कैंसर के मरीजों के लिए खुशखबरी कीमोथैरेपी से हजारो गुणा सस्ता उपाय

कैंसर के मरीजों के लिए खुशखबरी कीमोथैरेपी से हजारो गुणा सस्ता उपाय………..

 

इस फल को ग्रेविओला (Graviola) के नाम से जाना जाता है. ग्रेविओला (Graviola) को हिंदी में रामफल कहा जाता है. यह फल अधिकतर दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका तथा दक्षिण पूर्व एशिया के बरसात के जंगलों में ज्यादा पाया जाता है. इस पर किये गये नए रिसर्च से पता चलता है कि इसके जूस में बहुत से ऐसे तत्व पाए जाते है. जो कैंसर की बिमारी के इलाज करने में कारगर सिद्ध हो सकते है. यह पदार्थ स्तन कैंसर तथा यकृत के हानिकारक कीटाणुओं जड़ से ख़त्म करने की शक्ति रखते है.

यह फल अपने देश भारत में भी कई इलाकों पाया जाता है. भारत में यह हैदराबाद शहर में पाया जाता है. हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी है. हैदराबाद की भाषा तेलुगु में भी इस फल को रामफल ही कहा जाता हैं. क्या रामफल सच में कैंसर की बिमारी को जड़ से ख़त्म करने की शक्ति रखता है. आइये देखते है कि इस खट्टे स्वाद वाले फल की क्या क्या क्या विशेस्ताये है. किस प्रकार से ये फल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभ दायक है.

कैंसर के मरीजों के लिए खुशखबरी कीमोथैरेपी से हजारो गुणा सस्ता आयुर्वेदिक उपाय

मिलता कहाँ है रामफल ग्रेविओला (Graviola)

रामफल (Graviola) का पेड़ हमेशा हरा भरा रहता है. मतलब ये कि यह एक सदाबहार पेड़ है. यह फल मध्य अमेरिका, क्यूबा, मैक्सिको, ब्राजील, पेरू, वेनेजुएला, कोलंबिया तथा अमेज़न के बहुत से वर्षा वन के क्षेत्रों में पाया जाता है. इस फल के गुण कैंसर के मरोजों के लिए एक उम्मीद की किरण की तरह है. इसको वैज्ञानिक में किसी अन्य नाम एनोना मुरिकाता (Anona Mukirata) से जाना जाता है. यह फल कैंसर के मरीजों के लिए भगवान का दिया गया एक तोहफा ही है. इस पर बहुत से परीक्षण किये जा चुके है. परन्तु इसे कैंसर का कारगर इलाज घोषित करने से पहले इस पर और भी बहुत से परीक्षण किये जाने की जरूरत है. लेकिन अभी तक की इसकी रिसर्च से पता चला है कि इस फल में पाए जाने वाले तत्व कैंसर के इलाज़ में काफी कारगर है. यह फल बाज़ार में विभिन्न रूपों में उपलब्ध है जैसे कि ग्रेविओला फल, इसके पत्ते, इसका पाउडर तथा कैप्सूल के रूप में भी तथा विभिन्न तरल रूपों रूपों में भी उपलब्ध है.

रामफल या ग्रेविओला (Graviola) के अन्य प्रचलित नाम

स्पेन के लोग इस फल को गुआनबाणा फल कहते हैं. पुर्तगाल में इसे ग्रेविओला ही कहा जाता हैं. ब्राजील के लोग इसे गुआनावाना, डूरियन बंगला, करोसोलिएर, गंदा, गुयाबानो, टोगे बांरेसि, नंगका ब्लॉन्डा, सिर्सक तथा नंगका लोंडा के नामों से बुलाते हैं. केरल में यह कांटों के साथ शरीफा और मुल्लथा के नाम से जाना जाता है. भारत के अन्य क्षेत्रों में यह शूल, रामफल तथा हनुमान फल के नाम से जाना जाता है. यह फल बहुत बड़े साइज़ का होता है. यह स्वाद में खट्टा फल होता है. इस फल को कच्चा ही खाया जाता है. इस फल के गूदे और रस का शर्बत तैयार किया जाता है. इस फल के कैंसर से लड़ने वाले गुण सराहनीय हैं. रिसर्च के अनुसार यह कीमोथेरेपी से कई हजारो गुना अधिक प्रभावी सिद्ध हो सकता है.

रामफल या ग्रेविओला (Graviola) के स्वास्थ्य लाभ तथा गुण

सबसे सुखद बात तो ये है कि यह एक प्राकृतिक स्त्रोत है. इसलिए इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता.
रामपाल या ग्रेविओला (Graviola) बहुत से रोगों के इलाज में उपयोग होता है. परन्तु यह मुखयत कैंसर रोधी गुणों के लिए ज्यादा लोकप्रिय हो गया है.

हमारे पेट के अन्दर के कीड़े इस फल को खाने से ही मारे जाते है.
रामफल ग्रेविओला (Graviola) विशेष रूप से कैंसर की रोकथाम करता है.
ग्रेविओला (Graviola) उच्च रक्तचाप के इलाज में भी प्रयोग किया जाता है.
यह अपने एंटीबायोटिक गुणों के कारण ग्रेविओला (Graviola) फंगस संक्रमण से लड़ने में अद्भुत काम करता है.
अवसाद, तनाव तथा तंत्रिका संबंधी रोग से परेशान लोगों को इस फल को खाने के बाद सकारात्मक परिणाम दिखाई दिए है.
ग्रेविओला (Graviola) के पेड़ को आसानी से कहीं भी उगाया जा सकता है.

रामफल ग्रेविओला (Graviola) के आयुर्वेदिक तथा औषधीय गुण

इस पेड़ की पत्तियां कैंसर की कोशिकाओं को मारने में कारगर हैं.
यह फल कैंसर कोशिकाओं को जड़ से ख़त्म करता है. कैंसर की एक प्राकृतिक इलाज के रूप में प्रभावी है.
जो रोगी इस फल का उपयोग करते है. उनका हर तरह से सुधार होता हैं.
ग्रेविओला (Graviola) कई घातक संक्रमनों के खिलाफ काम करतें है.
कीमोथैरेपी की तरह इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं है जैसे कि बालों का झडना, वजन घटना तथा मतली.
इस फल को खाने से आप हमेशा मजबूत और स्वस्थ महसूस करते हैं.
ग्रेविओला (Graviola) का रस एक रक्षक का काम करता है.

ग्रेविओला (Graviola) के पेड़ के रस पीने के लाभ

इस फल के रस से प्रोस्ट्रेट कैंसर, पेट के कैंसर, स्तन कैंसर, अग्नाशय के कैंसर और फेफड़ों के कैंसर कोशिकाओं को ख़तम करता है. लेकिन यह स्वस्थ कोशिकाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है.

