Dry cough home remedies (gharelu upay)…………..

सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार | Dry cough home remedies (gharelu upay)………..

 

कफ़ एक ऐसी समस्या है जो बहुत आम होती है और हर किसी को कभी भी हो सकती है. मौसम में जरा से बदलाव से हमारे शरीर में सबसे पहले असर होता है, और सूखी खांसी जैसी बीमारी हमें जकड़ लेती है. सर्दी होने से हमारी नाक गला सभी बंद हो जाता है और हमें सांस लेने तक में कठिनाई होती है. कई बार सर्दी तो ठीक हो जाती है, लेकिन खांसी पीछा नहीं छोड़ती, और ये खांसी बिना कफ के सूखी होती है.

सूखी खांसी होने के कारण (Reason of Dry Cough or Sukhi Khansi) –

1 viral संक्रमण
2 फ्लू
3 सर्दी
4 स्मोकिंग
5 धूल मिटटी के संपर्क में ज्यादा रहना
6 किसी बड़ी बीमारी का होना जैसे TB, अस्थमा, फेफड़ों में कैंसर

इन सभी कारणों से हमें खांसी होने लगती है. खांसी लगातार होने से हमें सीने, सर में दर्द भी होने लगता है. खांसी की वजह से हम अच्छे से खा पी भी नहीं पाते है और किसी पार्टी मीटिंग जाने में भी हमें शर्मिंदगी महसूस होती है. लगातार आती खांसी हमें सब लोगों की नजर में ले आती है और हमारी वजह से दुसरे भी परेशान होने लगते है. सूखी खांसी सबसे ज्यादा संक्रमण फैलाते है, इसके कीटाणु मुख से निकल कर हवा में मिल जाते है और दुसरे के शरिर में सांस के द्वारा अंदर चले जाते है. जिससे दूसरा व्यक्ति भी इससे संक्रमित हो जाता है. इसलिए लोग खांसी वाले इन्सान के संपर्क में आने से कतराते है. खांसी वाले व्यक्ति को हमेशा अपने साथ एक रुमाल रखना चाहिए, और जब भी खांसी आये रुमाल मुंह पर रखें ताकि कीटाणु किसी और तक ना पहुंचे.

वैसे तो खांसी की बहुत सी दवाइयां बाजार में उपलब्ध है और इनसे हमें आराम भी मिल जाता है, लेकिन अगर इसका इलाज हमें घर पर मुफ्त में मिल जाये तो क्या बात है. आयुर्वेद में हर बीमारी का इलाज है और ये इलाज बहुत असरदार भी होता है. आयुर्वेद में बीमारी धीरे धीरे लेकिन जड़ से मिट जाती है. सूखी खांसी दवाई खाने के बाबजूद 1-2 दिन में ठीक नहीं होती है, इसे ठीक होने में 10-15 दिन कई बार तो महीने लग जाते है. ये दवाई कई बार अपना असर भी नहीं दिखाती है. तो चलिए आज हम आपको सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार बताते है. सूखी खांसी दूर करने के ये घरेलु तरीके बहुत किफायती और असरदार होते है. जब भी आपको या आपके घर वालों को यह बीमारी हो आपको बस अपने घर में मौजूद सामान के अनुसार इसका इलाज करना है. सूखी खांसी के ये घरेलु नुस्खे आपको इस बीमारी से ठीक करेंगे. ये तरीके आपके किचिन में ही है बस आपको नजर घुमाने की जरुरत है. ये घरेलु उपचार दवाई से ज्यादा टेस्टी और असरदार होते है, जिसे आपके बच्चे भी आसानी से स्वाद ले लेकर खायेंगे.

सूखी खांसी दूर करने के घरेलु उपचार

1 शहद का उपयोग :-

एक शोध के अनुसार शहद खांसी में किसी दवाई से ज्यादा असरदार होती है. इसमें antibactirial प्रॉपर्टीज होती है जो खांसी के कीटाणु को नष्ट करती है. यह तरीका बच्चे बड़े सभी पर असरदार होता है, और खाने में टेस्टी होने के कारण सब इसे चाट चाट कर खाते है. 1 tbsp शहद को दिन में 3 बार लें इससे आपको जरुर आराम मिलेगा. रात को सोने से तुरत पहले जरुर लें इससे आपको सोते वक्त खांसी नहीं आएगी और आप चैन से सो पाएंगे. बच्चों को 1 tbsp की जगह 1 tsp ही खिलाएं. यह इलाज आप बच्चो के लिए भी अपना सकते है.

2 हल्दी का उपयोग :-

सूखी खांसी के लिए हल्दी बहुत अच्छा इलाज है. हल्दी का प्रयोग आयुर्वेद में बहुत समय से होते आ रहा है. हल्दी हमारे सौन्दर्य को निखारने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. ½ कप पानी को उबाल लें, उसमें 1 tsp हल्दी, 1 दालचीनी स्टिक और 1 tsp काली मिर्च मिलाएं. इसे 1-2 min और उबालें फिर इसमें 1 tbsp शहद मिलाएं. अब इसे दिन में 2 बार पियें जब तक आपको आराम न मिल जाए. इसके अलावा 1 कप पानी में 1 चम्मच हल्दी पाउडर और 1 चम्मच अजवाइन डालें. इसे तब तक उबालें जब तक वह आधा ना रह जाये. अब इसमें शहद

3 अदरक का उपयोग :-

अदरक खांसी के लिए नेचुरल दवाई है. अदरक के कुछ कुछ टुकड़े 1 कप पानी में उबाल लें, फिर इसमें 2 चम्मच शाद मिलाएं और इसे दिन में 2-3 बार पियें. खांसी में जरुर आराम मिलेगा. इसके अलावा आप अदरक कुछ टुकड़े ऐसे ही चबा सकती है.

4 नमक के पानी का उपयोग :-

कफ में नमक का पानी बहुत असरदार होता है. यह गले के दर्द को दूर कर खांसी से भी आराम देता है. 1 गिलास गुनगुना पानी लें उसमें 1 tbsp नमक मिलाएं. अब इस पानी को मुंह में लेकर 15 तक गरारे करे. इस प्रक्रिया को दुहराते रहें. इसके आपके गले को बहुत आराम मिलेगा.

5 नीबू का उपयोग :-

नीम्बू में विटामिन c होता है जो कफ के संक्रमण को दूर करता है. 2 tbsp नीम्बू के रस में 1 tbsp शहद मिलाएं . इसे दिन में कई बार पियें, आपकी खांसी कम हो जाएगी.

6 लहसुन का उपयोग :-

लह्स्सों में antibactirial property होती है जो खांसी दूर करने में सहायक होती है. 1 कप पानी में 2-3 लहसून की कालिया डालकर उबालें. इसे थोडा ठंडा कर इसमें शहद डालें और पी लें.

7 प्याज़ का उपयोग :-

खांसी के उपचार के लिए ये बहुत आसन तरीका है. ½ tsp प्याज के रस में ½ tsp शहद मिलाएं और इसे दिन में 2-3 बार पियें. इससे आपको जरुर आराम मिलेगा.

8 गरम दूध का उपयोग :-

गरम दूध से कफ में आराम मिलता है साथ ही ये सीने के दर्द को भी कम करता है. 1 गिलास दूध में 2 चम्मच शाद मिला कर पियें. इसे आप रात को सोने से पहले पियें. इससे खांसी में आराम मिलेगा.

