रोगी व्यक्ति में विकलांगपन जैसी समस्या हो जाती है। यह रोग पुरुषों से अधिक महिलाओं को होता है।

गाउटी आर्थराईटिस-

इस गठिया रोग के हो जाने के कारण पैर के पंजों में बहुत तेज दर्द होता है और यह दर्द इतना अधिक होता है कि पंजों को हल्के से छूने पर रोगी अपना पंजा एक ओर को हटाने लगता है। जब यह रोग अधिक पुराना हो जाता है तो इससे संबन्धित हडि्डयां धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं जिसके कारण व्यक्ति में विकलांगता उत्पन्न हो जाती है। गाऊट गठिया रोग से पीड़ित लगभग 10 प्रतिशत रोगी पथरी रोग के शिकार (रोगी हो जाना) हो जाते हैं। यह रोग पुरुषों को अधिक होता है।

सर्वाकल स्पोंडिलाईसिस-

इस रोग के कारण गर्दन की हडि्डयों और कमर के निचले भाग में तेज दर्द तथा अकड़न हो जाती है।

इन सभी गठिया रोगों की पहचान: इन रोगों के कारण हडि्डयों के जोड़ों के पास तेज दर्द, सूजन तथा अकड़न हो जाती है। जब मौसम में बदलाव होता है तो इस रोग के कारण और भी तेज दर्द होना शुरू हो जाता है तथा सूजन भी अधिक बढ़ जाती है।

गठिया रोग होने का कारण:-

इस रोग के होने का सबसे मुख्य कारण हडि्डयों के जोड़ों में यूरिक एसिड का जमा हो जाना है।
भोजन में अधिक प्रोटीन का सेवन करने से भी यह रोग हो जाता है।
अधिक दवाईयों का सेवन करने के कारण भी गठिया का रोग हो सकता है।
श्रम तथा व्यायाम की कमी होने के कारण भी गठिया रोग हो जाता है।
शरीर में कब्ज तथा गैस बनाने वाले पदार्थों का खाने में अधिक सेवन करने के कारण भी गठिया रोग हो सकता है जैसे- मिर्च-मसाले, नमक, दाल, मछली, अण्डे तथा मांस आदि।

गठिया रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-

गठिया रोग का उपचार करने के लिए सबसे पहले शरीर में जमा यूरिक एसिड को घुलाकर शरीर से बाहर निकालने वाले पदार्थ जैसे- पोटाशियम प्रधान खाद्य पदार्थ लौकी, तरबूज, ककड़ी, खीरा, पत्तागोभी, पालक, सफेद पेठा आदि के रस को प्रतिदिन पीना चाहिए और फिर उपवास रखना चाहिए।

नींबू, अनन्नास, आंवला तथा संतरे का रस पीकर उपवास रखने से भी गठिया रोग में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

इस रोग से पीड़ित रोगी को कुछ सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन करना चाहिए।
गठिया रोग से पीड़ित रोगी को मौसम के अनुसार फल तथा सलाद और हरी सब्जियों का रस पीना चाहिए।

इस रोग से पीड़ित रोगी यदि प्रतिदिन नारियल का पानी पिये तो उसे बहुत अधिक लाभ मिलता है।

अंगूर तथा शरीफा फलों को कुछ दिनों तक खाने से रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को कच्चे आलू का रस पिलाना अधिक लाभदायक होता है।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को रात के समय में 2-3 अंजीर, 10 मुनक्का तथा 1 खुबानी को भिगोने के लिए रख दें और सुबह के समय में उठकर इसे खा लें। इससे गठिया रोग में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

इस रोग से पीड़ित रोगी को अपने भोजन में दाल, दही, दूध, तली-भुनी चीजें तथा चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।
इस रोग से पीड़ित रोगी को पानी अधिक से अधिक मात्रा में पीना चाहिए।

तांबे के बर्तन में पानी

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को रात के समय में तांबे के बर्तन में पानी को रखना चाहिए। इस पानी को सुबह उठकर पीने से गठिया रोग को ठीक होने में बहुत लाभ मिलता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को लहसुन अधिक खाने चाहिए।

सुबह के समय में अंकुरित मेथीदाना तथा शहद का सेवन करने से गठिया रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी यदि प्रतिदिन खजूर तथा तिलों से बने लड्डुओं का सेवन करे तो उसका यह रोग कुछ दिनों में ठीक हो जाता है।
इस रोग से पीड़ित रोगी को अदरक तथा तुलसी का रस हल्के गर्म पानी में डालकर पीना चाहिए। यह रोगी के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है।

उपवास

इस रोग से पीड़ित रोगी को सप्ताह में 1 बार उपवास अवश्य रखना चाहिए।
गठिया रोग से पीड़ित रोगी यदि प्रतिदिन सुबह के समय में लगभग 240 मिलीलीटर सूर्यतप्त द्वारा बनाया गया हरी बोतल का पानी पिये और गठिया रोग से प्रभावित भाग पर इस जल को लगाए तो उसका यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।

इस रोग से पीड़ित रोगी को सूर्य की रोशनी में अपने शरीर की प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट तक सिंकाई करनी चाहिए क्योंकि सूर्य की किरणों में लाल रोशनी इस रोग को बहुत जल्दी ठीक कर देती है।

