कायम चूर्ण के फायदे (Kayam Churna Benefits)

कायम चूर्ण के फायदे (Kayam Churna Benefits )………..

 

कायम चूर्ण एक प्रकार का पाउडर होता है जो कि औषधियां गुणों से भरपूर होता है। कायम चूर्ण को पेट के लिए उत्तम माना जाता है और इसे खाने से पेट को कई तरह के लाभ मिलते हैं। कायम चूर्ण का सेवन करने से पेट संबंधित रोग नहीं लगते हैं और पेट से जुड़ी तकलीफें दूर हो जाती हैं। इसलिए जिन लोगों को कब्ज, गैस, पेट में दर्द और अन्य तरह की परेशानी रहती है। वो लोग कायम चूर्ण (kayam churna ) का सेवन जरूर किया करें। कायम चूर्ण के फायदे (kayam churna benefits ) इसे एक विशेष चूर्ण बनाते हैं और मात्र एक चम्मच कायम चूर्ण खाने से पेट सही रहता है।

क्या होता है कायम चूर्ण- Kayam Churna  

कायम चूर्ण कई सारी जड़ी -बूटियों का मिश्रण होता है और इस चूर्ण को पेट के लिए लाभकारी माना जाता है। हरीतकी, सनाय की पत्ती, अजवाइन, निशोथ, मुलेठी, काला नमक और सज्जी क्षार जैसी चीजों से इसे तैयार किया जाता है। इस चूर्ण को आप आसानी से अपने घर में भी बना सकते हैं।

कायम चूर्ण के फायदे – Kayam Churna Benefits 

कायम चूर्ण के फायदे सेहत को सही रखने में बेहद ही असरदार होते है। इसके सेवन से पेट संबंधी रोगों से छुटकारा मिलता है। कायम चूर्ण में बहुत से औषधीय गुण मौजूद होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होते हैं। आइये विस्तार से जानते हैं कायम चूर्ण के फायदे :

पुरानी कब्ज हो दूर 

कायम चूर्ण के फायदे (kayam churna benefits ) कब्ज की समस्या को दूर करने में फायदेमंद होते हैं। कायम चूर्ण में अनेक जड़ी-बूटियों होती है और यह जड़ी बूटियां कब्ज को सही कर देती है। कायम चूर्ण खाने से आसानी से पुरानी से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है। यानी कब्ज दूर करने में यह रामबाण की तरह कार्य करता है। दरअसल कायम चूर्ण में हरीतकी होता है, जो कि पेट के मल को साफ करने का कार्य करता है।

घाव या सूजन हो सही

कई बार आंतों में घाव या सूजन आ जाती है। आंतों में घाव और सूजन आने पर पेट में दर्द की शिकायत हो जाती है। आंतों में घाव या सूजन की समस्या होने पर कायम चूर्ण का सेवन कर लें। कायम चूर्ण को खाने से घाव और सूजन सही हो जाएगी और पेट दर्द से आराम मिल जाएगा।

गैस करे खत्म 

कायम चूर्ण के फायदे गैस की समस्या को भी दूर कर देते हैं। गैस होने पर अगर कायम चूर्ण खाया जाए तो फौरन गैस से आराम मिल जाता है। कायम चूर्ण को बनाते समय इसमें निशोथ का प्रयोग किया जाता है। जो कि एक औषधीय नमक है और इस औषधीय नमक को खाने से गैस सही हो जाती है। इसलिए गैस की तकलीफ होने पर कायम चूर्ण का सेवन जरूर करें।

अल्सर करे सही 

अल्सर होने पर पेट में दर्द और जलन की शिकायत हो जाती है। हालांकि कायम चूर्ण (kayam churna ) का सेवन करने से पेट से जुड़ी इस समस्या से भी निजात पाई जा सकती है। अल्सर होने पर दिन में एक बार कायम चूर्ण का सेवन कर लें।

संक्रमण हो सही

कायम चूर्ण (kayam churna ) का सेवन करने से पेट का संक्रमण भी सही हो जाता है। कायम चूर्ण में सनाय की पत्तियां होती हैं और यह पत्तियां संक्रमण को सही करने में कारगर साबित होती हैं। इतना ही नहीं कई बार कब्ज के कारण बुखार भी हो जाता है और बुखार को दूर करने में भी यह मददगार होता है।

उल्टी की तकलीफ हो दूर 

उल्टी का मन होने पर कायम चूर्ण (kayam churna benefits ) का सेवन कर लें। कायम चूर्ण खाने से उल्टी नहीं आएगी और मन भी सही हो जाएगा। कायम चूर्ण में अजवाइन का पाउडर होता है और अजवाइन का सेवन करने से उल्टी की तकलीफ से आराम मिल जाता है।

पेट दर्द हो सही

गलत तरह के खानपान की वजह से पेट में दर्द की शिकायत हो जाती है। हालांकि पेट में दर्द होने पर अगर कायम चूर्ण खाया जाए तो पेट की दर्द सही हो जाती है। इसलिए पेट में दर्द होने पर कायम चूर्ण का सेवन कर लें।

पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त 

कायम चूर्ण (kayam churna  ) खाने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। इसे खाने से पाचन तंत्र पर अच्छा प्रभाव पड़ता है और पेट जल्द ही खराब नहीं होता है। इसलिए जिन लोगों का पाचन तंत्र दुरुस्त नहीं रहता है वो लोग इसका सेवन किया करें। कायम चूर्ण को खाने से पाचन तंत्र दुरुस्त हो जाएगा।

कायम चूर्ण के नुकसान

कामय चूर्ण के फायदे होने के साथ ही इसके नुकसान भी हैं। इसलिए कायम चूर्ण का सेवन करने से पहले इसके नुकसान भी जान लें।ताकि आपको इसका सेवन करने से हानि ना पहुंचा।

अधिक कायम चूर्ण खाने से पेट पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उल्टी का मन हो जाता है। दरअसल कायम चूर्ण की तासीर गर्म होती है और अधिक कायम चूर्ण पेट को नुकसान पहुंचा सकता है।
कई लोगों को कायम चूर्ण खाने से पेट में ऐठन की समस्या भी हो जाती है।
रोज कायम चूर्ण खाने से आँतों की माँसपेशियां कमजोर हो जाती है।
छोटे बच्चों को कायम चूर्ण खाने को ना दें। इसे खाने से बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है और उनका पेट खराब हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं को कायम चूर्ण का सेवन नहीं करना चाहिए।

कायम चूर्ण का सेवन कैसे करें

कायम चूर्ण का सेवन करते समय कई तरह की बातों का ध्यान रखना चाहिए और हो सके तो डॉक्टर या वैध की सलाह के बाद ही इसका सेवन करें। क्योंकि अधिक मात्रा में इसे खाने से पेट पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

कायम चूर्ण का सेवन आप रात के समय करें

रात को खाना खाने के बाद कायम चूर्ण खाना उत्तम होता है। कामय चूर्ण का सेवन गर्म पानी के साथ करें। एक चम्मच कायम चूर्ण को एक कप गुनगुने पानी में डाल दें और इसको अच्छे से मिक्स कर लें। फिर इस पानी को पी लें। या फिर कायम चूर्ण खाने के बाद ऊपर से पानी पी लें।

कायम चूर्ण के फायदे (kayam churna benefits ) पढ़ने के बाद इसका सेवन आप जरूर करें। इसे खाने से पेट से जुड़ी कई सारी समस्या दूर हो जाएगी। कायम चूर्ण एक प्राचीन औषधि है और इसका सेवन लोगों द्वारा सदियों से किया जा रहा है।

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Constipation In Kids: बच्चों में कब्ज की समस्या से राहत के लिए अपनाएँ घेरलू उपचार

Constipation In Kids: बच्चों में कब्ज की समस्या से राहत के लिए अपनाएँ घेरलू उपचार…………

 

पेट से सम्बंधित बहुत सी बीमारियाँ है जैसे- गैस, एसिडिटी, कब्ज, दस्त, जलन आदि। यदि आप ज्यादा बाजार का खाना जैसे कचौड़ी, समोसा या और भी कोई ताली भुनी चीज़ बकसर खाते रहते हैं तो आपका पेट गड़बड़ हो सकता है। इसके अलावा जंक फूड्स भी एक सबसे बड़ा कारण है पेट खराब होने का।