9 कलि मिर्च का उपयोग :-

काली मिर्च भी कफ में बहुत आराम देती है. इसे पीस कर दूध मिला कर खाएं खांसी में आराम मिलेगा. इसके अलावा इसे पीसकर घी में थोडा भून लें फिर इसे रोज खाएं. खांसी जल्दी ठीक हो जाएगी.

10 चाय का उपयोग :-

सर्दी खांसी में जी चाहता है बस कुछ गरम गरम पीने का, ऐसे में चाय से अच्छा क्या मिलेगा. आप अपनी रोज की चाय में तुलसी, काली मिर्च और अदरक मिला लें. इससे आपकी खांसी में बहुत जल्द आराम मिलेगा.

11 तुलसी का उपयोग :-

तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर उसमें शहद मिलाएं. फिर इसमें अदरक का रस भी मिलाएं . इसे आप रोज दिन में 2 बार लें आपको खांसी से जरुर आराम मिलेगा.

12 गाजर के जूस का उपयोग :-

गाजर का जूस निकालें उसमें थोडा पानी भी मिला लें. अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार पियें. आपको आराम मिलेगा.

13 बादाम का उपयोग :-

बादाम में बहुत से पोषक तत्व होते है जो कफ में आराम देते है. 4-5 बादाम को रात भर पानी में भिगो दें. अगले दिन इसे पीस कर पेस्ट बना लें अब इसमें 1 tsp बटर मिला लें. इसे दिन में 3-4 बार तब तक लें जब तक आपको आराम ना मिल जाये.

ये सभी तरीके नेचुरल है और आप ये तरीके बच्चो के लिए भी उपयोग कर सकते है . इससे किसी को कोई भी नुकसान नहीं होगा. और आपको जरुर बहुत अच्छे परिणाम मिलेगा. लेकिन अगर आपको 2 हफ़्तों में भी आराम नहीं मिला है, तो आप अपने डॉक्टर को जरुर दिखाएँ.

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घुटनों में दर्द के लिए घरेलु उपाय | Knee Pain Gharelu Upay………….

घुटनों में दर्द के लिए घरेलु उपाय | Knee Pain Gharelu Upay……………….

 

घुटनों एवम जोड़ो का दर्द आज के समय में बहुत बड़ी परेशानी हैं जो उम्र देख कर नहीं आती . इसका सबसे बड़ा कारण हैं जरुरत से ज्यादा वजन होना . रोगों की इस दुनियाँ में मनुष्य को सबसे पहले अपने शरीर के प्रति उत्तरदायी होना चाहिये . अगर आपका वजन अधिक हैं तो उसे समय रहते कम करें साथ ही कम हैं तो उसे बढायें .

आवश्यक्ता से अधिक वजन कम होना या अधिक होना दोनों ही नुकसान देह हैं . इसके अलावा भी शरीर की अच्छी रोकथाम के लिए दैनिक रूप से योग, प्राणायाम, सैर अथवा जिम जैसे कार्य करना अनिवार्य होना चाहिये . माना कि आज के वक्त में अगर रोग बढ़े हैं तो उसके उपाय भी हैं लेकिन मेडिकल उपाय से कई ज्यादा अच्छे उपाय योग साधना, प्राणायाम अथवा रोजमर्रा के घरेलु साधनों में हैं . लेकिन यह समय रहते अपनायें जायें तो इनका फायदा जरुर मिलता हैं .

घुटनों में दर्द एक बहुत बड़ी दर्दनाक तकलीफ हैं जब भी घुटनों का दर्द होता हैं, नानी याद दिला देता हैं .

घुटनों में दर्द से बचने के लिए शारीरिक व्यायाम एवम घरेलु उपाय सदैव शल्यचिकित्सा से बेहतर होते हैं परन्तु यह उपाय समय रहते करने पर ही उचित लाभ देते हैं . समय बीत जाने पर इनका असर नहीं होता . अतः समय रहते जाग जायें और घुटनों के दर्द जैसे रोगों को नज़रअंदाज ना करें

घुटनों में दर्द के तीन अहम् कारण (Reason of Knee Pain):

वजन (Weight):

अगर शरीर का वजन अधिक हैं और घुटने की मांस पेशा कमज़ोर हैं तो घुटनों का दर्द होता हैं . इसके लिए रोजाना सैर पर जायें हो सके तो दौड़ लगायें .साथ ही नियमित योग करें .

लुब्रिकेंट कम होने पर :

शरीर के जोड़ो में दर्द का कारण हैं शरीर से लुब्रिकेंट की कमी हो जाती हैं एक ऐसा तरल पदार्थ जिसके कारण जोड़ो को मूव करने में आसानी होती हैं अगर इसकी कमी हो जाती हैं तो घुटनों में दर्द (Ghutno main dard ) रहता हैं .

अत्यधिक शारीरक कार्य :

अगर आपने अपने जवानी के दिनों में जरुरत से ज्यादा दौड़ा हैं या किसी खेल के खिलाड़ी जैसे दौड़, फ़ुटबाल, क्रिकेट या हॉकी आदि रहे हो तो भी एक वक्त के बाद घुटने जवाद दे जाते हैं और उनमे दर्द होने लगता हैं . इसके अलावा कई लोग जिम में आवश्यक्ता से अधिक ट्रेडमील और साइकिलिंग करते हैं सोचते हैं इससे वजन कम होगा लेकिन बाद में यह सिविअर घुटनों के दर्द (Ghutno main dard ) का कारण बन जाता हैं . इसलिए बार बार कहते हैं कि कोई भी कार्य जरुरत से ज्यादा करने पर वो तकलीफ देता हैं .

यह हैं तीन मुख्य कारण जिनकी वजह हैं घुटनों में दर्द (Ghutno main dard ) रहता हैं .आगे जाने कुछ घरेलु नुस्खे जिनसे घुटनों के दर्द में राहत मिल सकती हैं .

घुटनों में दर्द के लिए घरेलु उपाय

बर्फ की सिकाई :

घुटनों के दर्द (Ghutno main dard ) से तुरंत राहत पाने के लिए बर्फ के टुकड़े से सिकाई की जाती हैं इससे रक्त का प्रवाह ठीक होता हैं और घुटने में आई सुजन एवम दर्द दोनों में राहत मिलती हैं . बर्फ की सिकाई के लिए उसे एक कपड़े में लपेट कर धीरे- धीरे घुटने पर रगड़ते हैं यह प्रक्रिया 10 से 20 मिनिट तक दौहाराएँ इससे आपको तुरंत राहत मिलेगी .

एप्पल साइडर सिरका भी घुटनों के दर्द में सहायक होता हैं :

एप्पल साइडर सिरका घुटनों के दर्द (Ghutno main dard ) में राहत पहुँचाता हैं .यह घुटनों अथवा अन्य जोड़ वाले स्थान के आस- पास के हानिकारक टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकालता हैं साथ ही जोड़ो के लुब्रिकेंट को बढ़ाता हैं जिससे घुटनों अथवा जोड़ो के दर्द में राहत मिलती हैं .