ग्रेविओला (Graviola) के और भी औषधीय उपयोग किये जाते है

ग्रेविओला (Graviola) के पेड़ की जड़, छाल तथा इस के बीज विभिन्न तरह की बिमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया गया है जैसे कि निचे दी गई है.

खराब लिवर
दमा
दिल के रोग
गठिया और जोड़ों से संबंधित बीमारियों

दोस्तों हम दुआ करते है कि भगवान हम सब को अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करे. फिर भी अगर किसी को इस तरह की कोई प्रॉब्लम या बिमारी है तो इस फल को अपने डाक्टर की सलाह से अपनाकर जरुर देखें. क्योंकि एक प्राकृतिक साधन होने के कारण इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है.

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पुरानी से पुरानी बवासीर सिर्फ 3 दिन में ठीक करने का चमत्कारी उपाय

पुरानी से पुरानी बवासीर सिर्फ 3 दिन में ठीक करने का चमत्कारी उपाय……..

 

बवासीर (Piles) एक बहुत ही जटिल रोग है. इस रोग के हो जाने से व्यक्ति को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. क्या आप भी बवासीर से परेशान हैं? चाहे वह कैसी भी बवासीर हो. ये खूनी बवासीर हो या फिर ये बादी बवासीर हो. जो उपाय हम आपको बताने जा रहे है. ये उपाय आपकी बवासीर की बिमारी को ठीक करने के लिए किसी रामबाण से कम नहीं हैं.

इस उपाय को करने से कितनी भी पुरानी बवा सीर (Piles) हो 2 से 4 दिन में बिलकूल ठीक हो जाती है. इस घरेलू उपाय से एक दिन में ही रक्त आना बिलकुल बंद हो जाता है. ये घरेलू उपाय बिलकुल सस्ता व सरल है. किसी भी बवासीर (Piles) के मरीज को ये उपाय कम से कम एक बार तो ज़रूर अपनाना चाहिए. आइये जानते है की बवासीर का ये घरेलू उपाय क्या है.पुरानी से पुरानी बवासीर सिर्फ 3 दिन में ठीक करने का चमत्कारी उपाय

इस चमत्कारी उपाय को तैयार करने की विधि

खुनी बवा सीर (Piles) को ख़त्म करने के लिए हम इस उपाय में नारियल की जटा का उपयोग करेंगे. नारियल का ये उपाय खुनी बवासीर को एक दिन में ही ठीक कर देगा. सबसे पहले आपको नारियल की जटा का प्रबंध करना है. अब इस नारियल की जता को माचिस के साथ आग लगाकर जला दीजिये. इस प्रकार नारियल की जटा जलकर भस्म बन जाएगी. बस यही है पुरानी से पुरानी बवासीर को जड़ से ख़त्म करने का चमत्कारी उपाय. अब इस तैयार भस्म को किसी शीशी में भर कर ऱख लीजिए.

इस भस्म को किस प्रकार से उपयोग करना है

तैयार की गई नारियल की जटा की भस्म को एक कप छाछ या फिर एक कप दही के साथ तीन ग्राम खाली पेट लेना है. ऐसा दिन में तीन बार करना है. लेकिन सिर्फ एक ही दिन ये भस्म लेनी है. इस बात का विशेष ध्यान रखे कि जो दही या छाछ आप प्रयोग कर रहे है. वह एकदम ताजी होनी चाहिए. वह खट्टी बिलकुल नहीं होनी चाहिए. आपकी बवा सीर (Piles) कितनी भी पुरानी क्यों न हो. सिर्फ और सिर्फ एक दिन में ही ठीक हो जाती है.

इस उपाय से अन्य बिमारिओं में भी है फायदे

यह उपाय किसी भी प्रकार के खुनी स्त्राव को रोकने में एकदम कारगर सिद्ध हुआ है. यह उपाय स्त्रियों के मासिक धर्म में अधिक रक्त बहना या श्वेत प्रदर की बीमारी में भी कारगर सिद्ध हुआ है.

हिचकी, हैजा या फिर वमन जैसे रोगों में भी यह नारियल की जटा की भस्म एक कप पानी के साथ लेनी चाहिए. इस प्रकार के उपाय पुराने समय में हमारे मंदिरों और मठों में साधु संतो के द्वारा उपयोग किये जाते है. इस प्रकार के नुस्खों पर रिसर्च की जानी चाहिए. ताकि इनसे आम जनमानस की भलाई के लिए उपयोग किया जा सके.

नोट – इस बात का ध्यान रखे कि ये दवा लेने के बाद एक घंटा पहले और एक घंटा बाद में आपको कुछ नहीं खाना है. एक घंटे के बाद आप खा सकते है. अगर आपका रोग ज्यादा पुराना हो और एक दिन दवा खाने से लाभ न हो तो दो या तीन दिन लेकर देखिए.

महतवपूर्ण ध्यान देने योग्य परहेज

आपका बवासीर ठीक हो जाने के बाद आपको कुछ परहेज जैसे ज्यादा मिर्च-मसाले, गर्म तथा उत्तेजक चीजो का सेवन नहीं करना है. क्योकि इससे बवासीर के दुबारा होने की संभावना बनी रहती है. इसलिए बवासीर के रोगी के लिए परहेज करना बहुत ज्यादा जरूरी है.

इस बात का ध्यान रखे कि बवासीर से बचने के लिए गुदा को कभी भी गर्म पानी से न धोएं. विशेषकर जब तेज गर्मियों के दिनों में छत पर पानी की टंकियों व नलों से बहुत ज्यादा गर्म पानी आता है. तब गुदा को उस गर्म पानी से धोने से बचना बहुत जरूरी है.

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प्याज का रस गंजेपन का जानी दुश्मन सस्ता घरेलू चमत्कारी उपाय

प्याज का रस गंजेपन का जानी दुश्मन सस्ता घरेलू चमत्कारी उपाय…….

 

प्याज का रस बहुत ही चमत्कारी है. इसके इस्तेमाल से गंजो के बाल दोबारा उग जाते है. झड़ते हुए बालों की जड़ें फिर से मजबूत हो जाती है. असमय ही सफ़ेद हुए बालों फिर से काले हो जाते है. खुबसूरत बाल हर किसी की तमन्ना होती है. लेकिन आज की दौड़ धुप भरी जिन्दगी में कोई भी अपने बालों का ख्याल नहीं रख पाता. बहुत सी महिलायें तो अपने बाल घर पर धोना भी पसंद नहीं करती है. इसलिए वो महंगे ब्यूटी पार्लर में जाती है. जबकि हमारे घर में ही हमारे बालों के लिए एक चमत्कारी इलाज मौजूद है.