Constipation in Children की समस्या में एक आम बात है की कब्ज ज्यादातर अनियमित खान-पान के कारण होती है। यह बीमारी बच्चों से लेकर बूढ़ो तक को होती है। कब्ज में पेट में बहुत तेज दर्द होता है। कब्ज का रोग ज्यादातर बच्चों को होता है क्योंकि वो घर के खाने के अलावा बाज़ार के जंक फूड्स का सेवन करते है या फिर दिनभर चॉकलेट और टॉफ़ी खाते रहते है। जिसके कारण पेट में कब्ज की समस्या बन जाती है। कब्ज रोगियों में पेट फूलने की समस्या भी देखी गई है।

कब्ज के दौरान पेट में काफी दर्द रहता है, जिसके कारण वे रोते रहते है। पेट हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। जब हमारा पेट खराब हो जाता है या कब्ज हो जाती है तो हमारा मल आंतो में ही रह जाता है। जिसके वजह हमारा पेट दर्द करता है। आप चाहे तो डॉक्टर से दवा ले सकते है। आज हम आपको बताएँगे कब्ज के लक्षण, कब्ज के कारण, इलाज और घेरलू उपाय। आइये जानते है Constipation In Kids के बारे में विस्तार से।

Constipation In Kids: बच्चे में होने वाले कब्ज की समस्या के लक्षण, कारण एवं बचाव

बच्चों को कब्ज होना एक आम बात है। कई बार बच्चे ठीक से शौच नहीं कर पाते जिससे उनका मल आंतो में ही रह जाता है। बच्चे बहुत नाजुक होते है इसलिए उन्हें कोई सी भी बीमारी घेर लेती है।

सामान्‍यत: शिशु रोग चिकित्‍सक से परामर्श करने वालों में से तीन फीसदी बच्‍चे कब्‍ज के मरीज होते हैं तथा शिशु के पेट व लीवर रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने वाले में से 25 फीसदी बच्‍चे कब्‍ज से पीड़ित होते हैं।

Constipation के लक्षण:

जब किसी भी बच्चे को कब्ज होता है तो निम्न लक्षण देखकर पता किया जा सकता है की कब्ज है या नहीं।

पेट की आंतो में दर्द होना एक सामान्य लक्षण है।
भूख ना लगना और पेट में भारीपन महसूस होना।
एक हफ्ते में 3 बार मल आना और मल त्याग में दर्द होना।
मल गाढ़ा आना या शौच करते वक़्त जोर लगाना यह कब्ज का प्रमुख लक्षण है।

मल करते वक़्त पेट में दर्द होना और मल द्वार पे जलन होना।
पेट फूलना और गैस होना भी कब्ज के लक्षण है।
कई बार रोगी को मल द्वार से खून भी आने लगता है।

कब्ज का कारण:

कब्ज का मुख्य वजह है हमारी जीवनशैली या दिनचर्या, हम क्या खा पी रहे है और कितना खा पी रहे हैं। हम कैसा खा रहे है यह हमारे पेट की समस्याओं को तय करता है।

आइये जानते है कब्ज के कारण-

पानी कम मात्रा में पीना यह सबसे मुख्य कारण है। जब हम कम पानी पीते है तो हमारा खाना पेट में सूखा रह जाता है, जिसके कारण आंतो में हमारा मल सूखा रह जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पड़ता है। इसलिए कम से कम 1 दिन में 3 से 4 लीटर पानी पीने की आदत डालें।
समय पर भोजन न करना और भोजन करते वक़्त खाने को ठीक से ना चबाना आदि सभी कब्ज का कारण बनता है। इसलिए खाने में रेशेदार हरी पत्ते की सब्जियां और फल खाये।
Infant Constipation इसलिए होता है क्योंकि बच्चे ज़्यादातर सूखा खाना पसंद करते है और साथ ही कम पानी पीते है। इसलिए तेल और घी युक्त भोजन करें।

छोटे बच्चों को कई बार गोली-दवाई हजम नहीं होती है, जिसके कारण भी कब्ज होता है।

कब्ज का इलाज:

अपने खान पान में बदलाव करके कब्ज से बचाव किया जा सकता है।

आइये जानते है Baby Constipation Remedies:

पानी:

शरीर में पानी की कमी सबसे मुख्य वजह है कब्ज की। इसलिए कम से कम दिन में 3 से 4 लीटर पानी पिए।
पानी हमारी पाचन क्रिया को सही रखेगा और पेट संबंधित बीमारियों से बचा के रखेगा। खाना खाने के पहले या तुरंत बाद ज्यादा पानी ना पिए।

निम्बू:

निम्बू में साइट्रिक एसिड होता है जो पेट में जमी गंदगी को निकालने में मदद करता है।
इसलिए 1 कप गरम पानी में निम्बू निचोड़ दे और इस पानी को बच्चे को पिलाये, इससे जल्दी राहत मिलेगी।

ईसबगोल:

यदि आपके कब्ज जल्दी ठीक नहीं हो रहे है तो ईसबगोल का उपयोग करें। यह दस्त और कब्ज के लिए लाभकारी है।
रात को सोते वक़्त 2 चम्मच ईसबगोल को दूध व पानी में मिलाकर पीलें। यह आपके पेट को एक दम साफ़ कर देगा।

जैतून का तेल:

अपने बच्चे को सुबह खाली पेट 1 चम्मच जैतून का तेल को निम्बू के रस में मिलाकर पिलायें।
जैतून का तेल पाचन तंत्र को उत्तेजित करता है, जिससे उसका पेट आराम से साफ़ हो जायेगा।

एलोवेरा:

एलोवेरा का जूस को किसी भी जूस में मिलाकर अपने बच्चे को पिलाये।
एलोवेरा आपके बच्चे को Constipation Relief देगा और पेट को स्वस्थ रखेगा।

शहद:

कब्ज के लिए, रोजाना सोने से पहले गर्म पानी के साथ 1 चम्मच शहद दें।
इसे कुछ दिनों के लिए दोहराएं, इससे आपके बच्चे को बिना किसी परेशानी के कब्ज की समस्या से उबरने में मदद मिलेगी।

फाइबर वाले आहार:

बहुत से बच्चे खाने में सब्ज़ियाँ नहीं खाते इसलिए उन्हें पेट की समस्या होती है।
इसलिए अपने बच्चों को गोभी, आलू, टमाटर, गाजर और पत्तेदार सब्जियां खिलाएं।
पत्तेदार सब्जियाँ आराम से पच जाती है और शरीर को ताकत भी देती है।
फल में आप केला, पपीता और खरबूज ज्यादा खाएं।

अन्य बचाव

इसके अलावा दही का सेवन करें क्योंकि दही पेट के सभी रोगों को दूर करता है और पाचन क्रिया में सुधार करता है।

शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देना जरुरी है क्योंकि शारीरिक गतिविधि मल त्याग को उतेजित करने में मदद करती है।

बच्‍चों में रोजाना एक ही समय पर शौचालय जाने की आदत डालें।

आज अपने जाने कब्ज से निजात पाने के लिए घेरलू उपाय। यदि कब्ज ठीक नहीं हो रहे है तो एक बार डॉक्टर से सलाह लें।

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Dragon Fruit Benefits : ड्रैगन फ्रूट डाइट में शामिल करेंगे तो सेहत को होंगे ये अद्भुत लाभ…..