एप्पल साइडर सिरका लेने का तरीका :

सिरका नहाते वक्त अपने गरम पानी में दो कप भरकर मिलायें एवम उस पानी से घुटनों की सिकाई करें .

एप्पल साइडर सिरका के साथ सरसों का तेल लेकर उससे घुटनों की मालिश करें .
दो टेबल स्पून एप्पल साइडर सिरका दो गिलास पानी में मिलायें और धीरे- धीरे उस पानी को पियें .
इससे घुटनों के दर्द एवम अन्य जोड़ो के दर्द में राहत मिलेगी .

मैथी दाना :

मैथी दाना जोड़ो के एवम घुटनों के दर्द में राहत देता हैं . इसके लगभग 30 से 90 दिनों के सेवन बाद बरसों पुँराना दर्द ठीक होने लगता हैं .

मैथी दाना कैसे ले :

10 से 15 ग्राम मैथी दाने का चूर्ण बनाकर रखले और रोजाना खाली पेट एक गिलास गरम पानी के साथ एक चम्मच खाले .

8 से 10 मैथी दाने को रात भर भिगो कर रखे सुबह उठते ही उसे पानी सहित खाले .
रोजाना 30 से 90 दिन यह उपाय करने पर बरसो पुराने घुटने के दर्द या अन्य जोड़ो के दर्द से आपको राहत मिलेगी .

अदरक का सेवन :

अदरक एक गुणकारी जड़ीबुटी की तरह काम करता हैं इसके सेवन से कई तरह के रोग दूर होते हैं . अदरक एक दर्द निवारक की तरह काम करता हैं इसके सेवन से शरीर के सभी दर्द दूर होते हैं साथ मस्सल्स दर्द भी ठीक होता हैं .यह मांस पेशी कि जकड़न को कम करता हैं जिससे दर्द में राहत मिलती हैं .

कैसे करें अदरक का सेवन :

रोजाना दो से तीन बार अदरक की चाय पियें .
अदरक का रस को पानी में मिलाकर उसे उबाले और शहद एवम नींबू के रस के साथ मिलाकर पीयें .

अदरक का रस एवम शहद मिलाकर पीयें .

अदरक के तेल से घुटनों एवम दर्द वाली जगह पर रोजाना 2 से 3 बार मालिश करे .
अदरक के यह सभी उपाय आपको घुटनों के दर्द में राहत देंगे .

गुणकारी हल्दी दे घुटनों के दर्द में राहत :

दर्द में हल्दी बहुत फायदेमंद हैं जिसमें ऐसे गुण होते हैं जो दर्द विनाशक होते हैं . साथ ही शरीर के अंगो की सुजन ठीक करने में भी सहायक होते हैं . अतः लोग रात्रि में हल्दी का दूध लेते हैं . गठिया के दर्द में भी हल्दी अत्यंत लाभकारी हैं .

कैसे ले हल्दी ?

आधा चम्मच हल्दी को एक गिलास पानी में डालकर उसे उबाले और शहद के साथ ले .
हल्दी को गरम करके शहद के साथ चाटे .
आधा चम्मच हल्दी दूध में डालकर उबाले और उसे पीयें .
इस तरह किसी न किसी रूप में हल्दी का सेवन करें इससे शारीरक दर्द में आपको राहत मिलेगी .

नीबू एवम आँवला :-

किसी भी तरह के दर्द में राहत के लिए नींबू एवम आँवला खाने से शारीरक दर्द अथवा गठिया के दर्द में राहत मिलती हैं इसके लिए नींबू को रोजाना खाने के साथ ले सकते हैं . आँवले का रस भी ले सकते हैं .

इस तरह यह सभी बहुत अच्छे, आसान एवम बिना किसी नुकसान के किये जाने वाले उपाय हैं जिनसे घुटनों के दर्द में राहत मिलती हैं .

यह घुटनों में दर्द के लिए घरेलू नुस्खे इसके अलावा कुछ योगासन हैं जो घुटनों के साथ, पीठ एवम कमर के दर्द में भी फायदेमंद रहते हैं .

सबसे मुख्य जिनके घुटनों में दर्द (Ghutno main dard ) रहता हैं उन्हें रोजाना 30 मिनिट सैर करना जरुरी हैं और अगर आप दौड़ सकते हैं तो बहुत अच्छा होगा .

घुटनों में अथवा अन्य शारीरक दर्द के लिए योगासन :

क्रमांक योगासन नाम कैसे करें योगासन

1 ताड़ासन :-

सीधे खड़े होकर, अपनी पीठ सीधी करें और धीरे से अपने पंजो के बल पर खड़े होकर जितना हो सके उसे खींचे . ऐसा बार- बार करें और कुछ समय उसी स्थिती में होल्ड करें .

2 पदहस्तासन :-

इसमें सीधे खड़े होकर कम को आगे की तरफ झुकाते हैं और घुटनों को मोड़े बिना पैर के पंजे छूते हैं .

3 पर्वतासन :-

इसमें हाथो को आगे की तरफ ले जाते हुए फर्श पर रखते हैं एवम पैरो को पीछे की तरफ ले जाते हैं. पीठ को उपर की तरफ रखते हैं एक पर्वत का आकार बनाते हैं . साथ ही रीढ़ की हड्डी एवम घुटनों को सीधे रखते हैं .

4 त्रिकोणासन :-

इसमें पैरो को फैलाकर कमर से झुकते हैं एवम सीधे हाथ से उल्टा पैर एवम उलटे हाथ से सीधे पैर के पंजे को क्रमशः छूटे हैं .

5 भुजंगासन :-

इसमें पेट के बल लेट कर हाथ के पंजो को जमीन पर सटा कर रखते हैं और कोहनी को थोड़ा खोलकर शरीर आगे के भाग को उपर की तरह उठाते हैं . ध्यान रहे कोहनी थोड़ी मुड़ी हुई रहती हैं .

6 अश्व संचालनासन :-

अपने बायें पैर/ दायें पैर को दोनों हांथो के बीच रखे और घुटने को मोड़े, दाहिने पैर/ बायें पैर को पीछे कि तरफ ले जायें . गर्दन को पीछे के तरफ जितना हो सके झुकायें . पैर बदल कर पुन: प्रक्रिया दौहरायें .

योग के बहुत से फायदे हैं इसे जीवन का अहम् हिस्सा बनांये . किसी भी बीमारी का घरेलु इलाज ही सबसे उत्तम उपाय होता हैं .क्यूंकि ना इसमें बहुत पैसा लगता हैं और ना ही कोई नुकसान पहुँचता हैं .साथ ही इसके कई लाभ मिलते हैं . योग के एक नहीं अनेक लाभ हैं . यह योग के लाभ जानने के लिए क्लिक करे .योग के लाभ जानने के लिए पढ़े.

योग विधा में सबसे अधिक उपयोगी योग सूर्य नमस्कार हैं . जिसके कई फायदे हैं यह वजन कम करने के साथ शरीर को सुडोल बनाता हैं . इसके सभी 12 योगो में सारे गुण विद्यमान हैं . बड़े- बड़े फिल्म स्टार भी रोजाना सूर्य नस्कार से अपने दिन की शुरुवात करते हैं . समय निकालकर अपने जीवन को स्वस्थ बनाये और सूर्य नमस्कार करें . यह शरीर की बनावट को संतुलित करता हैं और उसमे लचीलापन बनाये रखता हैं जिससे शारीरिक दर्द से राहत मिलती हैं .सूर्य नमस्कार के बारे में विस्तार से पढ़े .