मिट्टी की गीली पट्टी

इस रोग से पीड़ित रोगी को गठिये से प्रभावित भाग पर मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए।
गठिया रोग से पीड़ित रोगी को एनिमा क्रिया करके अपने पेट की सफाई करनी चाहिए और फिर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार कराना चाहिए।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को कटिस्नान, मेहनस्नान, धूपस्नान तथा भापस्नान करना चाहिए और इसके बाद शरीर पर सूखा घर्षण स्नान (सूखे तौलिये से शरीर को पोंछना) करना चाहिए।
इस रोग को ठीक करने के लिए गर्म पानी से पैरों को धोना चाहिए जिसके फलस्वरूप गठिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।

गठिया रोग से प्रभावित भाग पर गर्म पट्टी करने तथा गर्म मिट्टी की पट्टी करने या गर्म-ठंडी सिंकाई करने से रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।
प्रतिदिन योगनिद्रा करने से भी गठिया के रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को अपने जोड़ों की हल्की शुष्क मालिश करनी चाहिए तथा नींबू के रस को गठिया से प्रभावित भाग पर लगाकर मालिश करने से गठिया रोग जल्दी ठीक हो जाता है।
गठिया रोग के कारण प्रभावित स्थान पर जो सूजन पड़ जाती है उस पर बर्फ की ठण्डे पानी की पट्टी करने से सूजन कम हो जाती है और रोगी को इस रोग की वजह से जो दर्द होता है वह कम हो जाता है।

गठिया रोग से प्रभावित भाग पर नारियल या सरसों के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से जोड़ों की अकड़न कम हो जाती है और दर्द भी कम हो जाता है।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को 1 चुटकी हल्दी खाकर ऊपर से पानी पीने से दर्द में आराम मिलता है।

हारसिंगार 

इस रोग से पीड़ित व्यक्ति यदि हारसिंगार की 4-5 पत्तियों को पीसकर 1 गिलास पानी में मिलाकर सुबह तथा शाम लगातार 2-3 सप्ताह तक पिये तो उसका गठिया रोग जल्दी ठीक हो जाता है।

टब के पानी में नमक डालकर 30 मिनट तक पानी में लेटे रहने से गठिया रोग से पीड़ित रोगी को बहुत अधिक लाभ मिलता है।

योगासन 

इस रोग को ठीक करने के लिए कई आसन हैं जिन्हें प्रतिदिन करने से गठिया रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है ये आसन इस प्रकार हैं- पद्मासन, वज्रासन, उज्जायी, सूर्यभेदी, प्राणायाम, भस्त्रिका-नाड़ीशोधन, सिद्धासन, गोमुखासन, गोरक्षासन, सिंहासन तथा भुजंगासन आदि।

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ककड़ी गर्मियों में रखे कूल, जानें ककड़ी खाने के फायदे…….

ककड़ी गर्मियों में रखे कूल, जानें ककड़ी खाने के फायदे…………..

 

गर्मियों में हरी-भरी और कुरकुरी ककड़ी आमतौर पर सलाद का हिस्सा बन जाती है। खीरा प्रजाति की ककड़ी अपने मधुर स्वाद और ठंडी तासीर के कारण गर्मी से राहत भी पहुंचाती है। 90 प्रतिशत जल तत्व, फाइबर, विटामिन, कैल्शियम, आयोडीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम जैसे खनिज से भरपूर ककड़ी के फायदे बता रही हैं जस अरोड़ा

गर्मी करे दूर

ककड़ी के बीजों में गर्मी दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं। इनके सेवन से चिड़चिड़ापन, बौखलाहट, गुस्सा आने जैसी मानसिक परेशानियां भी दूर होती हैं। शरीर को कूल रखने के लिए इसके बीज का ठंडाई में इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है। ककड़ी का रायता तेज गर्मी या लू की मार से बचाने में सहायक होता है।

रखे हाइड्रेट

ककड़ी में खीरे के मुकाबले पानी ज्यादा होता है। गर्मियों में इसके नियमित सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं हो पाती और डीहाइड्रेशन से बचाव होता है। यह टॉक्सिक या विषैले पदार्थों को शरीर से बाहर निकाल कर उसे डीटॉक्स करने में मदद करती है। आधा-आधा गिलास ककड़ी और टमाटर का रस लेना और बेहतर है। इसमें स्वादानुसार नमक और पिसा जीरा मिलाकर दिन में एक बार पिएं। अधिक प्यास लगने पर आधा कप ककड़ी के रस में थोड़ी-सी चीनी मिलाकर पीना लाभदायक है।

पाचन रखे सही

गर्मी के दिनों में ककड़ी का सेवन पित्त दोष से पैदा होने वाली बीमारियों को दूर करने में सहायक है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलती है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, सीने में जलन, गेस्ट्रो जैसी पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। फाइबर की मात्रा अच्छी होने के कारण यह अपच की समस्या दूर करती है।

डायबिटीज पर रखे नियंत्रण

ककड़ी में मौजूद मिनरल्स शरीर में इंसुलिन का स्तर नियंत्रित रखते हैं। इसमें मौजूद स्टेरॉल्स कोलेस्ट्रॉल के बढ़े स्तर को कम करता है।

ब्लड प्रेशर करे नियंत्रित

ककड़ी में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है। रोजाना आधा कप ककड़ी का रस पीना फायदेमंद है।

मोटापा करे कम

फाइबर और पानी से भरपूर ककड़ी वजन कम करने में भी सहायक है। दूसरे स्नैक्स की अपेक्षा ककड़ी का सेवन अधिक देर तक पेट के भरे होने का एहसास कराता है।

आंखों को दे आराम

ठंडी तासीर वाली होने के कारण ककड़ी के कटे टुकड़े आंखों पर रख कर लेटने से आंखों को काफी आराम मिलता है। यह आंखों में जलन, सूजन, थकावट या आंखों के नीचे काले घेरे की समस्या में फायदेमंद है।

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Home Remedies for Blood Purification…………………….