Dragon Fruit Benefits : ड्रैगन फ्रूट डाइट में शामिल करेंगे तो सेहत को होंगे ये अद्भुत लाभ………

 

क्या आपने कभी ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) या पिताया (Pitaya) खाया है? दरअसल, यह एक विदेशी फल है, जिसे ज्यादातर मेक्सिको और मध्य एशिया में खाया जाता है। यह फल देखने में काफी आकर्षक, खाने में रसीला होता है। बाहर से यह गुलाबी और अंदर से सफेद रंग का होता है।

ड्रैगन फ्रूट पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, विटामिन ए, सी, आयरन आदि से भरपूर होता है। इसमें कोई भी नुकसानदायक फैट मौजूद नहीं होता, ऐसे में इसे डायट में शामिल करने से वजन भी कंट्रोल में रहता है। इसे खाने से आप कई तरह के रोगों से बचे रह सकते हैं।

कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण से बचने के लिए जरूरी है, अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाए रखना। ड्रैगन फ्रूट इम्यून सिस्टम को भी बूस्ट (Dragon fruit boosts immunity) करता है। जानें, ड्रैगन फ्रूट के अन्य फायदे (Dragon Fruit Benefits) क्या-क्या हैं…

कैंसर से बचाए :-

ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) में ऐंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी होता है। विटामिन सी डायट में शामिल करने से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। इसमें बीटा कैरोटीन और लायकोपीन भी होता है। कैरोटिनॉएड रिच फूड लेने से भी कैंसर और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में कैंसर कोशिकाओं से लड़ता है, जिससे महिलाओं में होने वाले ओवेरियन और ब्रेस्ट कैंसर के होने का खतरा कम हो जाता है।

त्वचा रहे जवां:-

लंबी उम्र तक जवां बने रहने के लिए ड्रैगन फ्रूट का सेवन करना चाहिए। यह एक एंटी एजिंग फल है। इसमें मौजूद विटामिन सी त्‍वचा को जवां बनाए रखता है। फ्री रेडिकल्‍स से भी छुटकारा मिलता है। त्वचा का लचीलापन बना रहने के साथ ही झुर्रियों से भी बचाता है।

डायबिटीज करे कंट्रोल: –

ड्रैगन फ्रूट में बीटा सायनिन होता है, जो पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है। वजन कम करता है। डायबिटीज के रोगियों को भी इस फल का सेवन करने से लाभ होता है।

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Head Itching Home Remedies: सिर में खुजली की समस्या ……………

Head Itching Home Remedies: सिर में खुजली की समस्या होने पर कैसे पाएं इससे निजात………..

 

आजकल बालों में कई तरह की समस्याएं होती है जैसे बालों का झड़ना, रुसी होना और बालों का बेजान होना आदि। इस समस्याओं से अधिकांश लोग परेशान रहते है। यह समस्याएं बहुत ही आम होती है। आपको बता दे की बालों की समस्याओं में सिर की खुजली की समस्या भी होती है। यह भी लोगो में परेशानी का कारण बनती है।

Itchy Head होने से व्यक्ति के व्यवहार में भी परिवर्तन आ जाता है। वह खुजली के कारण चिड़चिड़ा होने लगता है साथ ही उसे बात बात में गुस्सा भी आने लगता है। यदि सिर में खुजली लम्बे समय तक बनी हुई है तो इससे कई तरह की समस्याएं भी पैदा हो जाती है इसलिए सिर की खुजली का उपचार करना ज़रुरी होता है।

सिर की खुजली को दूर करने के लिए बाजार में कई तरह के उत्पाद आते है परन्तु इनका इस्तेमाल करने से कभी कभी कई लोगो को दूसरी अन्य समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है। इसके इससे बचाव के लिए घरेलू उपाय का उपयोग करना ही सबसे ज्यादा लाभकारी होता है।

सिर की खुजली को दूर करने के लिए घरेलू उपाय नुकसानकारी भी नहीं होते है साथ ही इससे अन्य कोई दुष्प्रभाव भी नहीं सामने आते हैं। आइये आज के लेख में जानते है Head Itching Home Remedies के बारे में विस्तार से।

सिर में खुजली क्यों होती है?

सिर में खुजली होने के कई कारण हो सकते है जिसमे वायु प्रदूषण भी शामिल है। वायु प्रदूषण के कारण बाल रूखे और गंदे हो जाते है जिसके कारण बालों में खुजली होने लगती है।
इसके अतिरिक्त डेंड्रफ या फिर बालों के रूखे होने से भी सिर में खुजली होने लगती है।
गलत खानपान के कारण भी यह समस्या हो सकती है।
सिर में पसीने के कारण भी अक्सर खुजली होने लगती है। सिर में पसीना गर्मियों के समय ज्यादा आता है।
फंगल इन्फेक्शन भी सिर में खुजली का कारण बनती है।
उपरोक्त कारणों से सिर में खुजली होने लगती है इसे आप घरेलू उपायों की मदद से दूर कर सकते है।

गरम तेल की मसाज

गरम तेल की मसाज से भी सिर की खुजली दूर हो जाती है।

उपयोग विधि

इसका उपयोग करने के लिए जैतून का तेल ले लें और उसे हल्का गर्म कर ले।
इसके बाद तेल में शहद की कुछ बूंदो को डाल ले। फिर इस तेल को सिर पर हलके हाथों से मसाज करे।

कुछ देर इसे रखने के बाद शेम्पू से बालों को धो ले। नियमित रूप से ऐसा करने से सिर की खुजली दूर हो जाती है।

टी ट्री ऑयल से करे खुजली को दूर

टी ट्री ऑयल भी सिर की खुजली को दूर करने के लिए लाभकारी होता है। इसलिए जब भी सिर में खुजली हो तो आप इसका इस्तेमाल भी कर सकते है।

उपयोग विधि

इसका इस्तेमाल करने के लिए टी ट्री ऑयल में बेबी शेम्पू की कुछ बूंदो को मिला ले और इस मिश्रण से अपने बालों को धोये, ऐसा करने से खुजली दूर हो जाती है।
लेकिन याद रखे की आपको अपना शेम्पू इस्तेमाल नहीं करना है।

निम्बू है असरकारी

निम्बू भी सिर की खुजली को दूर करने के लिए असरकारी होती है। निम्बू में विटामिन सी पाया जाता है जो की सिर से रुसी को भी खत्म करने में मदद करता है और बालों को भी चमकदार बनाता है।

उपयोग विधि :-

इसका इस्तेमाल करने के लिए ताजे निम्बू का रस निकाल ले और उसे अपने सिर में लगा ले। इसके बाद इसे सूखने दे।
फिर बालों को शेम्पू से धो ले। ऐसा करने से सिर की खुजली दूर हो जाती है।

इसके अतिरिक्त निम्बू के रस को नारियल के तेल में मिला कर सिर पर लगाए और कुछ देर बाद बालों में शेम्पू कर ले।

यह भी सिर की खुजली को दूर करता है साथ ही इससे बाल मुलायम और चमकदार बनते है।
यदि आप चाहे तो निम्बू के रस को दही के साथ मिला कर भी लगा सकते है। ऐसा करने से खुजली के साथ साथ बालों का रूखापन भी दूर हो जाता है।

एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर भी खुजली को दूर करता है। साथ ही बालों को चमकदार बनाता है।

उपयोग विधि

एप्पल साइडर विनेगर का उपयोग करने के लिए एक बर्तन में आधा कप विनेगर को ले लें और फिर उसमे एक चौथाई मात्रा पानी की मिला दे।
आप इस मिश्रण को अच्छे से मिला कर अपने बालों में लगा ले। अपने बालों को 24 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दे।

फिर बालों को शेम्पू की मदद से धो लें। ऐसा करने से सिर की खुजली दूर हो जाती है।

केला दिलाए खुजली से राहत :-

सिर की खुजली से राहत पाने के लिए आप अपने सिर पर तेल के स्थान पर हेयर पैक का भी इस्तेमाल कर सकते है। यह भी खुजली को दूर करने का कार्य करता है। आप अपने लिए केले का पैक भी तैयार कर सकते है।

उपयोग विधि

केले का पैक बनाने के लिए पका हुआ केला ले लें और उसमे एवोकैडो को मिलाकर पेस्ट तैयार कर ले। इस पेस्ट को अच्छे से अपने स्केल्प पर लगाए।
कुछ देर के लिए पैक को लगा रहने दे। फिर शेम्पू की सहायता से बालों को धो लें। यह खुजली से निजात दिलाने में सहायक होता है।
इसके अतिरिक्त आप केले में शहद को मिला ले। साथ ही उसमे प्याज के रस को भी मिला दे। इस मिश्रण को बालों पर लगाए और कुछ समय के लिए छोड़ दे।
कुछ देर के बाद शेम्पू से बालों को धो दे। यह भी असरकारी नुस्खा होता है।

अन्य घरेलू उपाय :-

उपरोक्त उपायों के अतिरिक्त प्राकृतिक तेल जैसे नारियल तेल का उपयोग करने से भी सिर की खुजली दूर हो जाती है।
साथ ही आप तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते है।
तेलों के अतिरिक्त ऐलोवेरा जेल भी खुजली को दूर कर बालों को मुलायम बनाने में मदद करता है।

उपरोक्त उपायों को अपना कर आप सिर में हो रही खुजली को दूर कर सकते है। खुजली होने से आपका पूरा ध्यान सिर को खुजलाने में लग जाता है जिस कारण आप आवश्यक काम पर भी ध्यान नहीं दे पाते है। इस तरह की परिस्थितियों से भी आप बच सकते है साथ ही यह उपाय नुकसानदायक भी नहीं होते है और आपके बालों को पोषण देने के साथ साथ स्वस्थ्य रखने में भी मदद करते है।

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Teeth Cleaning At Home…………

Teeth Cleaning At Home: दांतो का पीलापन दूर करें और पाएं सफ़ेद एवं चमकीले दाँत………..