घुटनों के दर्द में राहत के लिए इस आर्टिकल से आपको कितना फायदा हुआ . क्या आप इसके अलावा भी अन्य नुस्खे जानते हैं जिससे रोगियों को राहत मिले तो हमसे जरुर शेयर करें .

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अच्छी नींद के लिये घरेलु उपाय | Good Sleep Tips….

अच्छी नींद के लिये घरेलु उपाय | Good Sleep Tips…………

 

नींद संबंधी परेशानी स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं, जिसके कारण थकावट और बैचेनी बनी रहती हैं | नींद एक आवश्यक चीज़ है, शरीर के लिए कम और ज्यादा नींद शरीर की क्रियाओं को असंतुलित करती हैं |

क्या हैं अच्छी नींद ( What is Good Sleep)

बच्चों के लिए 9 से 10 घंटे |
युवाओं के लिए 7 से 8 घंटे |
वृद्धो के लिए 5 से 6 घंटे |
उपरोक्त दिए आकंड़ो के अनुसार नींद लेने से तन में स्फूर्ति रहती हैं और दिमाग में शीतलता बनी रहती हैं |पर्याप्त नींद गहरी और शांत होना ही संतुलित नींद हैं |

नींद संबंधी दो परेशानी होती हैं (Tips Of Bad Sleep )

ज्यादा नींद आना
कम नींद आना

नींद कम अथवा ज्यादा आने से होने वाली परेशानी (Disadvantages Of Bad Sleep)

मन अशांत रहता हैं | बात- बात पर गुस्सा आता हैं | काम या पढ़ने में दिमाग नहीं लगता |
भूख कम लगती हैं जिससे कमज़ोरी आती हैं |
पाचन क्रिया सही नहीं रहती हैं |
सिर दर्द एवम शरीर दर्द |
नींद कम आने से वजन बढ़ने लगता हैं |
चेहरा मुरझाने लगता हैं |
कभी कभी चक्कर आने जैसी समस्या बढ़ जाती हैं | यह परेशानी दिमाग पर गहरा असर डाल सकती हैं क्यूंकि संतुलित नींद से शरीर और दिमाग चुस्त दुरुस्त रहता हैं जिससे जीवन के हर क्षेत्र में मनुष्य का रुझान बढ़ता हैं |

नींद ज्यादा आने के कारण (Reasons Of Bad Sleep)

मन का एकाग्रचित्त ना होना |
दिनचर्या असंतुलित होना |
एक बार में 7 से 8 घंटे की नींद ठीक से ना होना |
मधुमेह के रोगियों को अधिक नींद आती हैं |

नींद ना आने के कारण :

मानसिक तनाव
अत्यधिक थकावट
पेट ख़राब होना

दिनचर्या संतुलित ना होना | अर्थात सोने,उठने एवम खाने पीने का कोई निश्चित समय ना होना |
मानसिक तनाव एक बहुत बड़ा कारक हैं जिसके कारण नींद कम आती हैं |

अत्यधिक नींद कम करने के आसान घरेलु उपाय 

1 बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि अगर सुस्ती बनी रहे और नींद आये तब पान में एक लोंग लपेट कर चबा-चबा कर खाना चाहिये | नींद कम होगी, आलस कम होगा, सिर दर्द अथवा भारीपन कम होगा, साथ ही पढ़ने में रूचि बनी रहेगी अर्थात पढ़ते वक्त नींद नहीं आएगी |

2 सुबह- सुबह लेमन टी अर्थात चाय पत्ती, गरम पानी के साथ नींबू डालकर बिना दूध की चाय बनाकर पिए | इससे ताजगी बनी रहेगी, नींद दूर जायेगी, दिमाग दुरुस्त होगा|

3 वज्रासन दोनों पैरो को मोड़ कर समान रूप से उन पर वजन डालकर बैठने की आदत बनाये इससे दिमाग और शरीर चुस्त रहता हैं | नींद कम आएगी, पेट के रोग कम होंगे, एकाग्रता बढ़ेगी

4 ठंडे पानी से आँखे,चेहरा एवम पैर धोये | नींद कम होगी, ताजगी महसूस होगी, मन प्रसन्न होगा
जिस तरह नींद ज्यादा आने से व्यक्ति में आलस और बैचेनी बनी होती हैं उसी तरह नींद ना आने से भी मनुष्य को बहुत तकलीफ होती हैं |

पर्याप्त अथवा अच्छी नींद आने के आसान घरेलु उपाय (Neend Ke Liye Gharelu Upay): 

1 सोने से पहले पैरो को गरम पानी से धोये इससे थकावट दूर होगी और नींद आएगी |
2 पैरो के तलवे में सरसों के तेल की मालिश करें | बाये हाथ से दायें पैर के तलवे में एवम दायें हाथ से बायें पैर के तलवे में | इससे रक्तचाप नियंत्रित रहता हैं और नींद अच्छी आती हैं |
3 सलाद में कच्चा प्याज खाने से भी नींद अच्छी आती हैं | इससे नींद आती हैं मानसिक शांति मिलती हैं |
4 पुदीने की पत्ती को पानी में उबालकर पीने से भी नींद आती हैं | दिमाग शांत होता हैं इससे पाचन क्रिया भी ठीक रहती हैं |
5 रात को कुनकुना दूध पीयें नींद अच्छी आती हैं साथ ही पेट साफ़ रहता हैं |

अच्छी नींद के लिये घरेलु उपाय (Good Sleep Tips )

हमेशा रोज एक ही समय में सोना चाहिए और उठना चाहिए. चाहे छुट्टी हो या वीकेंड, रोज सोने का समय एक ही रखें, और उठने का भी. इससे आपकी आदत ही बन जाएगी और आपको उस समय में खुदबखुद नींद आएगी.

लेटने के बाद अगर 15 min तक नींद नहीं आती है तो उठ जाएँ और कुछ ऐसा करें जिससे आप रिलैक्स महसूस करें. थोड़ी देर बाद थकान महसूस होगी और आपको नींद आने लगेगी.
कभी खाली पेट नहीं सोना चाहिए. भूख के कारण भी आपको नींद नहीं आएगी.

अधिक ड्रिंक लेकर भी नहीं सोना चाहिए, इससे रात में कई बार आपकी बाथरूम के लिए नींद खुलेगी, जिससे नींद ख़राब होगी.

निकोटिन, कैफ़्रिन एवं अल्कोहल अच्छी नींद में रूकावट पैदा करते है. इसे लेने के बाद आपको पीसफुल नींद नहीं आएगी. अल्कोहल लेने के बाद शुरुआत में तो आपको नींद आएगी, लेकिन रात में ये अच्छी नींद नहीं लाता है.

सोने से पहले रोज एक ही जैसी चीज करें. जैसे अगर आप सोने से पहले बुक पढ़ते है, या आरामदायक म्यूजिक सुनते है, या गर्म पानी से नहाते है, तो रोज ही ये काम करें. ऐसा करने से ये आपकी आदत बन जाएगी, और इसके होते ही आपको नींद आने लगेगी.