आजकल बालों में बहुत से बीमारिया आम बात हो गई है. जिनमे बालों का झड़ना, असमय बालों पर सफेदी, रूसी आदि की समस्या तो जैसे आम बात हो गई है. बालों की इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है. एक अकेला प्याज ही इन सब समस्याओं का हाल है. प्याज बहुत ही चमत्कारी है. यह आपके बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी तथा गंजेपन की समस्याओं को दूर करत है.प्याज का रस गंजेपन का जानी दुश्मन सस्ता घरेलू चमत्कारी उपाय

हमारे देश में प्याज की बहुत अधिक पैदावार होती है. हाँ कभी कभी कालाबाजारी के कारण महंगा हो जाता है. अन्यथा मार्किट में हमेशा सस्ते दामो में ही उपलब्ध रहता है. आपको यह हर घर में देखने को मिलेगा. लकिन आप शायद नहीं जानते थे की यह इतने काम की चीज है. प्याज में सल्फर (Sulfur) नामक मिनरल बहुत अधिक मात्रा में प्या जाता है. जो हमारे के बालों के के लिए बहुत महत्वपूर्ण तत्व होता है. एक आम सी सब्जी आपके बालों के बढ़ने की रफ़्तार को कई गुना तक बढ़ा सकता है. तो चलिए जानते ही की वो कौन से उपाय है. जो हमारे बालों की इतनी सारी बिमारिओं का एकमात्र इलाज है.

प्याज का रस गंजेजेपन का दुश्मन सस्ता घरेलू चमत्कारी उपाय

यहा पर हम आपको बतायेंगे कि कैसे प्याज हमारे बालों का सफेद होना और बालों का झडना रोकता है. हमारे बालों का विकास हमारे जींस पर आधारित होता है. कई कारणों से कई बार हमारे बालों का विकास रुक जाता है या फिर कम हो जाता है. यह उपाय आप के लिए तो लाभदायक है ही साथ में आपके बच्चो को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा.

उपाय 1 – प्याज का रस बालों को झड़ने से रोके

प्याज का रस बालों को झड़ने से रोकने के लिए एक बेहतरीन उपाय है. यह बालों का झड़ना बिलकुल ही रोक देता है.

चार या पांच प्याज छीलकर अच्छे से पीस लें.
इस पेस्ट का रस निकाल लें.
इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर अच्छे से लगाएं.
आधे घंटे तक ऐसे ही रहने दें.
आधे घंटे के बाद एक हलके शैम्पू से इसे धो दें.
आपको ऐसा हफ्ते में 3 बार जरुर करना है इस प्रकार करने से मन चाहे परिणामों की प्राप्ति होगी. जल्दबाजी न करें क्योंकि प्राकृतिक उपचारों में काफी समय लगता है.

उपाय 2 – प्याज का रस और शहद दोबारा बाल उगाने के लिए

कटोरी में 2 चम्मच शहद लें.
अब इसमें कप का चौथा हिस्सा प्याज का रस डालें.
अच्छे से मिलाने के बाद अपने सिर पर इससे मसाज करें.
इस प्रक्रिया को हफ्ते में 3 बार जरुर करें. अच्छे परिणाम मिलेंगे.

उपाय 3 – प्याज, ऑलिव ऑयल तथा नारियल तेल का पैक

प्याज के रस में एक चम्मच ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल मिलाइये.
अब इस मिश्रण को अपने बालों में लगाइये. जड़ों में इस तेल को न लगाएं.
2 घंटे तक इसे ऐसे ही लगा रहने दे. बाद शैंपू से धो लें. इस पैक को आप रोज लगा सकते हैं.

उपाय 4 – प्याज, बियर और नारियल तेल

प्याज के गूदे में बियर तथा नारियल तेल के साथ को मिलाइये. अब इसे अपने बालों में लगा लीजिये.

1 घंटे तक बालों में लगा के रखना है. इसके बाद शैंपू कर लेना है.
इससे आपके बलों में चमक आएगी. वह घने दिखेगें.

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तनाव (Depression) के लक्षण, कारण तथा छुटकारा

तनाव (Depression) के लक्षण, कारण तथा छुटकारा………

 

What is Depression? / अवसाद क्या है? जीवन में कभी-कभी low feel करना एक साधारण सी बात है. लेकिन जब ये एहसास बहुत दिनों तक बना रहे और आपका साथ ना छोड़े तो ये depression या अवसाद कहलाता है. ऐसे में जीवन बड़ा खाली-खाली सा लगने लगता है . ऐसे में ना दोस्त अच्छे लगते हैं और ना ही किसी काम को करने में मन लगता है. जीवन निराश लगने लगता है और positive बातें भी negative लगने लगती हैं. यदि आपके साथ भी ऐसा होता है तो घबराने की ज़रुरत नहीं है. ज़रुरत है depression के लक्षणों और कारणों को समझने की और फिर उसका इलाज करने की.

हम सभी के जीवन में सुख और दुःख आते ही रहते हैं. कभी सफलता मिलने पर बहुत ख़ुशी मिलती है तो कभी असफल होने पे इंसान दुखी हो जाता है. कई बार लोग छोटे-मोटे दुःख को भी depression का नाम दे देते हैं, जो कि बिलकुल गलत है. Depression normal sadness से बहुत अलग होता है. ध्यान देने कि बात है कि आम तौर पर होने वाली tension या दुःख का अवसाद से कोई लेना-देना नहीं है.

Depression के लक्षण ?

यदि निम्न में से एक आय अधिक लक्षण किसी में देखने को मिले तो depression होने की संभावना है.

आपको नीद नहीं आती या बहुत अधिक नीद आती है.
आप ध्यान नहीं केन्द्रित कर पाते और जो काम आप पहले आसानी से कर लेते थे उन्हें करने में कठिनाई होती है.
आप hopeless और helpless feel करते हैं.
आप चाहे जितनी कोशिश करें पर अपनी negative thoughts को नहीं रोक पाते हैं.
या तो आपको भूख नहीं लगती या आप बहुत ज्यादा खाते हैं.
आपपहले से कहीं जल्दी irritate या aggressive हो जाते हैं, और गुस्सा करने लगते हैं.
आप normal से कहीं ज्यादा शराब पीते हैं.
आपको लगता है कि ज़िन्दगी जीने लायक नहीं है और आपके मन में suicidal thoughts आते हैं.( ऐसा है तो तुरंत इलाज़ कराएं)

Depression and suicide

बहुत ज्यादा Depression की वज़ह से व्यक्ति आत्महत्या करने तक की सोच सकता है. Depression के दौरान व्यक्ति खुद को बिलकुल असहाय महसूस कर सकता है और उसे सभी समस्याओं का हल अपनी life end करने में नज़र आने लगता है.यदि कोई आपसे आत्महत्या करने जैसी बातें करता है तो संभवतः वो depression से ग्रसित है , और वो सिर्फ आपको अपनी बात ही नहीं बता रहा है बल्कि वो मदद के लिए चिल्ला रहा है, और आपको उसकी मदद ज़रूर करनी चाहिए. और यदि आप खुद को ऐसा करते देख रहे हैं तो बिना देरी किये आपको experts की मदद लेनी चाहिए.