Home Remedies for Blood Purification: जानें खून साफ़ करने के कुछ बेहरीन घरेलू उपाय…………….

 

क़्त के साथ साथ हमारे आसपास और हममे भी बहुत सारे बदलाव होते है। हमारी शारीरिक अवस्था, हमारी खानपान, हमारी जीवनशैली तथा हमारे आस पास के पर्यावरण में हो रहे परिवर्तन हमारे शरीर पर असर डालते हैं। इन बदलावों की वजह से हमारे शरीर में मौजूद रक्त में एक बड़ी मात्रा में अशुद्ध तथा विषाक्त पदार्थ साथ साथ कई हानिकारक फ्री-रेडिकल्स भी मिक्स हो जाते हैं।

ये सभी हानिकारक और विषाक्त पदार्थ हमारे बॉडी के नियमित तौर पर काम करने वाले सिस्टम को सुचारू रूप से कार्य नहीं करने देते हैं और इसी कारण से हमारा शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ने लग जाता है और कई सारी समस्याएं उत्पन्न होने लग जाती है ।

रक्त में अशुद्धियों के आ जाने की इस समस्या के कारण बहुत बार तो ऐसी भी परिस्थिति आ जाती है की रक्त को शुद्ध तथा साफ करने के लिए पीड़ित को बहुत प्रकार की दवाईयों का भी सेवन करना पड़ जाता है। इस समस्या को अनदेखा करने से स्थिति और ख़राब हो जाती है और परेशानी बहुत अधिक बढ़ जाती है।

हालांकि कुछ घरेलू और पुराने नुस्खों को अपना कर हम इस समस्या में राहत भी प्राप्त कर सकते हैं। हमारे आस पास कई प्राकृतिक Blood Purifier है जिसका इस्तेमाल हम कर सकते हैं। ये घरेलू नुस्खे तथा उपाय इस प्रकार की समस्या से निजात दिलाने में बहुत हद्द तक मददगार साबित हो सकते हैं। तो आइए आज के इस लेख में जानते हैं इन्हीं घरेलू नुस्खों के बारे में विस्तार से।

पर्याप्त आहार एवं नियमित व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए मददगार होता है पर आज के ज़माने में सब बहुत ज्यादा व्यस्त हैं और उनके पास ना तो खाना खाने का समय है और ना व्यायाम का, ऐसे में उन्हें परेशानियां तो होंगी हीं और इन्हीं परेशानी में महत्वपूर्ण है खून की अशुद्धि।

दरअसल खून में होने वाली अशुद्धि का सबसे मुख्य लक्षण ज़मीन सम्बंधित समस्याएं जैसे दाग-धब्बे फुंसियां, या फिर इंफेक्शन होना होता है। ऐसा होने पर पीड़ित को अधिक खबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि बिना खबराए डॉक्टर से इसका उचित उपचार करवाने की आवश्यकता होती है। इसके साथ साथ आप कुछ घरेलू तरीके भी अपना सकते हैं जिससे अशुद्ध रक्त शुद्ध किया जा सकें।

Natural Blood Purifier: खून को साफ़ करने के प्राकृतिक उपाय

नीम

नीम प्राचीन काल से हीं एक औषधीय पेड़ माना जाता है। नीम में नेचुरल एंटीसेप्टिक एंजेट मौजूद होते हैं जिसकी मदद से मुंह के अंदर ही बैक्टीरिया का खात्मा करने में मदद मिल जाती है।
नीम एक Natural Blood Purifier होता है जिसमें नेचुरल डिटॉक्सिफाइंग एंजेट भी उपलब्ध होते हैं जिसकी मदद से रक्त के अंदर से से सभी विषाक्त पदार्थों को आसानी से बाहर निकाल दिया जाता है।

इसका सेवन करने के लिए आप कुछ फ्रेश नीम की टहनियों को लें और फिर उन टहनियों को अच्छे से धोने के बाद प्रति दिन सुबह के समय खाली पेट में खाएं।
इस प्रक्रिया को एक पूरे महीने तक नियमित रूप से जारी रखें फिर आपके रक्त सम्बंधित समस्याओं में बहुत राहत मिल जायेगी।

धनिया पत्ता

धनिए के अंदर अच्छी मात्रा में डिटॉक्सिफांइग एंजेट मौजूद होते हैं जो रक्त की अशुद्धि को साफ करने में सहायक होते हैं।

इसके सेवन के लिए आप सबसे पहले दो गिलास पानी निकलने और उसमें एक मुठ्ठी भर धनिए के ताजे पत्ते को डाल दें और फिर इस पानी और धनिये की मिश्रण को उबाल लें।
इसे काम से कम दस मिनट तक के लिए जरूर उबलने दें और फिर इसके उबल जाने के बाद इसे छान कर के पी लें।