 

जब व्यक्ति अपने शरीर का ठीक से ख्याल नहीं कर पाता तो कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ जाता है। आज हम बात करंगे दांतो की बीमारी के बारे में।

हममें से अधिकतर लोग चेहरे की खूबसूरती पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन समय रहते दांतों की खूबसूरती पर ध्यान नहीं देते है। मोतियों जैसे सफ़ेद और चमकते दांत आपकी सुंदरता और व्यक्तित्व पर चार चाँद लगा देते है। हर कोई चाहता है की उसके दांत साफ़ और चमकदार दिखे। ताकि जब वो स्माइल करें तो उसके दांत अच्छे लगे। बहुत से लोग पीले दांतों के कारण लोगों के सामने हंसने से बचते हैं या मुंह पर हाथ रखकर हंसते हैं।

साफ़ और चमकदार दांत आपको सुंदर दर्शाते है और पीले दांत आपको बदसूरत दर्शाते है। ज्यादातर ऐसा देखा गया है की किसी बीमारी के कारण या खुद की लापरवाही से दांत पीले होने लगते है। वही गुटका, पान, तंबाकू, सिगरेट, शराब आदि का ज्यादा सेवन करने से भी दांतो की चमक खत्म होने लग जाती है और यह इनकी जड़ों को भी कमजोर करते हैं। जब आप कुछ खाते है तो दांतो पर पीली परत जमने लगती है और फिर सही से ब्रश नहीं करने पर दांतों में प्लाक जमा हो जाता है और दांत पीले पड़ने लगते है।

दांतो का पीलापन ज्यादा हो जाता है तो Dental Cleaning करना ज़रुरी हो जाता है क्योंकि अगर समय पर दांतो की सफाई नहीं कराई जाती है तो यह बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। इसे लिए कई लोग डॉक्टर के पास जाकर दांतो की सफाई कराते है। लेकिन आप चाहो तो घेरलू उपचार से ही अपने दांतो की सफाई करे सकते है और दांतो की चमक वापस ला सकते है। आइये आज हम बताते है आपको की कैसे आप दांतो की सफाई करें। आइये जानते है Teeth Cleaning At Home.

पीलापन का कारण

दांत पीले होने का सबसे बड़ा कारण है पान, गुटके और धूम्रपान का अत्यधिक सेवन करना। पान मसाले में कथा मिला हुआ होता है जो दांतो के लिए हानिकारक होता है।
खाने पीने की कई चीजें जिनमे रंग होता है दाँतों को बदरंग कर सकते हैं। जैसे-चाय और कॉफ़ी भी दांतों पर पीले रंग ली परत बना देती है।

ब्रश नहीं करना भी पीलेपन की समस्या पैदा करता है। दिन में कम से कम 2 ब्रश करना अच्छे दांतो की निशानी है।
कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ दांतों पर प्लैक की परत चढ़ती जाती है। इससे भी दांत पीले दिखने लगते हैं।
ज्यादातर बच्चे ज्यादा चॉक्लेट और टॉफ़ी खाते है। इससे भी दांत में सड़न लगने लगती है।

दांतों की सफाई के टिप्स: Teeth Problems Home Remedies

जब आपके दांतो में सड़न लग जाती है या पीले हो जाते है तो कई लोग Dental Cleaning का सहारा लेते है। इसमें व्हिटनेर और कुछ केमिकल्स का उपयोग करके दांतो में जमे प्लाक हो हटाते, दांतो को साफ़ और चमकदार बनाते है। आइये आज हम आपको बताते है कैसे घर पर ही दांतो को साफ़ करें।

बैकिंड सोडा :-

दांतो के पीलेपन को हटाने के लिए बेकिंग सोडा का उपयोग एक अच्छा उपाय है। इसमें एंटीबैक्टीरियल के गुण होते है।
यह दांतो के पीलेपन को हटाने के साथ साथ प्लाक को जमने से रोकता है और दांत को सफ़ेद और चमकदार बनाने में मदद करता है।

अपने ब्रश में 1 चम्मच बैकिंड सोडा अपने टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें। आप चाहो तो बैकिंड सोडा के साथ एक चम्मच नमक मिलाकर भी दांतो पर रगड़ सकते है।

नमक :-

नामक से दांत साफ़ करने का नुस्खा बहुत पुराना है। नमक में सोडियम और क्लोराइड आदि का मिश्रण होता है। नमक में एंटीबैक्टीरियल के गुण होते है जो दांत से बैक्टीरिया निकालने में मदद करता है।
रोज सुबह अपने टूथपेस्ट में चुटकी भर नमक मिलाकर ब्रश करें। इससे आपके दांतो का पीलापन दूर होगा और दांत की अच्छे से सफाई हो जायगी।
नमक दांतो के साथ मसूड़ों को भी स्वस्थ रखता है और मुँह की दुर्गंध को भागता है। कई सारे टूथपेस्ट बनाने के लिए नमक का उपयोग होता है।

सेब का सिरका :-

दांत की सफाई के उपाय के लिए सेब का सिरका बहुत ही उपयोगी है।
यह आपके दांतो के प्लाक को साफ़ कर देगा और दांतो की सड़न को हटा देगा और उन्हें मोतियों की तरह चमकदार बना देगा।

एक चम्मच सेब का सिरका ले उससे अपने ब्रश पर लगा ले और अच्छे से दांतो पर रगड़े, जब तक आपके दांत साफ नहीं हो जाते।

निम्बू :-

निम्बू में नेचुरल ब्लीचिंग और एंटीबैक्टीरियल के गुण होते है जो दांतो की सफाई के लिए भी जाने जाते है। पीले दांतो को साफ़ करने के लिए निम्बू के छिलके को दांतो पर रगड़े। इससे दांत का प्लाक निकल जाएगा और दांत मोतियों की तरह चमकने लगेंगे।
आप चाहे तो निम्बू के रस को टूथपेस्ट का साथ मिलाकर भी ब्रश कर सकते है।
एक गिलास पानी में नींबू का रस मिलाएं। इसमें रातभर दातुन को रखकर छोड़ दें। सुबह इसी दातुन का इस्तेमाल करें। इससे दांतों का पीलापन समाप्त हो जाएगा।

स्ट्रॉबेरी :-

स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी और फोलिक एसिड पाया जाता है जो दांतो को साफ़ करने में उपयोग होता है।
स्ट्रॉबेरी कुदरती तौर दांतो में चमक लाते है।आप चाहे तो स्ट्रॉबेरी को दांतो पर रगड़ भी सकते है।
बेकिंग सोडा और स्ट्रॉबेरी के पल्प को मिलाकर भी दांतों पर रगड़ने से दांतों का पीलापन खत्म होता है।

टमाटर :-

टमाटर का इस्तेमाल करके भी घरेलू तरीके से दातों के पीलेपन को हटाया जा सकता है।
मगर ध्यान रहे की दांतों पर टमाटर का इस्तेमाल ब्रश करने के बाद ही करें।

तुलसी :-

तुलसी में भी दांतो को सफ़ेद बनाने के गुण होते है। तुलसी हमारे दांतो को पायरिया से बचा के रखता है और मसूड़ों को भी स्वस्थ रखता है।
तुलसी के पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें सरसों का तेल मिलाएं। इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने पर भी बहुत फायदा होता है।

लकड़ी के कोयले से :-

पुराने जमाने से लकड़ी के कोयले (राख) से ब्रश करने को कारगर माना गया है। यह एक प्राकृतिक तरीका है दांतो को सफ़ेद और चमकदार बनाने के लिए।
राख को ऊँगली में ले और उससे अच्छे से दांतो की मसाज कर ले। इससे आपके दांत मजबूत और साफ़ भी हो जायँगे।

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Itching All Over Body : खुजली से छुटकारा

Itching All Over Body: खुजली से छुटकारा पाने के लिए घेरलू उपचार………..