यदि आप किसी में इन बातों को देखते हैं तो वो आत्महत्या के लिए चेतावनी हो सकती है:

अपने को मारने या ख़तम करने के बारे में बात करना.
अचानक ही लोगों को goodbye करने के लिए मिलना या phone करना.
बिना वजह अपनी संपत्ति या अन्य valuable चीजों को औरों को देना.
ऐसी भावनाएं व्यक्त करना जिससे व्यक्ति बहुत ही असहाय और उलझा हुआ प्रतीत हो.
हमेशा मरने सम्बन्धी बातें करना.
असामान्य व्यवहार करना जैसे कि बिना वजह red-light jump करना.
असामान्य बातें करना जैसे, ” मेरे ना रहने से किसी को फरक नहीं पड़ता.”
अचानक ही एकदम depressed होना और फिर ख़ुशी जाहिर करने लगना.
यदि आपको लगता है कि आपका कोई friend या relative suicide करने के बारे में सोच रहा है तो तुरंत ही उसे professional help दिलाइये. Suicidal thoughts और feelings के बारे में openly बात करना किसी की जान बचा सकता है.

पुरुषों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में depression अलग-अलग तरह से होता है. इसके बारे में awareness रखना, समस्या को सही तरीके से समझने और उसका निवारण करने में मदद करता है:

पुरूषों में अवसाद Depression के लक्षण

Depressed पुरुषों में ऐसी ही महिलाओं की अपेक्षा कम निराशा और self-hatred देखी जाती है. इसकी जगह वो थके होने, चिडचिड़ा होने, नीद ना आने ,काम में मन ना लगने जैसी शिकायतें करते हैं. अवसाद के कुछ और लक्षण जैसे कि गुस्सा आना, आक्रामक होना, हिंसा करना , लापरवाह होना और अधिक शराब पीना भी ऐसे पुरुषों में देखे जा सकते हैं. हालांकि महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा depressed होने के chances double होते हैं पर पुरुषों में आत्महत्या की प्रवित्ति ज्यादा होती है.

महिलाओं में अवसाद Depression के लक्षण

महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा depressed होने के chances double होते हैं, इसकी कुछ वजहें hormones से related होती हैं, खासतौर से premenstrual syndrome (महावारी पूर्व सिंड्रोम PMS), premenstrual dysphoric disorder (PMDD), postpartum depression, and perimenopausal depression. महिलाओं में depression के लक्षण ज्यादा खाने, ज्यादा सोने, weight बढ़ने , अपराध-बोध होने , निराश होने के रूप में नज़र आते हैं.

किशोरावस्था में अवसाद Depression के लक्षण

कुछ depressed teens दीखते हैं पर कुछ नहीं. दर-असल teenagers में अत्यधिक चिडचिड़ापन अवसाद का सबसे बड़ा लक्षण होता है. एक depressed teenager आसानी से क्रोधित हो सकता है, दूसरों से बुरा व्यवहार कर सकता है और उसे बिना कारण बदन में दर्द की शिकायत कर सकता है. बच्चों पर माता-पिता द्वारा पढाई के लिए डाला गया अत्यधिक दबाव और दूसरों से comparison भी depression का स्रोत हो सकता है.यदि ऐसे teens का उपचार ना किया जाये तो उन्हें घर और स्कूल में दिक्कत आ सकती है, ऐसे बच्चे आसानी से drugs लेना शुरू कर सकते हैं, और उनमे आत्महत्या की प्रवित्ति भी आ सकती है. लेकिन मदद मिलने पर इसका इलाज तेजी से हो सकता है.

बुजुर्गों में अवसाद Depression के लक्षण

Old age के साथ साथ आने वाली परेशानियां जैसे कि – वियोग, health problems, दूसरों पे निर्भरता, income कम होना, इत्यादि व्यक्ति को अवसाद्ग्रसित कर सकता है. लेकिन बुढापे के साथ depression होना कोई आम बात नहीं है. ऐसे बुजुर्ग emotional से ज्यादा physical problems की अधिक complaint करते हैं . इसी लिए अधिकतर उनकी depression सम्बंधित समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं जाता है. आये दिन तबियत खराब होने की शिकायत करना depression का सूचक हो सकती हैं.

Depression के कारण

कुछ बीमारीओं के सटीक कारण होते हैं, जिससे उनका इलाज़ आसान हो जाता है. Diabetes (मधुमेह) है तो insulin ले लीजिये, appendicitis (पथरी) है तो surgery करा लीजिये. लेकिन depression थोड़ी जटिल बीमारी है. ये सिर्फ मस्तिष्क में हो रहे chemical imbalance की वजह से ही नहीं बल्कि कोई अन्य जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों से भी हो सकता है. दुसरे शब्दों में कहें तो ये आपकी lifestyle, आपकी relations, आप समस्याओं को कैसे handle करते हैं, इन बातों की वजह से भी हो सकता है. पर कुछ factors depression होने के chances बढ़ा देते हैं:

अकेलापन
Social support की कमी
वित्तीय समस्याएं
हाल में हुए तनावपूर्ण अनुभव
वैवाहिक या अन्य रिश्तों में खटास
खराब बचपन
शराब या अन्य नशीली दवाओं का सेवन
बेरोजगारी
Work pressure

Depression का सही कारण समझना उसके इलाज को आसान बना सकता है. जैसे कि यदि कोई अपनी नौकरी से परेशान होने की वजह से depression में जा रहा है तो उसके लिए किसी antidepressant लेने की जगह कोई अन्य अच्छी नौकरी या रोजगार कहीं ज्यादा फायदेमंद हो सकता है. यदि आप अकेलेपन की वजह से परेशान हैं तो दोस्तों के साथ वक़्त बिताना या कोई अच्छी hobby pursue करना आपके लिए ज्यादा लाभदायक हो सकता है. ऐसे cases में परिस्थितियां बद्लालने मात्र से अवसाद से छुटकारा पाया जा सकता है.