इलेक्ट्रॉनिक आइटम से रात को सोने से पहले दुरी बनाये. इसे अपनी आदत में शामिल न करें.
सोने का माहोल बनाये, मतलब बिस्तर जमाये, लाइट बंद करें, इससे कुछ देर बाद खुद ही नींद आने लगेगी.

रात को 10 min टहलने से भी अच्छी नींद आती है.
शाम को योग करने से भी, रात को अच्छी नींद आती है.

रात को भारी खाने से बचें, हल्का खाना ही खाए, वो सोने के कम से कम 3 घंटे पहले खा लें.
अपने मन को शांत रखे, मन में आने वाले बुरे विचारों को दिमाग से निकालें, उसकी अपेक्षा दिन में जो अच्छा हुआ उसके बारे में सोचें.

प्राथना करके सोने की आदत डालें, सोने से पहले उस दिन के लिए परमेश्वर का शुक्रिया करें, अपने मन की सारी बातें उनसे बोलें, और शांत मन से सोने की कोशिश करें.
दिन में सोने की आदत को अलविदा कहें.

अच्छी नींद के फायदे (Benefits Of Good Sleep )

पाचन तंत्र सुचारू रहता हैं |
शरीर का वजन संतुलित रखने में महत्वपूर्ण कारक हैं |
तन और मन खुशमिजाज रहता हैं |
एकाग्रता बढ़ती हैं |
चिंतामुक्त शरीर रहता हैं |
सिर दर्द और अंगो के दर्द से राहत मिलती हैं |
स्फूर्ति बनी रहती हैं |
रोगों के प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं |

इस एक पोस्ट में नींद से संबंधी लगभग सभी समस्याओ के बारे में बताया गया है| नींद एक जरुरी करार हैं अगर इन सभी घरेलु उपचार से आपको राहत नहीं मिली हैं, तब किसी डॉक्टर से जरुर सम्पर्क करे | नजरअंदाज ना करे |

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आप भी रह जाएंगे दंग, जब जानेंगे खाली पेट ( Hot water) गर्म पानी पीने के फायदे

आप भी रह जाएंगे दंग, जब जानेंगे खाली पेट ( Hot water) गर्म पानी पीने के फायदे…………..

 

जल हीं जीवन है ये बात हर कोई जनता है, यहां तक की अगर शरीर में किसी भी तरह की तकलीफ हो तो डॉक्टर भी खूब पानी पिने की सलाह देते हैं | पर आज बदलते जीवन शैली में लोग अब दिन की शुरुआत खली पेट चाय से करते हैं जो बाद में कई खतरनाक बीमारियों का कारण बनता है | अगर हम वही दिन की शुरुवात चाय के बजाए ( Hot Water ) गर्म पानी से करें तो स्वस्थ रहेंगे और बहुत से बिमारियों को अपने शरीर से निकाल फेंकेंगे |

तो आइये जानते है खाली पेट गर्म पानी पीने के फायदे :- 

1. अगर आपके शरीर के किसी हिस्से में पेट में गैस होने के कारण दर्द हो रहा हो तो एक गिलास गर्म पानी Hot Water का सेवन करें गैस बाहर निकल जायेगा और दर्द भी खत्म हो जायेगा |

2 . ब्लड सर्कुलेशन :-

प्रतिदिन गर्म पानी ( Hot Water ) पीने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन संतुलित रहता है | चुकी गर्म पानी ( Hot Water) शरीर का तापमान बढ़ता है जी कारण पसीना आता है और पसीने के माध्यम से शरीर की सारे जहरीले तत्व बाहर हो जाते हैं |

3. सुबह खाली पेट तथा रात में भोजन के बाद गर्म पानी ( Hot Water ) पीने से पाचन संबंधी समस्याएं खत्म हो जाती है और कब्ज और गैस जैसी समस्याएं परेशान नहीं करती हैं |

4. वजन घटाने में:-

गुनगुना पानी वजन घटाने में भी बहुत लाभदायक होता है | खाना खाने के एक घंटे बाद गुनगुना पानी पीने से मेटॉबालिम्म बढ़ता है।अगर इस गुनगुने पानी में थोड़ा नींबू व कुछ बूंदे शहद की मिला ली जाएं तो इससे बॉडी स्लिम हो जाती है |

5. खाली पेट गुनगुना पानी पीने से पेशाब सम्बंधित रोग दूर हो जाते हैं, दिल की जलन कम हो जाती है | और वात से उत्पन्न रोगों में गर्म पानी अमृत समान लाभदायक है |

6. लड़कियों एवं महिलाओं को पीरियड्स के दौरान अक्सर पेट दर्द होता है ऐसे में एक गिलास गुनगुना पानी पीने से दर्द में बहुत राहत मिलती है |

7. बुखार में :-

प्यास लगने पर मरीज को ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए | गर्म पानी ही पीना चाहिए बुखार में गर्म पानी अधिक लाभदायक होता है |

8. गुनगुना पानी त्वचा के लिए टॉनिक का काम करता है रोजाना एक गिलास गुनगुना पानी का सेवन शुरू कर दें, आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री हो जाएगी व ग्लो करने लगेगी |

9. पेट की अधिकांश बिमारियों का कारण दूषित पानी होता है ऐसे में अगर आप पानी को उबाल कर फिर ठंडा कर पीया जाए तो जो पेट की कई अधिकांश बीमारियां पनप ही नहीं पाएंगी |

10. कफ और सर्दी संबंधी रोग :-

गुनगुने पानी से कफ और सर्दी संबंधी रोग बहुत जल्दी दूर हो जाते हैं | दमा ,हिचकी ,खराश आदि रोगों में और तले भुने पदार्थों के सेवन के बाद गुनगुने पानी पीना बहुत लाभदायक होता है |

11 . भूख बढ़ाने में भी एक गिलास गुनगुना पानी बहुत उपयोगी है | एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू का रस और काली मिर्च व नमक डालकर सेवन करें इससे पेट का भारीपन कुछ ही समय में दूर हो जाएगा |

अगर आप हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत हैं तो रोजाना गुनगुने पानी का सेवन करें बेहतरीन औषधि की तरह काम करेगा |

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NASA धूल मिट्टी का नहीं है भारत में नामोनिशान

NASA से आई खबर, धूल मिट्टी का नहीं है भारत में नामोनिशान……..

 

 

भले लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से घर में रहते हुए आप बोर हो रहे होंगे. लेकिन इस बीच एक अच्छी बात ये है कि आपके घर के दरवाजे और खिड़की से आने वाली हवा ज्यादा साफ और सुरक्षित है. अमेरिकी संस्था नासा (NASA) ने भारत की एक ताजा फोटो जारी की है. इसे देखकर आपको एक सुखद आश्चर्य हो सकता है.

धूल मिट्टी पर्यावरण से गायब :-

नासा ने हाल ही में भारत की एक तस्वीर जारी की है. वैज्ञानिकों ने 2016-2020 तक की फोटो के जरिए बताया है कि पूरे भारत में धूल मिट्टी का स्तर बिलकुल कम हो गया है. जहां 2016 में सेलेलाइट से देखने पर पूरा भारत सिर्फ मिट्टी और धूल से भरा नजर आता रहा है. वहीं लॉकडाउन के बीच भारत की जमीन बिलकुल साफ नजर आ रही है.