 

खुजली त्वचा पर एक तरह का सेंसेशन होता है, जिसमे उस स्थान को बार बार खरोचने की इच्छा होती है। जब भी आपको खुजली होती है तो जब तक आप उसको खुजा नहीं लेते तब तक आराम नहीं मिलता है। त्वचा में रूखेपन या किसी एलर्जी के कारण भी कई बार खुजली होने लगती है। इसे प्रुरिटस के रूप में भी जाना जाता है। यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है। यदि यह ज्यादा समय तक रहती है तो इसका संबंध लिवर या किडनी से हो सकता है।

यह आज के जमाने में बहुत आम समस्या बन गई है। यह हर किसी को हो सकती है। खुलजी के पहले दिमाग में एक तरह का सेंसेशन होता है, उसके बाद हम अपने आप खुजाने लगते है। कई लोगो को खुजली ने बहुत परेशान कर रखा है। खुजली होने के कारण कई बार आपको शर्मिंदगी भी होने लगती हैं। खास कर के तब जब आपके साथ कोई और हो या आप भीड़ में खड़े हो और आप खुजली करने लग जाते हैं। जब अब एक बार शरीर के किसी हिस्से को खुजाने लगते है तो आपको बार बार उसे खुजाने को जी करता है।

कई बार व्यक्ति बिना खुजली भी खुजलाता है, ऐसा व्यक्ति के तनाव में होने या अकेलापन महसूस करने के कारण होता है। क्या आप जनते है खुजली कैसे जन्म लेती है ? खुजली होने के कौन कौन से मुख्य कारण है ? इससे छुटकरा पाने के क्या उपाय है ? आइये आज इस लेख में बातयेंगे की यह कैसे होती है और इससे कैसे निजात पाएं। आइये जानते है Itching All Over Body.

Itching All Over Body: शरीर में खुजली की समस्या होने पर क्या करना चाहिए?

खाज खुजली एक प्रकार की संक्रामक समस्या और चर्म रोग हैं। खाज-खुजली एक प्रकार की कीड़े से फैलती है, जिसका नाम सरकोप्टस स्कैबी है। यह इसने सूक्ष्म होते है की इन्हें नंगी आँखों से देखना असंभव है। इन्हे सुक्ष्मजीव कहते है, इन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप का उपयोग करना पड़ता है। खुजली आपको शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। यह ज्यादातर सर, पैर, जांघों के बीच आदि जगह पर होती है। किसी किसी को तो फुल Body Itching भो होती इसमें पुरे शरीर में खुजली होती है।

Itchy Skin Causes: खुजली के कारण

खुजली होने कई सारे कारण है। आइये जानते है इनमे से कुछ –

सुखी त्वचा इसका सबसे बड़ा कारण है। जब आप नहाते हैं और नहाने के बाद हाथ या पैरों पर क्रीम नहीं लगते तो त्वचा थोड़ी देर बाद सुखने लगती है और खुजली चालू हो जाती है।
जब आपके खून में गंदगी आ जाती है तो यह भी खुजली को जन्म देती है।

दवाइयाँ जैसे – एंटी फंगल या एंटी बैक्टीरियल के रिएक्शन से भी खुजली होने लगती है।
गंदे कपड़े पहनना और ठीक से नहीं नहाने से भी कई बार खुजली होती है।
शरीर में फुंसी या छोटे छोटे दाने होने और लाल चकते हो जाने से भी खुजली होने लगती है।
त्वचा पर पसीना आने से भी Itchy Skin की समस्या होती है।
गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाएं त्वचा में खुजली का अनुभव करती हैं।

खुजली होने के लक्षण: Itching Symptoms

शरीर पर छोटे छोटे दाने जैसा हो जाना।
त्वचा का लाल हो जाना या चकते पड़ना ।
त्वचा में खुजलाहट का अनुभव होना।
ज्यादा खुजली होने पर त्वचा में जलन महसूस होता है।

खुजली से छुटकारा पाने के घेरलू उपाय: Itching Remedies

बेकिंग सोडा:

इसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री गुण पाए जाते है जो हमारे त्वचा से गंदे बैक्टीरिया को साफ़ करता है और त्वचा को साफ़ बनाता है।
प्रभावित स्थान पर नियमित रूप से बेकिंग सोडा को लगाएं आपको जल्दी लाभ मिलेगा। यही त्वचा को सूखा होने से बचाता है।

लहसुन का रस:

इसमें एंटी फंगल के गुण होते है।
यही हमारे त्वचा को फंगल इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत रखता है।
इसलिए खुजली से छुटकारा पाने के लिए लहसुन को बारीक काट लें और खुजली वाली जगह पर लगा ले।

तुलसी का उपयोग:

पुराने जमाने से ही तुलसी को औषधि के रूप में इस्तेमाल कर रहे है।
खुजली से निजात पाने के लिए तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी में डाल कर कुछ देर तक उबालें और इस पानी का सेवन दिन 3 से 4 बार करें।

एलोवेरा का उपयोग:

खुजली को दूर करने के लिए एलोवीरा जेल का इस्तेमाल करें, क्योंकि एलोवीरा में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल के तत्व पाए जाते है जो त्वचा से संबंधित रोगों को दूर करने तथा संक्रमण से लड़ने में मदद करते है।
इसके जेल को प्रभावित स्थान पर लगाएं आपको जल्दी आराम मिलेगा।

एलोवेरा त्वचा के लिए मॉइस्चराइजर का काम करता हैं और त्वचा को साफ़ रखता है।

नारियल का तेल:

नारियल के तेल में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते है जो त्वचा से रूखापन हटाते है और त्वचा को मॉइस्चराइजर रखने के साथ साथ मुलायम बनाते, जिससे खुजली से आराम मिलता है।
रातभर नारियल का तेल में कपूर मिलाकर लगाए रखने से खुजली की समस्या हल हो जाती है।

नीम का उपयोग:

नीम में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल के पोषक तत्व पाएं जाते है, जो त्वचा से संक्रमण को साफ़ करते है।
इसका उपयोग कई एंटी फंगल दवाई बनाने के लिए भी उपयोग होता है।
नीम के पत्तों को पानी में उबालकर, छानकर स्नान करने से खुजली से जल्दी छुटकारा मिल सकता है।
इसके अलावा नीम के पत्ते और काली मिर्च के दाने पीसकर पानी के साथ पीने से भी काफी फायदा होता है।

सेब का सिरका:

इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण इंफेक्शन को दूर करने में मदद करते हैं जिससे खुजली की समस्या दूर होती है।
रूई के टुकडे़ को सेब के सिरके में डुबोएं और प्रभावित क्षेत्र पर दिन में 2 से 3 बार लगाएं।

इसके अलावा भी कई सारे उपाय है Itching Skin से छुटकारा पाने के लिए। आपको यदि इन उपाय से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता तो आप डॉक्टर की सलाह लेकर कोई अच्छा सा एंटी फंगल क्रीम का उपयोग कर सकते है। यदि आपको Itchy Skin all Over बॉडी पर है तो आप ट्रीटमेंट भी करवा सकते है।

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Home Remedies For Muscle Pain……………..

Home Remedies For Muscle Pain: इन घरेलू उपायों से करें मांसपेशियों के दर्द को छू मंतर…………

 

आजकल लोगो को शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो रही है। जिसमे से एक है मांसपेशियों में दर्द का होना। यह बहुत ही आम समस्या है जो लोगो के व्यस्तता और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण अक्सर उत्पन्न हो जाती है।

मांसपेशियों के दर्द से वह लोग ज्यादा चपेट में आते है जो की कामकाजी व्यक्ति होते है। ऐसे लोगो में यह दर्द ज्यादा देखने को मिलता है।

मांसपेशियों में दर्द होने से व्यक्ति की कार्य क्षमता प्रभावित होती है। वह अधिक कार्य नहीं कर पाता है। यदि इस दर्द को अनदेखा किया जाता है तो आगे चलकर यह गंभीर समस्या भी उत्पन्न कर सकता है।

Muscle Pain को ठीक करने से लिए लोग दवाओं का सेवन करते है लेकिन दवाओं का अधिक सेवन भी नुकसानकारी हो सकता है। इसके लिए आप कुछ घरेलू उपायों की मदद भी ले सकते है। इसके लिए जानते है Home Remedies For Muscle Pain के बारे में।

जानते है क्या है Muscle Pain ka Ilaj?

मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने के लिए अनेक घरेलू नुस्खे होते है जो बहुत ही असरकारी होते है। आपको इस लेख में कुछ ऐसे उपाय बता रहे है जो करने में भी आसान है और फ़ायदेमंद भी है।

मांसपेशियों के दर्द के घरेलू उपाय: Muscles Pain Treatment in Hindi

सिकाई- बर्फ की

यह तो सभी जानते है की बर्फ से सिकाई करने से सूजन कम होती है। इसलिए इंजेक्शन लगाने के बाद डॉक्टर भी सिकाई की सलाह देते है क्योंकि इससे सूजन और दर्द दोनों ही दूर हो जाते है।

यदि आप मांसपेशियों के दर्द को ठीक करना चाहते है तो आप बर्फ की सिकाई कर सकते है, यह बहुत ही असरकारी होती है। इसके लिए जिस भी स्थान पर दर्द हो रहा है उस प्रभावित स्थान पर बर्फ से सिकाई करे।

राहत मिलेगी साथ ही यदि सूजन है तो वह भी धीरे धीरे दूर हो जाएगी।

मालिश – सरसो के तेल से

मालिश करने से पूरे शरीर को आराम मिलता है। इसलिए यदि आपको दर्द की समस्या आ रही है तो आप मालिश की मदद भी ले सकते है।

मालिश करने के लिए यदि आप सरसो के तेल का इस्तेमाल करते है तो यह आपके दर्द को दूर करने के लिए बहुत ही उपयोगी होता है।

सरसो के तेल से मालिश करने से मांसपेशियों की जकड़न दूर हो जाती है और रक्त का संचार भी अच्छे से होता है जिसके कारण दर्द दूर हो जाता है। यह बहुत ही पुराना और असरकारी नुस्खा है जिसे पुराने ज़माने से उपयोग किया जाता आ रहा है।

व्यायाम -स्ट्रेचिंग है फ़ायदेमंद

व्यायाम शरीर के लिए बहुत ही फ़ायदेमंद होता है यह शरीर को फिट बनाने में मदद करता है।
यदि आपको मांसपेशियों के दर्द को ठीक करना है तो भी आप स्ट्रेचिंग का सहारा ले सकते है।

स्ट्रेचिंग करना दर्द के दौरान थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन इसे करने से मांसपेशियों का दर्द ठीक हो जाता है।
अगर आप नियमित रूप से स्ट्रेचिंग करते हैं तो इससे मांसपेशियों में दर्द नहीं होता है।

खाये – अदरक

अदरक का सेवन करने से भी मांसपेशियाँ दर्द की समस्या से दूर रहती है। इसमें ऐसे गुण होते है जो दर्द को दूर करने में सहायक होते है। इसलिए आप अदरक का सेवन भी कर सकते है।
इसे यदि आप अच्छा खाते है तो यह बहुत ही असरकारी होता है। या फिर इसका इस्तेमाल आप इसे पकाकर/जलाकर भी कर सकते है। दोनों रूपों में ही आपको इसके फायदे मिल सकते है।
यह एक बहुत ही अच्छा दर्द निवारक होता है। दर्द को दूर करने के लिए तेल में अदरक के रस को मिला कर भी लगाया जा सकता है या फिर इसके पेस्ट को भी प्रभावित स्थान पर लगाने से राहत मिलती है।

आहार में शामिल करे – प्रोटीन को

अपने आहार में प्रोटीन को शामिल ज़रूर करना चाहिए यह शरीर को आवश्यक तत्व प्रदान करता है जिससे शरीर को कई तरह के लाभ मिलते है।
प्रोटीन की मदद से ही मांसपेशियों का विकास होता है इसलिए प्रोटीन आवश्यक होता है।

यदि शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो भी मांसपेशियों में दर्द उत्पन्न होता है। इसलिए आपको चाहिए की आप अपने आहार में प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करे।

अन्य Muscle Pain Treatment
उपरोक्त उपाय बहुत ही असरकारी और सरल होते है साथ ही बड़ी आसानी से उपलब्ध भी रहते है जिसके कारण आप इनका उपयोग कर सकते है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीना :-

इसके अलावा आपको पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीना ज़रूरी होता है क्योंकि शरीर में यदि पानी की कमी होती है तो इससे मांसपेशियां सिकुड़ जाती है और इनमे दर्द होने लगता है। इसलिए प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करे।

हल्दी का उपयोग :-

यदि आप हल्दी का उपयोग करते है तो यह भी बहुत ही फ़ायदेमंद होती है। हल्दी में रोग प्रतिरोधक के गुण पाए जाते है। जिसके कारण यह दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती है।

इसके इस्तेमाल के लिए आप थोड़ी सी हल्दी को एक ग्लास दूध में गर्म कर लें और उसे हल्का गर्म करके इसका सेवन करे।

ऐसा करने से शरीर के दर्द दूर हो जाते है साथ ही सूजन या प्रभावित स्थान पर हल्दी का लेप लगाने से भी राहत मिलती है।

सेव का सिरका :-

सेव का सिरका भी मांसपेशियों के दर्द को दूर करने में सहायक होता है इसलिए इसका इस्तेमाल भी आसानी से किया जा सकता है।

केले का सेवन करना :-

केले का सेवन करना भी मांसपेशियों के दर्द के लिए उत्तम होता है। इसमें पोटेशियम पाया जाता है जो मांसपेशियों की थकान, दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है।

इस तरह आप उपरोक्त उपायों की मदद से मांसपेशियों के दर्द को दूर कर सकते है। मांसपेशियों में दर्द होने से आप कार्य को अच्छे से नहीं कर सकते है साथ ही आपको इसके कारण कई तरह की समस्याएं भी आती है। इसके कारण चलने, उठने, बैठने आदि में भी परेशानी आने लगती है। यदि आप दवाओं का सेवन नहीं करना चाहते है तो उपरोक्त उपायों की मदद ले सकते है। कुछ दिन इन्हे करने से आराम मिलता है।

नोट- यदि आपको घरेलू उपायों की मदद से भी राहत नहीं मिलती है तो आपको अपने इस दर्द को डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन से बचने के क्या करे ………..

गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन से बचने के टिप्स………..

 

गर्मियों में जब तापमान चरम पर होता है तब सबसे बड़ी समस्या होती है शरीर में जल की कमी हो जाना। एक विशेषज्ञ ने इसके लिए आसान सुझाव दिया है कि गर्मियों में अपने भोजन को ही जल का अच्छा स्रोत बनाएं। फिटनेस एवं आहार विशेषज्ञ नीरज मेहता ने आईएएनएस से कहा, “गर्मियों में कोई भी अधिक मात्रा में पानी पी सकता है। ठोस खाना भी आश्चर्यजनक मात्रा में पानी उपलब्ध कराता है जो आपके शरीर में पानी के स्तर को संतुलित रखता है।

नीरज मेहता के सुझाव के अनुसार गर्मियों में भोजन के रूप में लिए जा सकने योग्य खाद्य पदार्थो का ब्योरा :

सलाद :

सलाद में 95 प्रतिशत मात्रा में जल होता है। इसमें बेहतर मात्रा में प्रोटीन भी मौजूद होता है जिसमें वसा जरा सा भी नहीं होता और क्लोरीन भी बिल्कुल कम होता है। इसमें पोषक तत्व भी अच्छी मात्रा में होते हैं। इसमें ओमेगा-3, उच्च फाइबर, लौह और कैल्शियम होता है।

ब्रोकली :

इसमें पोषाहार के साथ 89 प्रतिशत मात्रा में जल होता है। इसके गैर-दाहक लक्षण आपको गर्मी से लड़ने में सक्षम बनाता है।

सेब :

इसमें भी 89 प्रतिशत पानी होता है और यह फाइबर, विटामिन सी और काफी मात्रा में अन्य पोषक तत्वों का सबसे बेहतरीन स्रोत होता है।

दही :

गर्मी में जल की कमी के लिए दही सबसे बेहतर विकल्प है, क्योंकि इसमें 85 प्रतिशत पानी के अवयव होते हैं।

चावल :

पके हुए चावल में 70 प्रतिशत पानी के अवयव होते हैं। यह आपके शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मददगार हो सकता है। इसमें लौह, कार्बोहाइड्रेट एवं अन्य तत्व भी प्रचुर मात्रा में होते हैं।

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मिश्री खाने से मिलते हैं शरीर को अद्भुत फायदे, पास भी नहीं फटकतीं ये बीमारियां

मिश्री खाने से मिलते हैं शरीर को अद्भुत फायदे, पास भी नहीं फटकतीं ये बीमारियां……….