Depression से छुटकारा पाने के उपाय

जिस प्रकार अलग अलग लोगों में depression के लक्षण और कारण अलग अलग होते हैं, उसी प्रकार इससे पार पाने के तरीके भी अलग अलग होते हैं.जो उपाय एक व्यक्ति के लिए काम कर जाये वो दुसरे के लिए भी करे ऐसा ज़रूरी नहीं है, और ज्यादातर cases में इलाज कि कोई एक विधि पर्याप्त नहीं होती. यदि आपको खुद में या आपके किसी शुभचिंतक में अवसाद के लक्षण नज़र आते हैं तो treatment options को explore करने में कुछ वक़्त लगाइए. अधिकतर मामलों में सबसे बढिए approach इन उपायों का combination होती हैं : social support, lifestyle changes, emotional skills building, and professional help.

किसी से मदद मांगिये

यदि आपको लगता है कि आप depression में जा रहे हैं या already depressed हैं तो इस बात को छुपाइये नहीं, और ना ही सिको लेकर हीन महसूस कीजिये क्योंकि depression एक बहुत ही common illness है , और इसका उपचार पूर्णतः संभव है. इसे छिपाना इसे बढ़ावा देने जैसा है , अपने घर-परिवार में इसको discuss कीजिये , अपने अभिन्न मित्रों से भी सलाह मशविरा कीजिये. यदि कोई ना हो तो आप सीधे किसी psychologist से भी मिल सकते हैं.

अपनी lifestyle improve करने की कोशिश कीजिये :

ऐसा आप इन तरीकों से कर सकते हैं:

रिश्तों में सुधार ला कर
रोज व्यायाम करके
सेहत से भरपूर भोजन करके
Relaxation techniques प्रयोग करके
नकारात्मक सोच बदल कर
अपने अन्दर Emotional Skills develop करिए
बहुत लोग तनाव को सही से deal नहीं कर पाते हैं और भावुक हो जाते हैं. Emotional skills आपको विपरीत परिस्थितियों में अपना balance बनाये रखने में मदद करती हैं.इसके लिए आप stress management से सम्बंधित कोई short-term course कर सकते हैं.

किसी पेशेवर से मदद लीजिये

यदि इन सब चीजों से बात ना बने तो किसी mental health professional से हेल्प लीजिये . Depression के treatment के लिए कई प्रभावकारी तरीके हैं: जैसे कि थेरेपी , दवाएं, alternative treatments इत्यादि. Exactly क्या तरीका use करना है ये आपके depression के कारणों पर depend करेगा.

इन बातों पर अधिक ध्यान दीजिये

डिप्रेशन शब्द का प्रयोग कम से कम कीजिये.
छोटी-मोटी परेशानियों को भूलकर भी डिप्रेशन का नाम मत दीजिये. ऐसा करने से आपका अवचेतन मस्तिष्क इस बात को घर कर सकता है और आपके सच में डिप्रेशन के मरीज बनने के संयोग बढ़ जायेंगे.
अच्छी चीजें पढ़ें जो आपके अन्दर positivity लाएं
नकारात्मक सोच रखने वालों से दूरी बना कर रखें.
इस बात को समझे कि life में जबतक असफलता नहीं होगी तबतक सफलता का मोल भी नहीं समझ आएगा. इसलिए असफलता को हर-एक चीज का अंत मत समझिये.

क्या करें यदि कोई Dipression में हो?

यदि आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हों जो depression की वजह से कोई गलत कदम उठाने जा रहा हो या उस बारे में सोच रहा हो तो:

तुरंत उसके सगे-सम्बन्धियों को आगाह करें. परिवार के तरफ से मिली थोड़ी सी सहानभूति किसी कि जान बचा सकती है.
उस व्यक्ति को कत्तई अकेला ना छोड़ें.

नीम की कडवी चाय के मीठे फायदे आपने कभी सोचे भी नहीं होंगे

नीम की कडवी चाय के मीठे फायदे आपने कभी सोचे भी नहीं होंगे……..

 

नीम की चाय (Azadirachta Indica Tea) हमारे स्वास्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद है. बहुत से बीमारियों में नीम रामबाण का काम करती है. इस को बहुत से औष्धिया तैयार करने के लिए उपयोग किया जाता है. अगर आप इस की चाय या फिर इस का काढा बनाकर तो आपका स्वास्थ एकदम निखर जाएगा. क्योंकि नीम हमारे खून को साफ़ करती है. जिससे हमारे चेहरे पे होने वाले कील मुहासे का जड़ से सफाया हो जाता है.

यह हमारे शरीर के अन्दर छिपे बैक्टीरिया और वाइरस से लड़ने में बहुत अधिक असरदार है. यदि आपके सांसो में से बदबू आने की समस्या है. तो वह भी इस चाय से हमेशा के लिए दूर हो जायेगी. यह हमारे दांतों को सड़न से बचाती है. यह कब्ज के रोग में भी बहुत ही लाभकारी है.

यह हमारे खून को साफ कर के हमारी काया को निरोगी बनाती है. इसकी चाय बहुत सी खतरनाक बीमारियां जैसे उच्च रक्तचाप, निमोनिया, मलेरिया, मधुमेह तथा दिल के रोग से हमारी रक्षा करती है. तो जब इस की चाय के इतने फायदे है तो क्यों न इसे अजमाया जाए. आइये जानते हैं इसकी चाय किस प्रकार से बनाई जाती है. इसे पीते समय हमे कुछ सावधानियां भी रखनी है.नीम की कडवी चाय के मीठे फायदे आपने कभी सोचे भी नहीं होंगे

नीम की कडवी चाय के मीठे फायदे आपने कभी सोचे भी नहीं होंगे

नीम (Azadirachta Indica) की चाय कैसे बनाया जाता है

किसी बर्तन में जरुरत के हिसाब से पानी उबाल लें.
अब एक कप के अंदर लगभग मुठी भर नीम की पत्तियां डालें. इनके ऊपर से उबला पानी डालें.
कुछ देर लगभग 5 मिनट के बाद पत्तियों को छान कर अलग कर लें.
अब कप के पानी में थोडा सा शहद या फिर नींबू का रस मिलाएं. लीजिये तैयार है आपकी स्वास्थवर्धक नीम की चाय.
विशेष नोट: इस के पत्तों की जगह नीम का पावडर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

अगर आपने नीम की चाय प्रयोग करने का मन बना लिया हो तो ये बाते जरुर ध्यान में रखे.

इस की पत्तियों की चाय वैसे तो स्वास्थ्य के लिये बहुत ही अच्छी होती है. परन्तु इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. यदि आप गर्भवती महिला हैं. या फिर गर्भवती होने की तैयारी में हैं. तो उस केस में इस चाय को पीने से परहेज करें. यह चाय आपका गर्भपात भी कर सकती है.
इस की चाय 2 कप से ज्यादा नहीं पीनी चाहिये. क्योंकि यह बहुत ज्यादा तेज होती है. इसे ज्यादा पीने से आपको उल्टी का मन हो सकता है.
इस की चाय हमें हर रोज नहीं पीनी चाहिए.