आप चाहें तो इसे अपने फ्रिज में सुरक्षित कर के रख भी सकते हैं और फिर इसका सेवन अगले एक महीने तक लगातार कर सकते हैं।

तुलसी

तुलसी भी एक ऐसा पौधा है जिसका उपयोग प्राचीन काल से औषधि के रूप में किया जाता आ रहा है। इसे एक आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी जाना जाता है।
वैसे हमारे देश में इस पौधे को बहुत पवित्र भी माना जाता है साथ हीं इसकी पूजा भी की जाती है। साथ हीं करीब करीब हर घर में इसका पौधा आपको अवश्य मिल जाएगा।

तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में उपलब्ध होते हैं।
इसका नियमित तौर पर सेवन करने से यह नाक के माध्यम से होते हुए आपके फेफड़ों तक की सफाई कर देता है।

तुलसी में भी रक्त में मिले विषाक्त पदार्थों को साफ़ करने में मददगार डिटॉक्सिफाइंग एंजेट उपलब्ध होते हैं।

इसके नियमित सेवन के लिए आप सबसे पहले एक गिलास पानी ले लें और फिर इसमें 10 से 12 तुलसी के पत्ते डाल दें। अब इस मिश्रण को उबाल लें और जब यह अच्छे से पूरी तरह उबल जाए तब इसे कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
ठंढा हो जाने के बाद इसे छान लें और फिर इसे पी लें।

इस प्रक्रिया का उपयोग लगातार तीन सप्ताह तक के लिए करें, इससे आपका रक्त बिलकुल साफ हो जाएगा और इसमें मौजूद सारे फ्री-रेडिकल्स भी बाहर निकल जाएंगे।

पार्सले

पार्सले में विटामिन के, सी के साथ साथ फोलेट एवं पोटेशियम आदि मौजूद होते हैं।
पार्सले में इसके अलावा मैरीसिस्टिन होता है जिसके कारण ग्लुटाथियोन-एस-ट्रान्सफरस एंजाइम सक्रीय हो जाता है।

इस एंजाइम में बॉडी के अंदर मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकाल देने की कशक्ति होती है और साथ हीं खून की सफाई के लिए भी यह एक अच्छा प्यूरिफायर साबित होता है।
इसके सेवन के लिए आप ताजा पार्सले को ले कर उसका जूस बनायेन और फिर इस जूस को प्रतिदिन पिएं। एक हफ्ते तक इसके सेवन से असर दिखने लगेगा।

आंवला

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी मौजूद होता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
विटामिन सी का सेवन दरअसल लिवर की कार्य करने की क्षमता में इजाफा करने में मददगार साबित होता हैं।
इसके अलावा यह बॉडी की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी और ज्यादा मजबूत बनाने में मदद करता है।

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छिपकली के डर से न भागे बल्कि उन्हें दूर भगाएं : Chipkali Bhagane Ke Upay…….

छिपकली के डर से न भागे बल्कि उन्हें दूर भगाएं : Chipkali Bhagane Ke Upay……………..

 

आपने अक्सर अपने घर की दीवारों, दरवाजों, खिड़कियों के आस पास छिपकली जरूर देखा होगा। चाहे किचन हो या फिर स्टोर रूम छिपकलियां घर के किसी भी कोने में मौजूद हो सकती है। महिलाएं और बच्चों तो छिपकलियों से बहुत ज्यादा डरते है। आपने देखा होगा अक्सर आपके घरों में भी जब Chipkali कह़ी दिखाई देती होगी तो आपके घर के बच्चे और महिलाएं उससे देखकर ही घबराने लगने है और इधर उधर भागना शुरू कर देते हैं।

अगर आपके घर में बहुत ज्यादा छोटे बच्चे हो तो छिपकली का घर में होना और ज्यादा खतरनाक हो सकता है क्योंकि छोटे बच्चे नासमझ होते है और वो हर जीव जन्तु को देखते ही उसे पकड़ने के लिए भागते है। यूं तो छिपकली आपके घर के छोटे छोटे कीड़ों को खा जाती है पर फिर भी छिपकली का होना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छा नही होता।

छिपकली अगर किसी खाने की वस्तु में गिर जाये तो वो उसे दूषित और संक्रमित कर सकती है। ज्यादातर छिपकलियाँ किचन में मौजूद होती है इसलिए उसका खाने में गिरने का भी बहुत ज्यादा डर बना हुआ रहता है। बहुत बार छिपकलियाँ गर्मी के दिनों में दीवार से उतरकर नीचे जमीन पर भी चलने लगती है ऐसे में अगर गलती से उस पर अँधेरे में आपका पाँव रखा जाये तो ये भी अच्छा नही होता है।

कुछ लोग तो छिपकली से इतना ज्यादा परेशान हो जाते है की अगर वो छिपकली को देख लेते है तो या तो वो पहले उसे भगाने की कोशिश में रहते है पर कह़ी अगर छिपकली ऐसे कोने में चली जाती है जहाँ से उन्हें नजर नही आती तो ऐसे में वो लोग चैन से सो तक नही पाते है अगर घर में बच्चे हो तो ऐसी चिंता करना जायज़ भी है। परन्तु अब आपको छिपकली को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नही है आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बतायेंगे जिन्हें आज़माकर आप भी छिपकली की चिंता से मुक्ति पा सकते है। जानते है Chipkali Bhagane Ke Upay.