 

मिश्री का सेवन यदि अभी तक आप भी केवल माउथ फ्रेशनर के तौर पर कर रहे हैं तो आपको अपनी डाइट में मिश्री को आज ही शामिल कर लेना चाहिए। जी हां, मिश्री इतनी लाभकारी है कि आप सोच भी नहीं सकते। कई तरह की बीमारियों को मिश्री हमारे शरीर से दूर रखने में मददगार होती है। प्राचीन समय में भी लोग खाने के बाद और बीच-बीच में भी मिश्री जरूर खाते थे।

हालांकि, आज के वक्त में लोगों ने इसे इस्तेमाल में लाना बंद कर दिया है। लोगों के मन में यह शंकर बैठ गई है कि इसका सेवन करने से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ जाएगा। मिश्री के कई ऐसे लाभ हैं, जो सेहत को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही मिश्री के फायदे के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

 शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है :-

यदि आप नियमित रूप से मिश्री का सेवन करें रहे हैं तो इससे आपके शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ने लगता है। यही नहीं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी रक्त संचार भी मिश्री के सेवन से ठीक तरीके से शरीर में बना रहता है। जब भी हिमोग्लोबिन का स्तर शरीर में कम होना शुरू होता है, तो ऐसे में खून की शरीर में कमी हो जाती है। इससे बिना कुछ किए भी थकान व कमजोरी का अनुभव होने लगता है। चक्कर आने की शुरुआत हो जाती है। आपको भी यदि इसी तरह की परेशानियां हो रही हैं तो मिश्री को आज भी अपनी डाइट में आप अवश्य शामिल करें।

शरीर को मिलती है ऊर्जा :-

मुंह का स्वाद तो मिश्री आपके बढ़ा ही देती है, लेकिन साथ में शरीर में यह ऊर्जा का भी संचार करती है। सौंफ और मिश्री का यदि आप साथ में सेवन करते हैं तो इससे आपके मुंह की फ्रेशनेस भी बढ़ती है और इसके अलावा आपके शरीर में एक अलग ही तरह की फुर्ती भी आ जाती है।

 नाक से खून आना :-

गर्मी का जगह मौसम आता है तो बहुत से लोगों को नाक से खून आने की शिकायत हो जाती है। यदि आप भी इन लोगों में से एक हैं तो आपको मिश्री का सेवन आज ही शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि यदि आप इसे खाना शुरू करते हैं तो इससे आपके नाक से खून आना बंद हो जाता है।

 पाचन क्रिया :-

मिश्री का यदि आप सेवन करते हैं तो इससे आपका पाचन तंत्र मजबूत बना रहता है और सही तरीके से काम करता है। मिश्री में दरअसल डाइजेस्टिव गुण मौजूद होते हैं। ऐसे में आपका खाना जल्दी और बेहद आसानी से पच जाता है। इसलिए कहा जाता है कि भोजन करने के बाद मिश्री का सेवन जरूर करना चाहिए।

सर्दी-जुकाम में :-

घी में काली मिर्च का पाउडर और मिश्री का पाउडर मिलाकर पेस्ट तैयार करके रात में आपको इसका सेवन करना चाहिए। इससे सर्दी-जुकाम दूर होता है। मिश्री और काली मिर्च का पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर लेने से खांसी में भी आराम मिल जाता है।

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Home Remedies to Turn White Hair Black without chemical dyes…….

सफ़ेद बाल काले करने के घरेलु उपाय | Home Remedies to Turn White Hair Black without chemical dyes………..

 

सफेद बालों की समस्या बड़े बूढ़ो मे सीमित ना रहकर आजकल बच्चों में भी होने लगी है. हालांकि समय रहते ही अगर अपने बालों पर थोड़ा सा ध्यान दिया जाए, तो इस समस्या को होने से रोका जा सकता है और बालों को मजूबत और घना भी रखा जा सकता है.

बाल सफ़ेद होने के मुख्य कारण (Reason of white Hair)-

तनाव (Tension)
सही खानपान ना होना
ज्यादा हेयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना
हल्की क्वालिटी के प्रोडक्ट उपयोग करना
प्रदुषण
कई बार ये समस्या आनुवंशिक भी होती है
हार्मोन (Hormones)

सफेद बालों को काला करने के घरेलू नुस्खे ( Home Remedies to Turn White Hair Black )

ये जरूरी नहीं है, कि केवल केमिकल युक्त चीजों की मदद से ही बालों को काला किया जा सकता हैं. आप चाहें तो नीचे बताए गए प्राकृतिक उपायों की सहायता से भी इन्हें काला कर सकते हैं.

कच्चे पपीता – कच्चे पपीते का इस्तेमाल कर आप कुछ महीनों में अपनी इस समस्या से छुटकारा पा सकते है और ऐसा करने के लिए आपको बस कच्चे पपीते को पीसकर उसका पेस्ट तैयार करना होगा. इस पेस्ट को अपने बालों पर 20 मिनिट के लिए अप्लाई करे.

प्याज – आप प्याज के रस का उपयोग कर आप अपने बालों को पुनः पहले जैसा ब्लैक कर सकते हैं, आपको बस एक प्याज को घिसना होगा और फिर उसे अपने बालों पर अप्लाई करना होगा.

आंवले का पेस्ट – आंवले का पेस्ट बालों को लंबा करने और सफेद बालों को काला करने में सहायक होता है और इसका पेस्ट लगाने से बालों को और भी तरह के फायदे पहुंचते हैं. इसका पेस्ट तैयार करने के लिए आपको 4 से लेकर 6 आवले की जरूरत पड़ेगी. आपको इनको घिसकर एक पेस्ट तैयार करना होगा. जिसके बाद आपको थोड़ी देर के लिए इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाकर रखना होगा और जैसे ही ये सूख जाए, तो आप बालों को वॉश कर लें.

नारियल तेल और कड़ी पत्ता – बालों के लिए नारियल का तेल और कड़ी के पत्ते भी लाभकारी होते हैं और इन दोनों को अगर बालों पर मिला कर यूस किया जाए, तो सफेद बालों की परेशानी को खत्म किया जा सकता है.

इन दोनों चीजों का पेस्ट बनाने के लिए आपको 1/8 कप नारियल के तेल और 1/4 कप कड़ी पत्तों को साथ में मिलाकर गर्म करना होगा. जब ये अच्छे से गर्म हो जाए तो गैस बंद करके इन्हें ठंडा करना होगा.

तेल ठंडा हो जाने के बाद आप इसे बालों में जड़ो से सिरे तक लगाए, इस प्रक्रिया को हर समय बाल धोने के पहले अपनाए, आपको लाभ अवश्य होगा.

बादाम का तेल, नींबू का रस, और आवला रस – एक कटोरी में चार चम्मच बादाम का तेल और एक चम्मच नींबू का रस और आमला का रस डाल दें, फिर इसको अच्छे से मिला लें, इसके उपयोग से आपको फायदा अवश्य होगा.

तिल का तेल और गाजर का तेल- 4 बड़े चम्मच तिल के तेल और आधा चम्मच गाजर के बीज का तेल लेकर, आप इन्हें अच्छे से मिला लें और जब ये दोनों प्रकार के तेल अच्छे से मिल जाएं, तो आप इसका इस्तेमाल करे, आपकों फायदा अवश्य होगा.

हिना और मेथी का पाउडर –

हिना का पाउडर और मेथी के पाउडर को अगर मिलाकर बालों पर लगाया जाए, तो सफेद बाल काले हो जाते हैं. हालांकि इनका पेस्ट तैयार करने के लिए आपको इन दोनों चीजों के पाउडर में दही और कॉफी का पाउडर डालना होगा और फिर कुछ पानी डालकर एक पतला पेस्ट तैयार करना होगा, तब ही आप इसका उपयोग कर पाएंगे.

बादाम का तेल और तिल का तेल –

बादाम का तेल बालों को कई प्रकार का पोषण प्रदान करता है इसलिए इसका तेल आप नियमित रूप से इनपर लगाएं. वहीं आप चाहें तो इस तेल में तिल का तेल भी मिलाकर लगा सकते हैं. इन दोनों चीजों का तेल लगाने से आपके सफेद बाल काले हो जाएंगे.