नदियों का पानी साफ हुआ :-

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन कई मायनों में फायदेमंद भी साबित हुआ है. मसलन, कारखानों के बंद होने से नदियों का पानी साफ हुआ है. निर्माणकार्य ठप्प होने की वजह से वातावरण में धूल मिट्टी बिलकुल नहीं है. इसके अलावा गाड़ियों और फैक्टरियों से निकलने वाले धुंए से राहत मिली है जिसकी वजह से हवा की क्वालिटी काफी सुधरी है.

पर्यावरण :-

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए भारत में लॉकडाउन लागू है. सबकुछ बंद होने की वजह से कामकाज ठप्प है. लेकिन इसकी वजह से पर्यावरण को फायदा हुआ है. एयर क्वालिटी अच्छी हुई है. जबकि पेड़-पौधे भी खूब उग रहे हैं.

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कोरोना वायरस का अंत होने के बाद जाने क्या होगा और कैसी होगी हमारी नयी जिंदगी ….

कोरोना वायरस का अंत होने के बाद जाने क्या होगा और कैसी होगी हमारी नयी जिंदगी ………..

 

ये तो कोई नहीं जानता कि कोरोना वायरस कैसे और कब खत्म होगा। मगर इतना जरूर तय है कि कोरोना वायरस का अंत होने के बाद दुनिया में कई सारे बदलाव देखने को जरूर मिलेंगे। अब जाहिर सी बात है कि कोरोना वायरस का असर सिर्फ एक व्यक्ति या एक शहर पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ा है। तो ऐसे में कोरोना वायरस से छुटकारा पाने के बाद इस दुनिया में परिवर्तन का आना तो लाजिमी है। बहरहाल पूरी दुनिया में फैली इस महामारी का अंत होने के बाद क्या क्या परिवर्तन देखने को मिलेंगे, हम आपको इससे रूबरू करवाना चाहते है।

कोरोना वायरस खत्म होने के बाद हो सकते है ये परिवर्तन :-

सबसे पहले अगर हम डिजिटल सर्विस की बात करे तो सोशल मीडिया पर आने वाले ट्रैफिक में काफी इजाफा होगा। इसके साथ ही इस समय चल रही खराब अर्थव्यवस्था के कारण विज्ञापन पर खर्च भी कम होगा। वही अगर हम ई कॉमर्स के मुनाफे की बात करे तो कम लोगों से सम्पर्क होने के कारण ई कॉमर्स साइट्स, फ़ूड डिलीवरी सर्विस और लॉजिस्टिक कंपनियों को भी मुनाफा होगा।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस से छुटकारा मिलने के बाद जॉब ऑटोमेशन और रिमोट वर्किंग के दौर में भी काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा। ऐसे में कई काम खुद ही संचालित होंगे और श्रम बल की भागीदारी भी कम हो जाएगी। बता दे कि रिमोट डोमेस्टिक से रिमोट ओवरसीज के दौर में दूर से किए जा सकने वाले कामों में विकासशील देशों में मौजूद कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।

घर बैठे ही टेस्ट और इलाज किए जायेंगे :- 

अगर हम मेडिकल क्षेत्र की बात करे तो घर बैठे ही टेस्ट और इलाज किए जायेंगे। इसके साथ ही शारीरिक गतिविधियों पर निगरानी रखने वाले उपकरणों की मांग भी बढ़ेगी। यहाँ तक कि टेली मेडिसिन, रिसर्च, बायोटेक और हेल्थ केयर में भी फंडिंग होगी। इसके इलावा बिना क्लिनिक जाएँ घर बैठे ही डॉक्टर्स से सलाह ली जा सकेगी।

सरकार द्वारा उठाएं जा सकते है ये सख्त कदम :-

यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि लॉक डाउन खत्म होने के बाद लोग ज्यादातर उन्ही जगहों पर जाना पसंद करेंगे, जहाँ मेडिकल सुविधाएँ बेहतरीन होंगी। वही अमीर मुल्कों में श्रम की कमी को पूरा करने के लिए कुशल कर्मचारियों की मांग भी बढ़ जाएगी।

बता दे कि सरकार द्वारा भविष्य में आपातकालीन शक्तियों को अपनाया जाएगा। ऐसे में जब खतरा नहीं होगा, तब हालात पूर्ववर्ती हो जायेंगे। यहाँ तक कि अब घुसपैठ को लेकर ज्यादा सख्त निगरानी रखी जाएगी और राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय चेकपोस्ट पर बायोमेट्रिक स्क्रीनिंग भी लागू की जाएगी। वही दूसरी तरफ खास मुल्कों से आने वाले यात्रियों को क़्वारन्टाइन भी किया जा सकता है।

कोरोना वायरस का अंत:-

बहरहाल भविष्य में कोरोना वायरस जैसे खतरे से बचने के लिए सरकार को दूर की सोच रखते हुए एजेंसियों की स्थापना भी करनी पड़ेगी। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन से सामना करने के लिए एकजुट होना भी जरूरी है। जी हां सरकार को स्थिरता के साथ साथ निवेश को भी प्रोत्साहन देना पडेगा।

यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो कोरोना वायरस का अंत होने के बाद ये सभी परिवर्तन दुनिया में देखने को मिल सकते है।

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जानिए किडनी फैल होने के कारण, लक्षण और उपचार (Kidney Disease)…

जानिए किडनी फैल होने के कारण, लक्षण और उपचार (Kidney Disease)…………….

 

किडनी या गुर्दे हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग हैं क्योंकि हमें जीवित रखने के लिए शरीर में होने वाले सैकड़ों फंक्शन किडनी के माध्यम से होते हैं। यह गंदगी बाहर निकालने वाले सिस्टम का एक बहुत अहम हिस्सा हैं। दोनों किडनियों में खून साफ होता है। हमारी दोनों किडनियों में छोटे-छोटे लाखों फिल्टर होते हैं जिन्हें नेफरोंस कहते हैं। नेरोफेंस हमारे खून को साफ करने का काम करते हैं। किडनी हमारे शरीर में सोडियम, पोटैशियम और पीएच लेवल को भी संतुलित करती है।

गलत खान पान और प्रर्यापत मात्रा में पानी न पीने की वजह से हमरी किडनी खराब होने लगती है और काम करना बंद कर देती हैं। ऐसी स्थिति में डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। हाल में ही की गयी एक स्टडी के मुताबिक देश में औसतन 14 फीसदी महिलाएं और 12% पुरूष किडनी की समस्या से पीड़ित हैं। अगर आपको नहीं पता है तो बता दे हर साल 14 मार्च को World Kidney Day मनाया जाता है।

किडनी फैल होने के कारण : –

प्रर्यापत मात्रा में पानी न पीना।
दूषित भोजन करना।
जयादा ठंडी चीजो का सेवन करना।
दूषित पानी का सेवन।
उच्च रक्तचाप।
खराब दिनचर्या।
पूरी नींद नहीं लेना।
हॉर्मोन इम्बैलेंस।
बढ़ता हुआ ग्लूकोज लेवल।