घर से छिपकली भगाने के उपाय: How to get rid of Lizards

लाल मिर्च पाउडर है छिपकलियों को भगाने में कारगर:

छिपकली को भगाने के लिए आप एक चम्मच तीखी लाल मिर्च पाउडर को लेकर एक गिलास पानी में घोल बना ले और इसे किसी स्प्रे बोटल में भर ले और जहाँ भी छिपकली निकलती है वहां पर इससे स्प्रे कर दे।
इस स्प्रे के कारण छिपकली निकलना बन्द हो जाएगी। ये एक बहुत ही अच्छा उपाय है छिपकली को घर से भगाने के लिए। पर बस ये ध्यान रखे की स्प्रे सावधानी पूर्वक करे स्प्रे करते समय गलती से भी आपकी आँखों में ये स्प्रे नही जाये। इस स्प्रे को बच्चों से भी दूर ही रखे।

काली मिर्च पाउडर का उपयोग:

जिस तरह लाल मिर्च पाउडर का स्प्रे बना सकते है उसी तरह एक चम्मच काली मिर्च पाउडर को लेकर एक गिलास पानी में घोल बना ले।
इसे किसी स्प्रे बोटेल में भर ले और जहाँ भी छिपकली निकलती है वहां पर इससे स्प्रे कर दे छिपकली घर में निकलना बंद हो जाएगी।

कॉफी पाउडर है असरदार:

ये सबसे अचूक नुस्खा है जिसकी गंध छिपकली बिलकुल भी बर्दाश्त नही कर पाती है।
कॉफी पाउडर को तम्‍बाकू पाउडर के साथ मिला लें और इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर वहां-वहां रख दें जहां छिपकलियां आती है।

अगर छिपकलियां इन गोलियों को खा लेगी तो वह मर जाएगी। वैसे तो छिपकली इसकी गंध से ही घर से भाग जाएँगी।

मोर पंख:

मोर पंख को घर में रखना वस्तु के हिसाब से भी अच्छा माना जाता है साथ ही अगर आप मोर पंख को घर में रखते है तो आप इससे छिपकलियों को भी भगा सकते है।
जब आप अपने घर के उस हिस्से में मोर पंख रखेंगे जहाँ छिपकलियाँ आती है तो मोर पंख को देख कर के छिपकली घर में बिल्कुल नही आएगी।
मोर पंख से आप अपने बच्चों की नजर भी उतार सकते है। इसलिए इसे घर में रखना बहुत अच्छा होता है। मोर पंख अगर बहुत ज्यादा पुराना हो जाए तो उसे बदल देना चाहिए।

फेनायल की गोलियां:

फेनायल की गोलियों को आप अपने घर की अलमारी में तो रखते ही है जिससे कपड़ो में से बदबू नही आये।
पर अगर आप फेनायल की गोलियों को ऐसी जगह रख दे जहाँ से छिपकली आती हो तो इसकी गंध से छिपकली भी नही आएगी।

प्याज:

प्याज की खुशबू छिपकलियों को भगाने में बहुत असरदार होती है। प्याज की खुशबू से ही छिपकली भाग जाती है।
इसके लिए आप प्याज को काटकर घर की लाइट्स और बल्ब पर लटका दीजिये। इससे घर में छिपकलिया आएँगी ही नही।

ज्यादातर छिपकली रौशनी के पास ही आती है इसलिए लाइट्स पर प्याज लटकाना अच्छा रहता है।

लहसुन की कलियाँ:

लहसुन का स्वाद और उसकी महक जहां हम सभी को बहुत अच्छी लगती हैं वहीं छिपकली को इसकी गंद बिलकुल पसंद नही आती है।
यहीं कारण हैं कि लहसुन छिपकलियों को घर से दूर भगा देता है।

लहसुन से निकलने वाली गंध से छिपकलियां दूर भागती हैं। इसके लिए लहसुन की चार से पांच कलियों को उन जगहों पर रख दें या लटका दें जहां आपकों छिपकलियां दिखती हों छिपकलिया दिखना बंद हो जाएगी।

बर्फ वाला ठंडा पानी:

अगर आपको घर में अचानक से छिपकली नजर आये तो आप उस पर बर्फ वाला ठंडा पानी स्प्रे करके उसे भगा सकते है। ठंडे पानी से वो जल्दी से भाग जाती है।

बाज़ार में वैसे तो छिपकली को भगाने के लिए कई सारे विषैले पदार्थ आसानी से मिल जाते है अगर आपके घर में बच्चे या पालतू जानवर नही है तब आप चाहे तो इनका उपयोग करके भी छिपकली को भगा सकते है। पर अगर आपके घर में छोटे बच्चे और पालतू जानवर हो तो ऐसे में आपको बाज़ार से लाकर किसी भी तरह की कीटनाशक दवा का इस्तेमाल छिपकली को भगाने के लिए नही करना चाहिए क्योंकि अगर ये दवाई बच्चे के हाथ लग जाये तो घातक सिद्ध हो सकती है। इस बात का विशेष ध्यान रखे।

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घरेलु नुस्खों के द्वारा शराब की लत को कहें बाय बाय : Sharab Chudane Ke Upay

घरेलु नुस्खों के द्वारा शराब की लत को कहें बाय बाय : Sharab Chudane Ke Upay…………………..