गाय के दूध का मक्खन –

आयुर्वेद के मुताबिक अगर बालों पर गाय के दूध से बना हुआ मक्खन लगाया जाए, तो सफेद बालों की समस्या को खत्म किया जा सकता है. इसलिए आप गाय का दूध खरीद कर घर पर इसका मक्खन तैयार कर लें और उसको अपने बालों पर नियमित समय पर लगाते रहें.

योगा –

योगा की मदद से भी आयु से पहले बालों के सफेद होने की समस्या को रोका जा सकता है और सफेद बालों को काला किया जा सकता है. आप बस नियमित रुप से दोनों हाथों के नाखूनों को आपस में रगड़े या फिर भ्रामरी प्राणायाम, कपालभाति और भुजंगासन जैसी योगा के आसन करते रहें.

बायोटिन युक्त उत्पाद का इस्तेमाल करें –

बायोटिन बालों को काला रखें और सफेद बालों को काला करने में सहायक होता है, इसलिए आप केवल उन्हीं बालों के उत्पादों का इस्तेमाल करें, जिन्हें बनाने में बायोटिन युक्त चीजों का प्रयोग किया गया हो. इसके अलावा आप अंडे जैसी चीजों का सेवन भी जरूर करें.

विटामिन बी 12- वाला खाना खाएं –

विटामिन बी 12 युक्त चीजों का सेवन करना बालों के स्वास्थय के लिए गुणकारी होता है. पनीर, एवोकैडो, संतरे, प्लम और क्रैनबेरी जैसी चीजों में विटामिन बी 12 पाया जाता हैं और ये सभी चीजे बालों की ग्रोथ, बालों को काला रखने में सहायक होती हैं, इसलिए आप इन चीजों को अपने खाने में शामिल करे लें.

त्रिफला और भृंगराज –

त्रिफला और भृंगराज बालों के लिए काफी अच्छे होते हैं और इनका इस्तेमाल करने से बाल काले के साथ सुंदर होकर शाइन भी करने लगते है. आप बस रात में एक कड़ाही में इन दोनों चीजों को पानी में मिलाकर रख दे और सुबह बाल धोने से एक घंटा पहले इस पानी को अपने बालों पर लगा दें और जब ये सूख जाए तो अपने बाल धो लें.

गाजर का रस –

अपने आहार में आप गाजर का रस जरूर शामिल कर लें, क्योंकि ये रस एंटीऑक्सिडेंट प्रदान करता है जो कि उन जहरीले पदार्थों को खत्म करता है जो कि सफेद बालों को विकसित करने का कारण बनते हैं.

अदरक –

अदरक में कई ऐसे पदार्थ पाए जाते हैं जो कि सफेद बालों को काला करने में बहुत प्रभावी होते हैं. इसलिए अगर अदरक को पीस कर शहद के साथ मिलाकर बालों पर लगाया जाए, तो सफेद बालों की परेशानी से निजात पाई जा सकती है.

चायपत्ती –

ये नेचुरल डाई होती है, जिससे लगाने से बाल काले होते है. काली चाय समय से पहले सफ़ेद हुए बालों को काला करती है. इसे उपयोग करना भी बहुत आसान होता है.2 चम्मच चायपट्टी को पानी में उबाल लें. अब इसे 2 घंटे तक ठंडा होने दें. पानी को छान कर एक स्प्रे बोतल में भर लें. अब इस स्प्रे बोतल से अपने बालों में स्प्रे करें. कम से कम 1 घंटे इसे रहने दें फिर पानी से धो लें. इसके बाद शैम्पू ना करें.

नारियल तेल –

नारियल तेल के साथ नीम्बू का रस लगाने से बाल चमकदार और काले होते है.अपने बालों के अनुसार नारियल तेल लें, उसमें 3 tbsp नीम्बू का रस मिलाएं. अब इससे अपने बालों की जड़ की मसाज करें. इसके बाद कंघी कर लें. 1 घंटे इसे ऐसे ही रहने दें फिर mild शैम्पू से धो लें. हफ्ते में 2 बार इसे लगायें, जिससे आपको मिलेंगे काले चमकदार सॉफ्ट बाल.

नीम की पत्ती –

नीम की पत्ती में नारियल तेल मिला कर लगाने से बाल का पोषण होता है. बाल बढ़ते है और सफ़ेद होने की क्षमता घटती है. थोड़ी सी नीम पत्ती को नारियल तेल में उबालें. अब पत्ती अलग कर तेल को ठंडा होने दें. अब इस तेल से अपने जड़ों की मसाज करें. और 1 घंटे बाद शैम्पू से धो लें. हफ्ते में 2 बार 1 महीने तक रोज करें.

मेहँदी (हिना) –

ये नेचुरल डाई है, जो सबसे पुराना इफेक्टिव उपाय है. मेहँदी से बाल काले और सॉफ्ट होते है. यह बहुत अच्छा कंडीशनर भी होता है. मेहँदी लगाने का प्रचलन सदियों से चला आ रहा है. हमारी दादी नानी के नुस्खे आज भी हमें मेहँदी लगाने की सलाह देते है. पहले लोग घर पर ही मेंहदी पीस कर उसे बालों में लगाया करते थे. अब मेहँदी पाउडर हमें आसानी से बाज़ार में मिल जाता है. मेहँदी लगाने में समय जरुर लगता है लेकिन बहुत असरदार होता है. और साथ ही कोई नुकसान नहीं होता हमारे बालो और स्किन को.

एक लोहे या स्टील का बर्तन लें, अब इसमें 1 कप मेंहदी, 2 tbsp कॉफ़ी पाउडर, 1 tbsp दही, 1 tbsp नीम्बू का रस, 1 tbsp आमला पाउडर, 1 tbsp शिकाकाई पाउडर, 2-3 tbsp विनेगर मिलाएं. थोडा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. अब इस मिक्सचर को रात भर नहीं तो कम से कम 2 घंटे ढककर रख दें. अब इसे अपने बालों पर अच्छे लगायें और सूखने दें. अब इसे पानी से धो लें और अगले दिन शैम्पू करें. हफ्ते में 1 बार इसे जरुर लगायें.

काली मिटटी –

हमारे देश की मिटटी बहुत अच्छी और उपजाऊ होती है. ये मिटटी हमारे बालों के लिए भी बहुत अच्छी होती है, इससे बाल काले, सॉफ्ट चमकदार होते है. काली मिटटी आपको तालाब या नदी के किनारे मिल जाएगी. ये मिट्टी बहुत चिकनी होती है, इसमें कंकड़ पत्थर नहीं होते है. मिटटी अगर सूखी हो तो उसमें थोडा सा पानी मिला लें. अब इस मिटटी को अपने बालों और जड़ में लगायें. 10-15 बाद पानी से धो कर शैम्पू कर लें. हर हफ्ते इसे लगायें. इससे बाल काले घने और मजबूत बनेंगे.

काली तिल –

तिल में बहुत से खनिज पदार्थ और विटामिन होते है. ये बालों का गिरना कम करते है और उन्हें काला बनाते है. (काली तिल ना हो तो आप सफ़ेद तिल भी इस्तेमाल कर सकते है.) तिल को पानी में थोड़ी देर भिगो दें. अब इसे मिक्सी में पीस कर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को अपने बालों में अच्छे से लगायें और मसाज करें. ½ घंटे बाद पानी से धो कर शैम्पू कर लें. हफ्ते में 1 बार इस्तेमाल करें. इससे आपको परिणाम जरुर मिलेगा.

मैथी पाउडर –

मैथी को नारियल तेल साथ मिलाकर लगाने से बालो का सफ़ेद होना कम हो जाता है.½ चम्मच मैथी पाउडर को 1 tbsp नारियल तेल में मिलाएं. इसे अपने बालों में लगाकर मसाज करें. ½ घंटे बाद पानी से धो लें. महीने में 5-6 बार उपयोग करें परिणाम जल्दी मिलेगा.

आम के पत्ते –

आम के पत्तों को पीस कर पेस्ट बना लें. इसे अपने बालों में लगायें और 15-20 min बाद पानी से धो लें. इससे बाल बढ़ेंगे और काले भी होंगे. इसके अलावा आप आम के कुछ पत्ते और आम के छिल्कों को पीस कर पेस्ट बनायें. इस पेस्ट को नारियल तेल में मिलाकर कर डब्बे में भर दें. इस डब्बे को कई दिनों तक धुप में रखें. अब हमेशा इस तेल का इस्तेमाल अपने बालों में करें. यह बालों का गिरना कम करता है और बाल काले करता है. आम के ये दोनों ही इलाज बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुए है.

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