किडनी के रोग (Kidney Diseases ) :-

एक्यूट किडनी रोग : जब में गुर्दे से सम्बंधित कोई समस्या होती है तो व ज्यादा लम्बे समय न रहकर कुछ समय या निश्चित समय तक ही रहती है तो उस स्तिथि को हम कहते है एक्यूट किडनी समस्याएं किडनी में अचानक होने वाली समस्याएं हैं। जैसे- किसी दवा, इंफेक्शन या रेडियोएक्टिव डाई के कारण किडनी की किसी टिशू (ऊतक) में कोई समस्या आ जाना आदि

एक्यूट किडनी रोग के लक्षण (Acute Kidney Disease Symptoms) : –

शरीर के अंगों में सूजन
पेशाब करते समय जलन और दर्द
पेट या पीठ में दर्द होना
पेशाब रुक-रुक कर आना या कम आना
भूख न लगना

क्रॉनिक किडनी रोग :-

कोई भी वो समस्या जो अनिश्चित काल तक रहती है यानी आसान शब्दों में कहे तो यूँ लगा लीजिए जो बीमारी कुछ समय न रहकर लम्बे समय के लिए हो जाती है उसको हम क्रोनिक रोग कहते है ऐसा की किडनी रोग के मामले में है जो लंबे समय तक रहती है और आसानी से ठीक नहीं होती है। जब किसी व्यक्ति की एक या दोनों किडनियां काम करना बंद कर देती हैं, तो उसे डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा किडनी ट्रांसप्लांट भी इस समस्या का आखरी इलाज है।

क्रॉनिक किडनी रोग के लक्षण (Chronic Kidney Disease Symptoms) :-

पैरों, चेहरे और आंखों के चारों तरफ सूजन आना (यह सुबह में ज्यादा दिखाई देती है)।
भूख कम लगना, मितली व उल्टी आना, कमजोरी लगना, थकान होना एवं शरीर में रक्‍त की कमी।
कम उम्र में उच्च रक्‍तचाप होना या अनियंत्रित उच्च रक्‍तचाप होना।
सामान्य से कम पेशाब आना।
ऊतकों में तरल पदार्थ रुकने से सूजन आना।
ज्‍यादा थका हुआ महसूस करना या अधिक नींद आना।
भूख न लगना, वजन कम होना और सोने में परेशानी होना।

किडनी की पथरी ( Kidney Stone ) :-

किडनी की पथरी एक गंभीर और आम समस्या है। यूं तो इसके होने के कई कारण होते हैं, लेकिन अगर हम सामान्य कारणों की बात करे तो पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और खान-पान की गलत आदतें व खराब जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं। अधिकतर मामलों में पथरी का कारण किडनी में कुछ खास तरह के साल्ट्स का जमा हो जाना होता है। वो साल्ट किसी भी तरह का हो सकता है जैसे कैल्शियम, सोडियम, फॉस्फोरस आदि।

उपचार :

Kidney Disease

यूरिन टेस्ट :

यूरिन टेस्ट के द्वारा यूरिन में एल्बुमिन की जांच की जाती है। एल्बुमिन एक तरह का प्रोटीन होता है, जो किडनी के खराब होने पर पेशाब के रास्ते से शरीर से बाहर निकलने लगता है।

किडनी बायोप्सी :

बीओप्सी की जांच करने के डॉ किडनी से एक छोटा सा टुकड़ा लेता है और उसे जांच के लिए लैब में भेज देता है इस जांच मदद से बीमारी के करने का पता आसानी से लगया जा सकता है और उस बीमारी की स्टेज के बारे में पता लगाया जाता है।

डायलिसिस ( Dialysis) : –

अगर किडनी की बीमारी का लंबे समय तक इलाज नहीं किया जाता है तो गंभीर समस्याएं आनी शुरू हो जाती हैं और गुर्दा फेल होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। जब दोनों किडनी फैल हो जाती है तब डायलिसिस की मदद से खून को साफ किया जाता है अगर मरीर को एक्यूट किडनी रोग हुआ है तो डायलिसिस की प्रक्रिया थोड़े समय के लिए होती है। मगर यदि मरीज को क्रॉनिक किडनी फेल्योर हुआ है और गुर्दे बदलने की हालात में नहीं है तो डायलिसिस लंबे समय तक चलती है।

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क्या सच में नाखून रगड़ने से सफेद बाल हो जाते है काले………………

क्या सच में नाखून रगड़ने से सफेद बाल हो जाते है काले, जाने इसके पीछे की पूरी सच्चाई……………

 

आपने अक्सर ये सुना और पढ़ा होगा कि नाख़ून खाना बहुत बुरी आदत होती है। इससे न केवल आँखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी कई रोग भी हो सकते है। इसलिए अगर आपको नाख़ून खाने की आदत है तो इस आदत को आज से ही बदल दीजिये और नाख़ून रगड़ने की आदत शुरू कर दीजिये।

जी हां आप अगर हाथों के नाख़ून रगड़ेंगे तो इससे आपको काफी बड़ा फायदा होगा। अब कुछ लोगों का मानना है कि हाथों के नाख़ून रगड़ने से आँखों की रोशनी तेज होती है और कुछ लोगों का कहना है कि इससे चर्बी कम होती है। मगर हम आपसे कहते है कि इससे आपके झड़ते हुए बालों की समस्या कम हो सकती है। यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो इससे आपके बालों को काफी लाभ पहुँचता है।

बाल झड़ने की असली वजह :-

सबसे पहले तो हम आपको ये बता दे कि बाल झड़ने की असली वजह क्या होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सही तरह से पौष्टिक भोजन न करना है। अब जाहिर सी बात है कि आज के समय में लोग घर का खाना खाने की बजाय बाहर का भोजन खाना ज्यादा पसंद करते है। तो ऐसे में बाहर के खाने का मौजूद तीखे का मसालों का केवल स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि बालों पर भी गलत प्रभाव पड़ता है। इसके इलावा अगर गलत शैम्पू हाथ लग जाएँ यानि अगर गलत शैम्पू का इस्तेमाल किया जाएँ तब भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है।

बाबा रामदेव द्वारा बताया गया है यह नुस्खा :-

वही दूसरी तरफ बालों को सही पोषण न मिलने के कारण भी ये समस्या हो सकती है। इसलिए बालों की केयर करना सीखिए और कुदरती चीजों का इस्तेमाल कीजिये। अब अगर आप बालों को झड़ने से बचाना चाहते है तो इस नुस्खे को जरा ध्यान से पढ़ लीजिये। यह नुस्खा बाबा रामदेव द्वारा बताया गया है। उनका कहना है कि अगर हम नाखूनों को लगातार करीब पांच मिनट तक भी रगड़ेंगे तो इससे काफी फायदा होगा।

नाखून रगड़ना भी एक योग है :-

दरअसल यह एक योग ही है, जो काफी सालों से आजमाया जा रहा है। इस योग को करने से आपके बालों तक रक्त काफी तेजी से बढ़ता है। इसके साथ ही खाने में केवल पौष्टिक चीजों का ही सेवन करे और बालों का भरपूर ध्यान रखे। वैसे अब तो आप समझ गए होंगे कि अगर हाथों के नाख़ून रगड़ेंगे तो काफी फायदे में रहेंगे।

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if you seen these symptons than dont forget to test it.

अगर ये लक्षण दिखे, तो कोरोना वायरस की जाँच करवाना बिलकुल न भूले………..