 

शराब की लत दुनिया की सबसे खराब लत है एक बार अगर ये लत लग जाये तो इसे छुड़ाना बहुत मुश्किल हो जाता है। अगर घर में किसी को शराब की आदत लग जाये तो ये आदत एक हसते खेलते परिवार को बर्बाद कर सकती है। शराब के नशे में इंसान अपने होश खो बैठता है उसे सही गलत का कोई अंतर नजर नहीं आता है।

कई बार शराब की लत में इंसान इतना ज्यादा डूब जाता है की वो घर में हिंसा तक करने पर उतारू हो जाता है और अपने ही माँ-बाप, बीवी और बच्चों से मार-पीट तक करने लगता है। शराब के बहुत ज्यादा सेवन से इंसान की किडनी तक पूरी तरह खत्म हो जाती है। शराब की लत से इंसान अपने ही हाथों अपनी जिंदगी खत्म कर लेता है।

शराब की इस लत को समय रहते छुड़ाना बहुत आवश्यक है। इससे पहले की परिवार और बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़े शराब की लत छोड़न जरूरी है। बहुत बार लोग इस लत को खुद से छोड़ने के कई सारे प्रयास भी करते है पर कुछ दिन के बाद वापस इस लत को लगा लेते है। ऐसे में उस इंसान के साथ साथ परिवार के लोगो को भी उन्हें इस लत से बहार लाने की कोशिश में उनका पूरा साथ देना चाहिए और उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए शराब के बिना जीवन बहुत सुन्दर और सुखी है।

परिवार की मदद से इंसान को इस लत से बाहर निकाला जा सकता है। ऐसी बहुत सारी दवाएं है जो शराब को छुड़ाने में मददगार साबित होती है साथ ही ऐसे कई घरेलू नुस्खे भी है जिनसे आप शराब को छोड़ सकते है।जानते है Sharab Chudane Ke Upay के बारे में।

शराब से मुक्ति के कारगर उपाय (Sharab Mukti ke Upay):

अजवाईन

अजवाईन किसी भी प्रकार के नशे से मुक्ति दिलाने में एक सबसे असरदार भूमिका निभाती है। इसे किस तरह प्रयोग करना है शराब छोड़ने के लिए यह हम आपको बताते है।

कैसे करे उपयोग

आप ½ किलो या 1 किलो अजवाईन ले लीजिये।
अब आपने जितनी भी अजवाईन ली है आपको उससे 8 गुना ज्यादा पानी लेना है जैसे की अगर आपने ½ किलो अजवाईन ली है तो आपको 4 लिटर पानी लेना है या अगर 1 किलो अजवाईन ली है तो आपको 8 लिटर पानी लेना है।

अब आपको इसे इतना पकाना है की ये 1 से डेढ़ किलो रह जाये मतलब अगर आपने ½ किलो अजवाईन ली है तो उसमे 4 लिटर पानी लीजिये और उसे गैस पर इतना उकालिये की ये 1 किलो रह जाये।

अब इसे एक बोटल में भरकर रख लीजिये और जो लोग भी शराब पीते हो या किसी भी तरह का नशा करते हो उन्हें दिन में 2-3 बार भोजन से पहले 1 कप इसे पीला दीजिये। ऐसा करने से धीरे धीरे अपने आप उनकी शराब पीने की इच्छा खत्म होने लगेगी और एक दिन पूरी तरह शराब की लत छुट जाएगी। ये एक बहुत ही कारगर नुस्खा है हर तरह के नशे की लत को छुडवाने के लिए।

सेब का रस

सेब का रस बार बार पीने से और भोजन के साथ सेब खाने से भी आपकी शराब पीने की आदत पूरी तरह से कम हो जाती है।

कैसे करे उपयोग

यदि उबले हुए सेबों को शराब पीने वाले को प्रतिदिन दो से तीन बार खिलाया जाए तो कुछ ही दिनों में शराबी की शराब पीने की आदत धीरे-धीरे खत्म हो जाती है।

किशमिश

किशमिश भी शराब पीने की लत को छुड़ाने में बहुत फायदेमंद साबित होती है।

कैसे करे उपयोग

जब भी किसी को शराब पीने की तलब लगे तो उसे किशमिश का 1-2 दाना मुंह में डालकर किशमिश को चूसने के लिए दे।
इसके अलावा उसे किशमिश का जूस बना कर भी दे सकते है। इससे धीरे धीरे शराब पीने की लत खत्म हो जाएगी।

खजूर

खजूर शराब से मुक्ति दिलाने में बहुत कारगर है।

कैसे करे उपयोग

इसके लिए पानी में कुछ खजूर घिसें फिर दिन में दो से तीन बार इस मिश्रण का सेवन करें।
इससे जल्दी ही शराब की आदत छूट जाती है। कुछ महीनों तक निरंतर इसे लेते रहे जब तक पूरी तरह शराब की लत छुट न जाये।

करेला

करेला शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में सहायक होता है।

कैसे करे उपयोग

कुछ करेले की पत्तियों का रस निकालकर उसे छाछ के एक गिलास में 3 से 4 चम्मच मिक्स कर दीजिये।
इसे एक दिन में 1 बार खाली पेट पिए, ऐसा करने से धीरे धीरे शराब की लत कम होने लगती है।