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पुराने से पुराना जोड़ों का दर्द गायब करे यह आसान आयुर्वेदिक उपाय

पुराने से पुराना जोड़ों का दर्द गायब करे यह आसान आयुर्वेदिक उपाय………

 

आजकल के खान पान की वजह से हमारा शरीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है. आजकल लोग घर पर बना खाना खाने की जगह बाहर का बना जंक फ़ूड खाना ज्यादा पसंद करते है. यही कारण है की हम बीमारियों से घिरे रहते है. इनमे से एक है जोड़ों का दर्द. यदि आप इन सब बिमारियों से बचना चाहते है तो सबसे पहले आपको अपने खान पान सुधारना होगा.

आजकल की लगने वाली बिमारिओयों में से एक है जोड़ो का दर्द. यह एक आम बिमारी बन चुकी है. अब इस बीमारी ने छोटी उम्र के युवाओं में भी अपने पैर पसारने शुरु कर दिए है. जोड़ों का दर्द घुटनों, कुहनियों, गदर्न, भुजाओं तथा कूल्हों में ज्यादा हो सकता है. आप इस बिमारी से योग व व्यायाम के द्वारा ही बच सकते है. व्यायाम के अलावा आपका खान पान पौष्टिक होना चाहिये. तभी आप इस बिमारी से बच सकते है. आज हम आपको एक ऐसा ही उपाय बताने जा रहे है. जो जोड़ों के दर्द से तुरंत आराम दिलाता है. पुराने से पुराना जोड़ों का दर्द गायब करे यह आसान आयुर्वेदिक उपाय

इस उपाय में जो चीज हम प्रयोग करने जा रहे है. वह एक फल है. वह आपको हर घर में मिल जाएगा. यह उपाय जोड़ों के दर्द (CHRONIC JOINT PAIN) को बिलकुल ही ख़त्म कर देगा. यहाँ पर जिस फल की हम बात कर रहे है वह अनेक तरह के पोषक तत्वों से भरपूर है. मग्निशिय्म, पोटासियम, कैल्शियम, फोलिक एसिड, फॉस्फोरस, विटामिन A, C, B1, B6 ये सब तत्व इसमें भरपूर मात्रा में है. तो आइये जानते है इस फल का नाम है निम्बू – Lemon जी हाँ हम यहाँ पर निम्बू की बात कर रहे है. आपने निम्बू के फ़ायदों के बारे जरुर सुना होगा. लेकिन आपने ये नहीं सुना होगा कि नीम्बू का छिलका जोड़ो के दर्द के दर्द के लिए वरदान है. इस उपाय से जोड़ों के पुराने से पुराने दर्द को भी ख़तम किया जा सकता है. तो आइये जानते है इस उपाय के बारे में.

उपाय के लिए आवश्यक सामग्री

2 नीम्बू के छिलके (Lemon Peel)
जैतून का तेल (Olive Oil)

उपाय को तैयार करने की विधि

सबसे पहले नीम्बू के छिल्को को कांच के एक जार में डाल लीजिये. अब इसमें थोडा सा ओलिव आयल डाल दीजिये. अब इस कांच के जार को अच्छी तरह से बंद कर दें. अब इस जार को दो हफ्तों तक ऐसे ही छोड़ दें.

2 हफ्तों के बाद आपके उपाय का मिश्रण तैयार हो जाएगा. अब एक रेशमी कपडे से यह मिश्रण प्रभावित जगहों पर लगायें तथा पटटी से कवर कर लें. पूरी रात इसे ऐसे ही रहने दे. यह मिश्रण पूरी रात में अपने काम कर देगा.

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किडनी या पित्ताशय की पथरी को मोम की तरह पिघला देंगे ये घरेलू उपाय जरुर पढ़े

किडनी या पित्ताशय की पथरी को मोम की तरह पिघला देंगे ये घरेलू उपाय जरुर पढ़े…………

 

किडनी की पथरी या पित्ताशय (Gallbladder) की पथरी आज की एक बहुत बड़ी समस्या यह है. इसका मुख्य कारण यह है कि हम क्या खाते तथा पीते है. लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के उपाय करते है. आज हम आपके सामने कुछ कुछ ऐसे ही प्राकृतिक तथा घरेलू उपाय लेकर आये है. जो किडनी या पित्ताशय (Gallbladder) की पथरी को मोम की तरह पिघला देंगे.

ये उपाय आजमाए हुए है. अगर आप किडनी या पित्ताशय (Gallbladder) की पथरी से पीड़ित है तो इनमे से कोई एक उपाय जरुर अपनाये. तो आइये जानते है की ये चमत्कारी उपाय कौन से है.किडनी या पित्ताशय की पथरी को मोम की तरह पिघला देंगे ये घरेलू उपाय जरुर पढ़े

किडनी या पित्ताशय की पथरी को मोम की तरह पिघला देंगे ये घरेलू उपाय

आज हम आपके लिए यह उपाय लेकर आये है जो गुर्दे या पित्ताशय (Gallbladder) की पथरी को मोम की तरह पिंघला देंगे. आप इनमे से कोई एक प्रयोग में ले सकते है.

उपाय 1 – सामग्री

बूरा 250 ग्राम
प्राकृतिक जैतून का तेल 250 ml
नींबू 250 ग्राम
अजमोद जड़ (Parsley Root) 250 ग्राम
शहद 250 ग्राम

बनाने की विधि

नींबू को धो लें. अब इन्हें टुकड़ों में काटकर एक ब्लेंडर में पीस ले. अजमोद की जड़ को छील कर, काट कर टुकड़े कर ले. नींबू के साथ इसे भी पीस ले. अब नींबू और अजमोद में शेष सामग्री भी मिला ले. अब इस मिश्रण को अच्छे से चमच्च से हिलाए जब तक यह चिकना न हो जाए. इसे एक कांच के बर्तन में भरकर रख ले. अब इसे खाली पेट 1 टेबल स्पून हर सुबह और बिस्तर पर जाने से पहले हर रात को खाना हैं.

मिश्रण को खराब होने से बचाने के लिए फ्रीज़ में रखना है. गुर्दे या पित्ताशय (Gallbladder) की पथरी को ख़त्म करने के लिए इस मिश्रण की 2 खुराक हर रोज जरुर खानी है.