 

इसमें कोई दोराय नहीं कि आज कल कोरोना वायरस का डर चारों तरफ फैला हुआ है। जी हां इस खतरनाक वायरस के कारण हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके है। यही वजह है कि सरकार और आम जनता इस वायरस को लेकर अब काफी सतर्क हो चुकी है। इसके इलावा कोरोना वायरस को लेकर कई रिपोर्ट्स भी सामने आई है। बता दे कि एक रिपोर्ट के अनुसार आपको अगर ये लक्षण दिखे अपने शरीर में, तो इस ख़तरनाक वायरस की जाँच जरूर करवा ले। गौरतलब है कि जर्नल एनल ऑफ इंटरनल मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के लक्षण पांच दिनों में ही नजर आने लगते है।

कोरोना वायरस के मुख्य लक्षण : Coronavirus Symptoms

इस रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस का शिकार होने के बाद इंसान को सूखी खांसी होने लगती है। इसके बाद व्यक्ति को काफी तेज बुखार होता है और उसके शरीर का तापमान बढ़ जाता है। बता दे कि अब तक कई हेल्थ एक्सपर्ट्स भी कोरोना वायरस में तेज बुखार होने का दावा कर चुके है। बता दे कि कोरोना वायरस में इंसान को साँस लेने में काफी तकलीफ होती है। वही एक रिपोर्ट के अनुसार साँस लेने की समस्या फेफड़ों में बलगम फैलने की वजह से होती है। यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि नेशनल हेल्थ सेण्टर और वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने भी कोरोना वायरस के यही लक्षण होने का दावा किया था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण वायरस के प्रकार पर निर्भर करते हैं

लेकिन सामान्य तौर पर :

सांस लेने में परेशानी।
तेज बुखार।
खांसी।
सांस न आना।
छाती और शरीर में अकड़न।
सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

कोरोना वायरस से कैसे बचे :

इसके साथ ही इस वायरस में बदन दर्द और जुकाम होने की समस्या के बारे में बताया गया है। बता दे कि शोधकर्ताओं ने यह रिसर्च चीन के वुहान शहर के बाहर करीब पचास इलाकों में की है। इस दौरान हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा लोगों को चौदह दिनों के लिए सेल्फ आइसोलेट रहने की सलाह भी दी गई है। जी हां रिपोर्ट में भी यह भी बताया गया है कि कोरोना वायरस के लक्षण आम सर्दी, जुकाम, फ्लू, इन्फेक्शन आदि से मिलते जुलते होते है। ऐसे में अगर आप कोरोना वायरस से बचना चाहते है तो थोड़ी थोड़ी देर में अपने हाथों को साबुन से धोते रहे और साथ ही अपने नाक, मुँह और चेहरे को हाथ न लगाएं। जितना हो सके उतना कम लोगों से मिले और हाथ मिलाने की बजाय हाथ जोड़ कर मेल जोल बनाएं रखे।

साफ सफाई का रखे पूरा ध्यान :

जरुरी हो तब ही घर बाहर निकले और अपने मुँह को मास्क से ढक कर रखें। बता दे कि किसी भी चीज को हाथ लगाने के बाद करीब बीस सेकंड तक अपने हाथों को धोएं। बार बार अपने हाथो को मुँह, नाक और आँख के संपर्क में न आने दे। इसके इलावा जो व्यक्ति कोरोना वायरस का शिकार है उससे दूर रहे और जिन लोगों को खांसी, जुकाम की शिकायत है उनसे भी दूरी बनाएं रखे। गौरतलब है कि अगर आप कोरोना वायरस के शिकार है तो कही भी बाहर जाने से बचे और डॉक्टर की सलाह लेते रहे। इसके साथ ही साफ सफाई का पूरा ध्यान रखे।

बता दे कि अगर मुँह पर हमेशा टिश्यू पेपर रख कर ही खांसी या छींके और फिर उस टिश्यू पेपर को बंद डस्टबिन में फेंक दे। अगर हो सके तो नॉन वेज बिलकुल न खाएं अगर फिर भी खाते हैं तो सफाई का पूरा ध्यान रखे और कच्चा आधा पका हुआ मांस कभी न खाएं।

अगर पांच दिन में दिखे

यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि लोग भले कोरोना वायरस को लेकर सतर्क हो चुके है, लेकिन फिर भी अगर आपको ऐसे कोई लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टर के पास जरूर जाएँ। यानि अगर ये लक्षण दिखे तो हो जाएँ पूरी तरह सतर्क।

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सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरत में डाल देंगे ,Mustard Oil Benefits…

सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरत में डाल देंगे ,Mustard Oil Benefits…………..

 

सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है. सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं. जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है.

हम सभी के घरों में सब्जी बनाने या फिर नॉन-वेज बनाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है. कुछ जगहों पर इसे कड़वा तेल के नाम से भी जाना जाता है.
सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के ही लिए बहुत फायदेमंद है. सरसों के तेल में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं. जोड़ों का दर्द हो या फिर कान का दर्द, सरसों का तेल एक औषधि की तरह काम करता है.

आमतौर पर लोग इसे सिर्फ तेल समझकर ही इस्तेमाल करते हैं पर आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आयुर्वेद में इसे औषधि की श्रेणी में रखा गया है. सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरान कर देंगे.

सरसों के तेल के ये फायदे आपको हैरान कर देंगे.

दर्दनाशक के रूप में जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है. …
त्वचा के लिए फायदेमंद सरसों का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है. …
भूख बढ़ाने में मददगार …
वजन घटाने में मददगार …
अस्थमा की रोकथाम …
दांत दर्द में फायदेमंद …
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

1. दर्दनाशक के रूप में

जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा सरसों के तेल के सेवन से अंदरुनी दर्द में भी आराम मिलता है.

2. त्वचा के लिए फायदेमंद

सरसों का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें विटामिन ई की पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. इसके सेवन से त्वचा को अंदरुनी पोषण तो मिलता है ही साथ ही इसे चेहरे पर लगाने से त्वचा की नमी भी बनी रहती है.

3. भूख बढ़ाने में मददगार

अगर आपको भूख नहीं लगती है और इसके चलते आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है तो सरसों का तेल आपके लिए खासतौर पर फायदेमंद रहेगा. ये तेल हमारे पेट में ऐपिटाइजर के रूप में काम करता है जिससे भूख बढ़ती है.

4. वजन घटाने में मददगार

सरसों के तेल में मौजूद विटामिन जैसे थियामाइन, फोलेट व नियासिन शरीर के मेटाबाल्जिम को बढ़ाते हैं जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है.

5. अस्थमा की रोकथाम

अस्थमा से पीड़ि‍त लोगों के लिए सरसों का तेल खासतौर पर फायदेमंद होता है. सरसों में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो अस्थमा के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है. सर्दी हो जाने पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.

6. दांत दर्द में फायदेमंद

अगर आपके दांतों में दर्द है तो सरसों के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करें. ऐसा करने से दांतों का दर्द दूर हो जाएगा और दांत भी मजबूत बनेंगे.

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

सरसों का तेल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है. शरीर की अंदरुनी कमजोरी को दूर करने के लिए सरसों के तेल का नियमित सेवन करें. इससे मालिश करना भी फायदेमंद रहेगा.

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