अदरक

Sharab Chudane ke Gharelu Nuskhe के अंतर्गत आने वाले अदरक के नुस्खों की मदद से भी आप शराब की लत छोड़ने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे करे उपयोग

अदरक के छोटे छोटे टुकड़े ले अब इन पर सेंधा नमक डालें और नीम्बू निचोड़ दे और इन टुकड़ों को धूप में सूखने के लिए रख दे।
जब अदरक के टुकड़े सूख जाएं तो इन्हें एक डिब्बे में रख लें लीजिए।

अब जब शराब पीने की अत्यधिक इच्छा जागृत हो तो इसे निकालकर चूसते रहे। ये अदरक मुंह में घुलती नही है और इसे आप सुबह से शाम तक मुंह में रख सकते है।
इसमें सल्फर की मात्रा होती है इसलिए जब भी आप इसे चूस लेंगे तो आपको शराब का नशा या अन्य कोई भी नशा करने का मन ही नही करेगा।

शराब छोड़ने के लिए दवाइयाँ (Nasha Mukti Medicine):

Selincro 18 mg

यह एक एलोपेथिक मेडिसिन है जो शराब को छुड़ाने में सहायता करती है।
अगर शराबी इंसान खुद ही शराब छोड़ने का इच्छुक है तब आप उसे एक दिन में तीन बार सुबह दोपहर और रात को इस दवा को खिलाएं।
पर अगर ऐसा इंसान जो शराब स्वयं से नही छोड़ना चाहता है उसे आपको इस मेडिसिन को उसके खाने-पीने की चीजो में मिलाकर के उसे खिलाएं।
इससे उसे उलटी और चक्कर आदि आने की समस्याएं हो सकती है पर इसके सेवन से धीरे धीरे शराब पीने की इच्छा खत्म होने लगती है।

Campral 333 mg

यह भी एक एलोपेथिक दवाई है। इसे भी आपको ऊपर बताई हुई दवाई की तरह ही देना है।
ये मेडिसिन भी धीरे धीरे शराब पीने की इच्छा को खत्म कर देती है।
ये दोनों ही मेडिसिन आपको मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती है।
होमियोपैथी में भी ऐसी दवाइयाँ है जिसके सेवन से शराब की लत से मुक्ति पाई जा सकती है इसके लिए आपको किसी होमियोपैथी चिकित्सक से पूरा ट्रीटमेंट लेना होता है।

आज के लेख में आपने शराब की लत छुड़ाने के लिए उपयोगी नुस्खों के बारे में जाना। अगर आप या आपके आसपास के किसी व्यक्ति को शराब छोड़नी है तो लेख में बताये नुस्खों का इस्तेमाल करें।

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Vomiting in Pregnancy Home Remedies: गर्भावस्था की उल्टियों घरेलु उपचार…………

Vomiting in Pregnancy Home Remedies: गर्भावस्था की उल्टियों से निजात दिलाए घरेलु उपचार…………..

 

सबसे खूबसूरत पल किसी भी महिला की जिंदगी में तब आता है जब उसे पता चलता है की वो माँ बनने वाली है। एक बिलकुल नए प्रकार का वो अनुभव होता है जब उन्हें पता चलता है की उनके अंदर कोई नन्ही सी जान सांस ले रहा है और 9 महीनों के बाद वो नन्ही जान उसके शरीर का अंश बन कर इस दुनिया में आएगा।

आप अगर हिंदी फिल्मों के शौक़ीन होंगे तो आप जानते होंगे की माँ बनने की खबर सबसे पहले महिला की उल्टियों से पता चलता है। वास्तव में भी ऐसा होता है अक्सर गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को उल्टियां होती हैं। उल्टियों के साथ साथ मतली की समस्या भी आती है। बहरहाल ये छोटी छोटी समस्याएं बच्चे की ख़ुशी को थोड़ा फीका तो करती हैं पर यह तो विधि का विधान है और आपके शरीर में ये परिवर्तन तो ऐसे समय में होंगे ही। इसलिए कोशिश करनी चाहिए की इनका अच्छे से उपचार करें और अपने होने वाले बच्चे के खुशनुमा एहसास को महसूस करें।

गर्भधारण के समय होने वाले शारीरिक बदलावों के कारण ये समस्याएं सभी महिलाओं को होती हैं इसलिए इनसे घबराना नहीं चाहिए और इसका निदान करना चाहिए। आप चाहें तो कुछ उपयोगी घरेलू उपायों के माध्यम से भी इन गर्भावस्था की सामान्य समस्यायों से राहत प्राप्त कर सकती हैं और अपने गर्भावस्था के एहसास को शिद्दत से महसूस कर सकती हैं।

आज के लेख में हम गर्भावस्था की इन्हीं सामान्य समस्या से निजात दिलाने वाले कुछ घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। ये उपाय बहुत कारगर होते हैं और जल्द ही राहत भी मिल जाती है। तो आइये अब जानते हैं Vomiting in Pregnancy Home Remedies के वारे में विस्तार से।