इस मिश्रण का स्वाद भी बहुत अच्छा है. यह और भी स्वास्थ्य समस्याओं के संक्रमण और बैक्टीरिया के खिलाफ लड़ने के लिए उपयोगी है. ध्यान रहे जब आप ये उपाय कर रहे है तो ज्यादा से ज्यादा मात्रा में तरल लेते रहें. ताकि गुर्दे के अंदर की रेत या पथरी पेशाब के रास्ते आसानी से बाहर आ सके.

उपाय 2 – सामग्री

बाजरा 200 ग्राम
गर्म उबलता पानी

बनाने की विधि

पहले गर्म पानी के साथ बाजरा को धो लें. अब एक 3 लीटर के जार में बाजरा को रखो. अब इस के ऊपर से 2 लिटर गर्म उबलता पानी डालना है. अब इस जार पर एक कपडा डाल दे. रात भर इसे ऐसे ही रहने दे. सुबह आपको जार में सफेद और अपारदर्शी तरल दिखाई देगा. यही हमारी दवा है. अब इस तरल को एक अलग बर्तन में र्निकाल ले. सारा दिन आपको ये तरल पीना है. आप इसकी कितनी भी मात्रा पी सकते है. सारे दिन में इसे ख़त्म करना है. बचे हुए बाजरा से रोटी बनाकर नाश्ते के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. रात में अगले दिन के लिए फिर से यह दवा तैयार करनी है.

इस उपाय का रिजल्ट

लगभग 10-15 दिनों के बाद पथरी पिघल कर मूत्र के साथ बाहर आ जाएगी. गुर्दे साफ हो जायेंगे.

उपाय 3 – सामग्री

2 बड़े चम्मच अनार
गर्म उबलते पानी
शहद
नींबू का रस

बनाने के विधि

एक लीटर उबलते हुए पानी में अनार डाल दो. अब इन्हें 8 से 10 घंटे ढककर ऐसे ही छोड़ दें. इसके बाद 4 बड़े चम्मच शुद्ध शहद और आधा नींबू का रस इसमें मिलाये. इस खुराक को दिन में 3 बार में ख़त्म करना है. हर बार खाना खाने से पहले 1 गिलास पीना है.

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खांसी से तुरंत राहत के लिए 100% प्राकृतिक घरेलू Cough Syrup जरुर पढ़े और शेयर करे

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दोस्तों जैसे ही मौसम बदलने लगता है तो अपने साथ अनेक प्रकार की बिमारिया भी लाता है. जिनमे से एक है खांसी. खांसी वैसे तो एक साधारण सी बिमारी है. लेकिन जब हद से बढ़ जाये तो यह बहुत ज्यादा परेशान कर देती है.

जब भी घर में किसी को खांसी होती थी. तो मै हमेशा बाज़ार से कोई अच्छा cough syrup खरीदता था. जो केमिकल से भरे होते है. इनका हमारे शरीर को फायदा कम नुक्सान ज्यादा होता है. लेकिन एक दिन मेरे एक दोस्त (जो एक Nutrist Expert है) ने मुझे इस घरेलू cough syrup के बारे में बताया. तब मैंने इसे बनाया और इस्त्तेमाल किया. तो इसका रिजल्ट चोंका देने वाला था. यह खांसी में तुरंत आराम देता है. अब मै अपने घर के लिए हमेशा यही खांसी का सिरप इस्तेमाल करता हूँ.खांसी से तुरंत राहत के लिए 100% प्राकृतिक घरेलू Cough Syrup जरुर पढ़े और शेयर करे

तो दोस्तों ये सिरप कैसे बनाया जाता है वह सब आपके साथ शेयर कर रहा हूँ. उम्मीद है आप सब को पसंद आयेगा. तो चलिए जानते है इस सिरप को कैसे बनाया जाता है.

घरेलू खांसी के सिरप की सामग्री – Home Made Cough Syrup Ingredients 

शुद्ध शहद (Pure Honey)
अदरक पाउडर (Ginger Powder)
काली मिर्च पाउडर (Black Pepper Powder)
अजवायन (Thyme Powder)
एक छोटा कटोरा मिश्रण तैयार करने के लिए
एक कांच की शीशी सिरप को स्टोर करने के लिए
मिश्रण को मिलाने के लिए एक चम्मच

घरेलू खांसी के सिरप की विधि – How To Make Home Made Cough Syrup

सबसे पहले गर्म पानी के 3 चम्मच में 8 चम्मच शहद के मिलाये. अब इसमें सभी बताई गई सामग्री आजवायण, अदरक तथा काली मिर्च को पिस कर पेस्ट बनाकर मिला दे. सभी का 1½ चम्मच मिलाना है. अब इस मिश्रण को अच्छे से हिला ले. ताकि सारी सामग्री अच्छे से मिल जाये. लीजिये आपकी खांसी का सिरप तैयार है. आप इसे कुछ हफ्तों तक स्टोर कर सकते है. इसको अच्छे से बंद करके. ठन्डे स्थान पर रखना है. इसकी मात्रा इतनी बनाये कि ये कुछ ही दिन चले.

घरेलू खांसी के सिरप के फायदे – Benefits of Home Made Cough Syrup

शहद किसी भी और दवाई के मुकाबले खांसी को शांत करने में ज्यादा मदद करता है. अदरक हमारे फेफड़ों से बलगम की पकड़ को ढीला करती है. तथा बलगम को फेफड़ो से बाहर निकालने का काम करती है. काली मिर्च भी बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है. आजवायन हमारी श्वाश नली को खोलकर हवा के लिए रास्ता साफ़ करती है.

नोट – इसका स्वाद भी लाजवाब है. शहद के साथ अदरक एक बहुत ही अच्छा स्वाद बनाती है. पानी की जगह आप निम्बू का रस भी प्रयोग कर सकते है. इससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाएगा.

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लीवर की जानलेवा बिमारियों से बचने का रामबाण घरेलू उपाय

लीवर की जानलेवा बिमारियों से बचने का रामबाण घरेलू उपाय……….

 

लीवर की खराबी का सही समय पर अगर इलाज़ न करवाया जाये तो यह बिमारी बहुत ही भयंकर रूप ले लेती है. इस बीमारी से व्यक्ति की जान भी जा सकती है. लीवर का कमज़ोर होना. या फिर लीवर की खराबी इस भयंकर बिमारी के कई कारण हो सकते है. लीवर में बार बार दर्द होना, भूख का कम लगना इस बिमारी के कुछ मुख्य लक्षण है.