माँ बनने की खबर मिलते ही हर घर में मिठाइयां बाटने लगती है और घर का माहौल बिलकुल किसी उत्सव के जैसा हो जाता है। ऐसे में गर्भवती महिला को होने वाली उल्टियां रंग में भंग डाल सकती है। इसलिए महिला को अपनी समस्या का निदान घरेलू उपायों की मदद से करना चाहिए जो बहुत ही फ़ायदेमंद और असरकारी भी होते हैं। आइये जानते हैं गर्भावस्था में उल्टियों और Pregnancy Nausea Remedies के बारे में।

अदरक वाली चाय का उपयोग

अदरक में बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं इसीलिए इसे रसोई में उपयोग करने के साथ साथ स्वास्थ्य लाभ के लिए भी किया जाता है।
गर्भावस्था में होने वाली उल्टियों में भी यह बहुत फायदेमंद होता है।

अगर आप एक कप अदरक की चाय पी लेते हैं तो इससे उल्टी के लक्षण बहुत हद्द तक कम हो जाते हैं।
अदरक पेट के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है और यह कई समस्याओं में राहत पाने में आपकी सहायता करती है।
इसलिए गर्भावस्था के दौरान जब भी आपको ऐसा लगे कि आपका जी मचल रहा तो आप एक कप अदरक वाली चाय पी सकते हैं।

खूब पानी पीना अच्छा होता है

गर्भावस्था में पानी का अत्यधिक सेवन अच्छा माना जाता है। इससे उलटी की समस्या भी कम हो जाती है।

इसके लिए दिन भर में हर घंटे पानी पीते रहें और अगर आप रात को किसी भी कारणवश आपकी नींद खुल जाए तो उस समय भी एक ग्लास पानी पी के ही फिर सोने जाएँ।

आप पर्याप्त मात्रा में पानी पी रहें हैं या नहीं यह तब स्पष्ट होता है जब आका मूत्र स्पष्ट हो जाए।
बस इस बात का ख्याल रखें की भोजन करते समय पानी ना पियें।

भोजन कम कम लें पर ज्यादा बार लें

गर्भावस्था के समय भोजन करते समय इस बात का ख्याल रखें की एक साथ बहुत सारा भोजन ना करें।

आप चाहे तो अलग अलग समय पर थोड़ा थोड़ा भोजन लेते रहें।

एक बार में ज्यादा भोजन कर लेने से मतली की समस्या बढ़ जाती है और उलटी होने लगती है।
इसलिए अपने भोजन को छोटे भागों में विभाजित कर ले और उसे पांच या छह बार अलग अलग समय पर खाएं।

रसभरी पत्ती की चाय का करें सेवन

गर्भावस्था में उल्टी तथा मितली की की समस्या के उपचार हेतु आप रसभरी पत्ती की चाय का सेवन कर सकते हैं।

यह उलटी की समस्या से परेशान महिला को आराम पहुंचाता है।
इसके सेवन से गर्भाशय की मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है और उलटी की समस्या कम करने में मदद करता है।

इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह जरूर ले लें। चिकित्सक की राय के बाद ही इसका सेवन करें।

नींबू की सुगंध है लाभदायक

यदि आप किसी प्रकार के कोई इत्र की सुगंध से परेशान हो जाते हैं और आपको चक्कर आने लगता है तो उससे दूर रहने की कोशिश करें।

किसी गंध से होने वाली समस्या से राहत पाने के लिए आप नींबू के टुकड़े को सूंघने की कोशिश करें या फिर आप नींबू के रस और पानी का मिश्रण भी पी सकते हैं।

Vomiting During Pregnancy से बचाव के कुछ अन्य उपाय

अगर आपको गर्भावस्था के दौरान लगातार उल्ट‍ियां हो रही हैं तो आप रात के वक़्त पानी में काले चने को भिगो कर छोड़ दें और सुबह उठकर इसके पानी पी लें। ऐसा करने से आपको राहत मिलेगा।

आंवले का मुरब्बा :-

गर्भावस्था में उल्टी की समस्या होने पर अगर आप आंवले का मुरब्बा खाएं तो यह आपको राहत देगा।

सूखी धनिया या हरी धनिया :-

प्रेग्नेंसी के दौरान उल्टी और जी मिचलाने की समस्या होने पर सूखी धनिया या हरी धनिया को पीस लें और इसका मिश्रण तैयार कर लें। इस मिश्रण को समय-समय गर्भवती को देते रहें। इससे उल्टी आनी बंद हो जाएगी।

जीरा, सेंधा नमक और नींबू :-

गर्भावस्था में उलटी की समस्या से राहत के लिए आप जीरा, सेंधा नमक और नींबू के रस से मिश्रण बना कर कुछ-कुछ देर पर इसे चूसते रहें। इससे उल्टी काबू में रहेगी।
तुलसी के पत्ते से तैयार रस में शहद मिक्स कर के चाटने से भी उलटी में राहत मिल जाती है।

तो ये थे कुछ उपयोगी घरेलू उपाय जिसका इस्तेमाल कर के आप Vomiting in Pregnancy की समस्या में राहत प्राप्त कर सकती हैं और अपने माँ बनने के एहसास को खुशनुमा बना सकती हैं। जब भी गर्भावस्था के दौरान उलटी की समस्या हो तो लेख में बताये किसी भी उपाय को अपनाएँ। यह आपको जल्द ही राहत देगा।

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