लीवर सूज जाने से खाना आँतों मे सही तरह से नहीं पहुँच पाता. खाना ठीक तरह से हज़म नहीं हो पाता. खाना ठीक से हजम न हो पाने और बहुत से रोग लग जाते है. आज हम आपके लिये एक ऐसा ही उपाय लेकर आये है. जो आपको लीवर की खराबी से बचाता है.लीवर की जानलेवा बिमारियों से बचने का रामबाण घरेलू उपाय

लीवर की खराबी का आसान रामबाण उपाय

एक अच्छा पका हुआ कागजी निम्बू लेकर उसके दो टुकड़े कर लें. फिर निम्बू के बीज निकाल कर आधे नीबू चार भाग करें पर ध्यान रहे टुकड़े अलग अलग न होने पायें. इसके बाद एक भाग में काली मिर्च का चूर्ण, दूसरे में काला नमक या सेंधा नमक, तीसरे में सौंठ का चूर्ण तथा चौथे में मे मीश्री का चूर्ण या शक्कर चीनी भर दें. रात को इसे एक प्लेट में रखकर ढंक दें. सुबह नाश्ता करने से एक घंटे पहले इन टुकड़ों को हलकी आग या तवे पर गर्म कर के रस चूस लें.

ध्यान देने योग्य विशेष बात 

यह उपाय 15 दिन से 21 दिन तक करने से लीवर ठीक होगा.

इससे पेट दर्द और मुँह का जायका भी ठीक हो जाएगा. भूख बढ़ जाएगी. सिरदर्द तथा पुरानी से पुरानी कब्ज भी दूर हो जायेगी.
लीवर के कठोर तथा छोटा होने के रोग (Cirhosis of the liver) में यह बहुत अचूक उपाय है.

इन उपायों को साथ इसके साथ करे

इस उपाय के दौरान दो सप्ताह तक चीनी का इस्तेमाल न करें. चीनी की जगह दूध में चार या पाँच मुनक्का डाल कर मीठा कर लें. रोटी भी कम खानी चहिये. सब्जी में मसाला न डालें. गाजर, बथुआ, करेला, लौकी, टमाटर, पालक, आदि शाक सब्जियाँ और पपीता, ऑवला का सेवन करें. धी तथा तली वस्तुओं का प्रयोग कम से कम करें. पन्द्रह दिन में ही आपका जिगर ठीक हो जाएगा.

जिगर के सिकुड़ने में दिन में दो बार प्याज खाने से भी लाभ होता है.
जिगर रोगों में छाछ में हींग, जीरा काली मिर्च और नमक मिलाकर दोपहर के भोजन के बाद पीना बहुत लाभदायक होता है.

ऑवलों का चूर्ण चार ग्राम पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से 15-20 दिन में लीवर के सारे दोष दूर हो जाते हैं.
100 ग्राम पानी में आधा नीबू निचोडकर नमक डालें और दिन में तीन बार पीने से जिगर की खराबी ठीक होगी.

जामुन के मौसम में 200 या 300 ग्राम पके हुए जामुन प्रतिदिन खाली पेट खाने से जिगर की खराबी दूर हो जाती है। 40, तिल्ली अथवा जिगर (यकृत) व तिल्ली (प्लीहा) दोनों के बढ़ने पर पुराना गुड़ डेढ़ ग्राम और बड़ी (पीली) हरूड के छिलके का चूर्ण बराबर वजन मिलाकर एक गोली बनायें और ऐसी गोली दिन में दो बार प्रातः सायं हल्के गर्म पानी के साथ एक महीने तक लें। इससे यकृत (Liver) और प्लीहा (Spleen) यदि दोनों ही बढ़े हुए हों, तो भी ठीक हो जाते हैं। विशेष-इसके तीन दिन के प्रयोग से अम्लपित्त का भी नाश होता है।

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लौंग की चाय (Clove Tea) दांत का दर्द साइनस का कारगर इलाज

लौंग की चाय (Clove Tea) दांत का दर्द साइनस का कारगर इलाज ……….

 

दांत का दर्द एक आजकल की एक आम समस्या बन चुकी है. आज के समय में 10 में से 9 लोगो को दांतों की कोई न कोई समस्या मिलेगी. लेकिन डाक्टर के पास इसका कोई परमानेंट समाधान नहीं है. आप एक दांत निकलवाते हो या इलाज करवाते हो. तो कीड़ा दुसरे दांत में अपना काम शुरु कर देता है. मतलब ये कि दांतों की बिमारिओं का डॉक्टर्स के पास कोई समाधान नहीं है.

पुराने समय से ही हमारे बड़े बूढे दांत का दर्द होने पर लौंग को दांतों के बीच रखने की सलाह देते रहे है. लौंग दांतों के दर्द के लिए वाकई में कारगर है. अगर आपके दांत में दर्द है तो उसमे एक बूंद लौंग के तेल की डाल दीजिये. दांत का दर्द तुरंत बंद हो जाएगा.

लौंग की चाय (Clove Tea) स्वादिष्ट तो होती ही है साथ में बहुत से बिमारियों का इलाज भी करती है. लौंग का तेल दांतों की बिमारी के लिए ही कारगर नहीं बल्कि और भी बहुत रोगों का इलाज भी लौंग से किया जाता है. आइये जानते है की लौंग और कौन से बिमारी में कारगर है.लौंग की चाय (Clove Tea) दांत का दर्द साइनस का कारगर इलाज

लौंग की चाय (Clove Tea) दांत का दर्द साइनस का कारगर इलाज

सूजन दूर करे

लौंग में सूजन दूर करने वाले तत्व (elements) होते हैं. यह मसूड़ों में सूजन को कम करता है. यही कारण है की मसूड़ों तथा दांतों के दर्द में लौंग का तेल लगाने से फायदा मिलता है.

साइनस में फायदेमंद

अगर आपको साइनस की प्रॉब्लम है तो हर रोज सुबह एक कप लौंग की चाय (Clove Tea) जरुर पिएं. लौंग में मौजूद इजेनॉल आपके शरीर में कफ को खत्म करता है. साथ ही शरीर को गर्माहट भी देता है.

इंफेक्शन से लड़ने में मदद

लौंग में मैग्नीशियम, विटामिन E तथा विटामिन K बहुत मात्रा में होती है. यह सूजन को दूर करता है. इससे इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है.

एसिडिटी की समस्या

हमेशा रात को खाना खाने से पहले लौंग की चाय (Clove Tea) पीनी चहिये. इस से खून का संचार बढ़ेगा और खाना आसानी से पच जाता है. लौंग से एसिडिटी की बिमारी भी ख़त्म होती है.

आंतों के कीड़े

लौंग की चाय (Clove Tea) पीने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं. इसमें मौजूद एंटी इनफ्लेमेटरी तत्व कीड़ों को मारने का काम करता है.

फंगल से छुटकारा

लौंग की चाय (Clove Tea) से बॉडी के अंदर टॉक्सिस बाहर निकल जाते हैं. लौंग को पीसकर घाव या फंगल होने पर भी लगा सकते हैं.

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